बेंगलुरु में रविवार रात एक रिहायशी इलाके में स्थित महिला पेइंग गेस्ट (PG) में आग लगने से हड़कंप मच गया। रात करीब पौने एक बजे हुई इस घटना ने स्थानीय प्रशासन और निवासियों को चौंका दिया। आग लगने के कुछ ही मिनटों के भीतर पूरी इमारत लपटों से घिर गई, जिससे इमारत की ऊपरी मंजिलों पर मौजूद युवतियों के लिए बाहर निकलना असंभव हो गया।
आग फैलने का क्रम: जांच अधिकारियों के अनुसार, आग की शुरुआत पीजी के बगल में स्थित एक एलईडी बैनर की दुकान से हुई थी। दुकान की वायरिंग में हुए शॉर्ट सर्किट ने भीषण आग का रूप ले लिया और तेजी से फैलते हुए चार मंजिला पीजी की इमारत को अपनी चपेट में ले लिया। आग की लपटें इतनी ऊंची थीं कि उन्होंने जल्द ही निकास द्वारों को बाधित कर दिया।
युवतियों का रेस्क्यू: इमारत के भीतर फंसे लोगों के पास भागने का कोई सुरक्षित रास्ता नहीं बचा था। ऐसे में जान बचाने की जद्दोजहद में 30 से अधिक युवतियां इमारत से नीचे कूद गईं। काले धुएं के कारण दम घुटने की स्थिति पैदा हो गई थी, जिसके कारण युवतियों ने नीचे कूदने का जोखिम भरा फैसला लिया और अपनी जान सुरक्षित बचाई।
घटना का CCTV वीडियो: सामने आए सीसीटीवी (CCTV) वीडियो में आग लगने के बाद की भयावह स्थिति और युवतियों की घबराहट स्पष्ट रूप से दर्ज हुई है। वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे युवतियां अपनी जान की परवाह किए बिना खिड़कियों से बाहर आ रही हैं। दमकल विभाग की टीमों ने मौके पर पहुँचकर आग पर काबू पाने और बचाव कार्यों में सहयोग किया।
बड़ी त्रासदी टली: चश्मदीदों और पुलिस विभाग के मुताबिक, समय रहते की गई कार्रवाई से एक बड़ा हादसा टल गया है। सभी युवतियां सुरक्षित बाहर निकलने में कामयाब रहीं और इस घटना में किसी भी व्यक्ति की मृत्यु या गंभीर चोट की जानकारी नहीं मिली है। स्थानीय नागरिकों ने भी संकट की घड़ी में युवतियों को सुरक्षित स्थान पर पहुँचाने में सक्रिय भूमिका निभाई।
भविष्य की सुरक्षा: बेंगलुरु पुलिस अब इस मामले की विस्तृत पड़ताल कर रही है ताकि आग लगने के सटीक कारणों का आधिकारिक रूप से पता लगाया जा सके। पुलिस सुरक्षा मानकों की भी जांच कर रही है ताकि रिहायशी इलाकों में व्यावसायिक गतिविधियों के कारण होने वाले जोखिमों को नियंत्रित किया जा सके और भविष्य में सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।



































