बचपन की सहेली ही निकली मानव तस्करी की मुख्य मास्टरमाइंड कानपुर के एक शांत इलाके में उस वक्त हड़कंप मच गया जब मानव तस्करी और विश्वासघात का एक अत्यंत चौंकाने वाला और जघन्य मामला सामने आया। बर्रा विश्व बैंक कॉलोनी की रहने वाली एक 21 वर्षीय युवती के साथ जो कुछ हुआ, वह किसी बुरे सपने से कम नहीं है। इस मामले में सबसे ज्यादा हैरान करने वाली बात यह है कि इस पूरी साजिश की मुख्य मास्टरमाइंड कोई और नहीं, बल्कि उसी युवती की अपनी बचपन की सबसे करीबी सहेली निकली। पैसों के लालच में अंधी हो चुकी इस सहेली ने इंसानियत की सारी हदें पार करते हुए अपनी ही दोस्त को महज 3 लाख रुपये की कीमत पर राजस्थान में एक अनजान शख्स के हाथों बेच डाला। इस घटना ने समाज में पनपते लालच और गिरते नैतिक मूल्यों की एक बेहद भयानक तस्वीर पेश की है। फिलहाल पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़िता को सकुशल बरामद कर लिया है और उसे खरीदने वाले व्यक्ति को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है, जबकि मुख्य आरोपी सहेली और उसका पति अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।
फैक्ट्री में काम करने वाली गरीब बेटी के साथ रची गई खौफनाक साजिश पीड़ित युवती की मां ने पुलिस और मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि उनकी बेटी परिवार की खराब आर्थिक स्थिति को सुधारने और घर चलाने में मदद करने के लिए एक स्थानीय फैक्ट्री में मजदूरी का काम किया करती थी। अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में व्यस्त इस परिवार को कभी सपने में भी इस बात का अंदेशा नहीं हुआ था कि उनके साथ इतना बड़ा धोखा होने वाला है। इस पूरे षड्यंत्र की शुरुआत 21 अप्रैल को हुई, जब सहेली रिया पांडेय ने बड़ी ही चालाकी से खाटू श्याम यात्रा का एक धार्मिक प्लान तैयार किया। सागरपुरी, सेन पश्चिमपारा थाना क्षेत्र की निवासी रिया और उसके पति सुमित पांडेय ने बड़े ही विश्वास के साथ युवती को अपने साथ तीर्थ यात्रा पर ले जाने के लिए राजी कर लिया। गरीब और भोला-भाला परिवार अपनी बेटी को सहेली के साथ सुरक्षित मानकर दर्शन के लिए भेजने को तैयार हो गया, बिना यह जाने कि यह दर्शन की यात्रा नहीं बल्कि उसे बेचने की एक गहरी साजिश थी।
लापता होने के बाद परिवार को मिली सहेली की खौफनाक धमकी जब यात्रा पर गई युवती अपने तय समय के अनुसार कई दिनों बाद भी घर वापस नहीं आई, तो उसकी बूढ़ी मां की चिंता लगातार बढ़ने लगी। अनहोनी की आशंका से घिरी मां ने अपनी बेटी की सहेली रिया और उसके पति सुमित को फोन लगाकर उनकी कुशलक्षेम जाननी चाही। पहले तो इन दोनों आरोपियों ने फोन पर गोलमोल जवाब दिए और जल्द ही घर लौट आने की बात कहकर मामले को टालमटोल करने का भरपूर प्रयास किया। लेकिन जब मां का दबाव बढ़ा, तो रिया ने फोन पर ऐसी बात कह दी जिसने परिवार के पैरों तले जमीन खिसका दी। रिया ने बेहद बेखौफ अंदाज में धमकी देते हुए बताया कि उसने युवती को तीन लाख रुपये की मोटी रकम में बेच दिया है, और अगर परिवार अपनी बेटी को जिंदा और सुरक्षित वापस चाहता है, तो उन्हें तुरंत पैसे का इंतजाम करना होगा। इस खौफनाक फिरौती नुमा धमकी के तुरंत बाद दोनों आरोपियों ने अपने फोन बंद कर लिए, जिसके बाद बदहवास परिवार ने दौड़कर बर्रा पुलिस स्टेशन में अपनी शिकायत दर्ज कराई।
लोकेशन ट्रेस कर पुलिस ने किया राजस्थान में सफल रेस्क्यू ऑपरेशन परिवार की इस गंभीर शिकायत को सुनते ही बर्रा पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को समझा और तत्काल प्रभाव से एक विशेष जांच दल का गठन किया। पुलिस की साइबर और सर्विलांस टीम ने जब बंद हो चुके फोन नंबरों की अंतिम लोकेशन खंगाली, तो वह उत्तर प्रदेश से बहुत दूर राजस्थान राज्य में दिखाई दी। समय की नजाकत को समझते हुए रविवार रात को ही बर्रा पुलिस की एक सशक्त टीम युवती के परिजनों को अपने साथ लेकर राजस्थान के लिए रवाना हो गई। वहां पहुंचकर पुलिस ने स्थानीय मुखबिरों और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से सीकर जिले के फतेहपुर सदर क्षेत्र में एक व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया। पुलिस की इस तत्परता और सटीक मुखबिरी का ही परिणाम था कि उन्होंने उस स्थान को खोज निकाला जहां युवती को बंधक बनाकर रखा गया था और उसे वहां से सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर लिया, साथ ही उसे खरीदने वाले स्थानीय व्यक्ति को भी तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया।
कागजात में हेराफेरी कर और नाम बदलकर जबरन कराई गई थी शादी पुलिस के इस सफल रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद जब सच्चाई सामने आई तो वह रोंगटे खड़े कर देने वाली थी। डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी ने इस पूरे घटनाक्रम का खुलासा करते हुए बताया कि मुख्य आरोपियों रिया और सुमित ने इस मासूम युवती को हर पल जान से मारने की खौफनाक धमकी देकर डरा कर रखा था। इस अपराध को कानूनी जामा पहनाने के लिए आरोपियों ने बड़ी ही शातिर तरीके से युवती का असली नाम बदलकर कागजों में उसे ‘काजल’ बना दिया था। इन्ही फर्जी और मनगढ़ंत कागजातों का सहारा लेकर 30 अप्रैल को आरोपियों ने इस बेबस युवती की शादी जबरन प्रदीप विश्वकर्मा नामक एक स्थानीय मजदूर से करवा दी थी। पुलिस ने घटनास्थल से इसी प्रदीप विश्वकर्मा को गिरफ्तार किया है, जिसने युवती को पैसे देकर खरीदा था और उसके साथ जबरन विवाह रचाया था। पूरी कानूनी प्रक्रिया के बाद अब युवती को उसके परिवार को सौंप दिया गया है।
सख्त धाराओं में मुकदमा दर्ज कर पुलिस कर रही है आगे की कठोर कार्रवाई मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन अब इस घटना में शामिल मुख्य आरोपियों रिया पांडेय और उसके पति सुमित पांडेय को गिरफ्तार करने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रहा है। पुलिस की कई टीमें अलग-अलग ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही हैं और उनकी तकनीकी निगरानी भी काफी तेज कर दी गई है। इन दोनों भगोड़े आरोपियों पर पुलिस द्वारा मानव तस्करी, अपहरण, जबरन शादी कराने और जान से मारने की धमकी देने जैसे अत्यंत गंभीर और गैर-जमानती अपराधों के तहत मामला दर्ज किया गया है। दूसरी तरफ, गिरफ्तार किए गए आरोपी प्रदीप विश्वकर्मा से पुलिस कड़ी पूछताछ कर रही है, क्योंकि पुलिस को यह प्रबल आशंका है कि यह मामला केवल इन तीन लोगों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके तार एक बहुत बड़े और संगठित मानव तस्करी नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं। पुलिस इस पूरे नेटवर्क को नेस्तनाबूद करने की दिशा में काम कर रही है। इस बीच, हालांकि युवती शारीरिक रूप से अब अपने घर पर सुरक्षित है, लेकिन उसके साथ हुए इस अमानवीय कृत्य के गहरे सदमे से उसे उबारने के लिए विशेषज्ञों द्वारा उसकी लगातार काउंसलिंग कराई जा रही है।



































