ईरान की सुरक्षा नीति: ईरान के शीर्ष नेतृत्व ने परमाणु और मिसाइल कार्यक्रमों को लेकर अपना कड़ा रुख दोहराया है। सर्वोच्च नेता मुज्तबा खामेनेई ने गुरुवार को सरकारी टीवी पर पढ़ा गया एक बयान जारी कर इन क्षमताओं को ‘राष्ट्रीय संपत्ति’ घोषित किया। यह घोषणा 28 फरवरी के उस भयावह हवाई हमले के बाद आई है जिसमें पूर्व सर्वोच्च नेता अयतुल्ला अली खामेनेई और ईरान के कई अन्य वरिष्ठ नेता मारे गए थे।
जनता का समर्थन: मुज्तबा खामेनेई ने अपने बयान में 9 करोड़ ईरानियों की भावनाओं का प्रतिनिधित्व करने का दावा किया। उन्होंने कहा कि ईरानी जनता परमाणु और मिसाइल शक्ति के साथ-साथ नैनोटेक्नोलॉजी और बायोटेक्नोलॉजी को देश के सम्मान का प्रतीक मानती है। उनके अनुसार, ये वैज्ञानिक उपलब्धियां तकनीकी संपत्ति होने के साथ-साथ ईरान की सुरक्षा के लिए उतनी ही जरूरी हैं जितनी कि देश की भौगोलिक सीमाएं।
Strait of Hormuz का सामरिक महत्व: ईरान ने जलमार्गों पर अपनी पकड़ को लेकर अमेरिका को चेतावनी दी है। खामेनेई ने कहा कि Strait of Hormuz पर तेहरान का पूर्ण नियंत्रण कायम है और फारस की खाड़ी में अमेरिका के लिए कोई जगह नहीं बची है। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि यदि अमेरिकी बल इस क्षेत्र में रहते हैं, तो उनका अंत पानी की गहराइयों में होगा, क्योंकि यह क्षेत्र अब ईरान की शक्ति के अधीन है।
पड़ोसी देशों से अपील: सर्वोच्च नेता ने फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के पड़ोसी देशों को एक साथ आने का संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र के सभी निवासी एक ही भविष्य साझा करते हैं और उन्हें बाहरी ताकतों के बहकावे में नहीं आना चाहिए। उन्होंने विदेशियों को लालची बताते हुए कहा कि जो लोग हजारों किलोमीटर दूर से यहाँ अशांति फैलाने आए हैं, उनके लिए इस क्षेत्र में कोई स्थान नहीं होना चाहिए।
Donald Trump की शर्त: ईरान के इस कड़े रुख के जवाब में अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने अपनी शर्तें साफ कर दी हैं। ट्रंप ने कहा है कि तेहरान को अपनी हार माननी ही पड़ेगी और बिना परमाणु हथियारों का त्याग किए ईरान के साथ कोई वार्ता संभव नहीं है। उनका मानना है कि जब तक ईरान परमाणु हथियार न रखने की गारंटी नहीं देता, तब तक किसी भी प्रकार के समझौते पर हस्ताक्षर करने का प्रश्न ही नहीं उठता।
भविष्य की संभावना: खामेनेई के बयान में एक ऐसे भविष्य की कल्पना की गई है जो विदेशी हस्तक्षेप, विशेषकर अमेरिका से मुक्त हो। उन्होंने ईश्वर की शक्ति पर भरोसा जताते हुए कहा कि फारस की खाड़ी का आने वाला समय केवल स्थानीय लोगों की समृद्धि और उन्नति के लिए होगा। हालांकि, अमेरिका की ओर से लगाई गई शर्तों और ईरान की अपनी संपत्ति की रक्षा करने की जिद के बीच समझौते की राह फिलहाल बंद नजर आ रही है।



































