मेरठ पुलिस ने लोहियानगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम अल्लीपुर में एक अवैध हथियार फैक्ट्री को पकड़कर बड़ी कामयाबी हासिल की है। कब्रिस्तान के पास बने एक मकान में चल रहे इस कारखाने ने पुलिस को भी अपनी बनावट से चौंका दिया। यहाँ एक गुप्त तहखाना बनाया गया था, जिसे बेहद गोपनीय तरीके से हथियार बनाने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था।
निर्माण की चालाकी: इस फैक्ट्री का संचालन एक कमरे के भीतर रखे डबल बेड के नीचे से होता था। बेड के नीचे एक विशेष रास्ता तैयार किया गया था जो सीधे नीचे बने तहखाने में खुलता था। सामान्य तौर पर कमरे की तलाशी लेने पर किसी को भी इस बात का आभास नहीं हो सकता था कि नीचे हथियारों का निर्माण किया जा रहा है, क्योंकि सब कुछ सामान्य दिखाई देता था।
छापेमारी का विवरण: पुलिस की स्वाट टीम और सर्विलांस सेल ने सटीक सूचना के आधार पर स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर इस गुप्त ठिकाने पर छापा मारा। पुलिस ने जब बेड के नीचे बने रास्ते को खोज निकाला, तो वहां चल रहे अवैध कारोबार का पूरा सच सामने आ गया। इस कार्रवाई ने अवैध हथियार बनाने वाले गिरोह के हौसले पस्त कर दिए हैं।
भारी मात्रा में हथियार: छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से कुल 11 लोगों को हिरासत में लिया है। तहखाने की तलाशी लेने पर वहां से 8 पूरी तरह से तैयार पिस्टल और 3 अधबनी पिस्टल मिलीं। साथ ही वहां हथियार बनाने के लिए उपयोग किए जाने वाले मैगजीन, बैरल और कई भारी औजार भी बरामद किए गए हैं, जिनसे अवैध पिस्टल को अंतिम रूप दिया जाता था।
महंगे दाम पर तस्करी: एसएसपी अविनाश पाण्डेय के अनुसार, पकड़े गए आरोपी मांग के आधार पर पिस्टल तैयार करते थे और उन्हें प्रति नग 35,000 से 60,000 रुपये के बीच बेचते थे। यह गिरोह काफी समय से इस गोपनीय तरीके का फायदा उठाकर अवैध हथियारों की तस्करी कर रहा था और अच्छा मुनाफा कमा रहा था।
नेटवर्क की तलाश: इस कार्रवाई को मेरठ पुलिस के लिए एक बड़ी सफलता माना जा रहा है क्योंकि इससे तस्करी के एक बड़े और सुरक्षित नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि इस गिरोह के सदस्य किन अन्य जिलों के अपराधियों के संपर्क में थे। अवैध हथियारों की सप्लाई चेन को तोड़ने के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।



































