विधानसभा चुनाव के चौंकाने वाले नतीजे: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के परिणामों ने राज्य की राजनीति की पूरी तस्वीर को हमेशा के लिए बदल दिया है। राज्य में तेईस अप्रैल को संपन्न हुए मतदान के अंतिम नतीजे चार मई को सबके सामने आ गए हैं। टीवीके पार्टी ने धमाकेदार प्रदर्शन करते हुए 108 सीटों पर अपनी शानदार और ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। जनता द्वारा जताए गए इस भारी भरोसे के बाद सियासत के गलियारों में थलापति विजय की सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है।
राज्यपाल के पास पेश होगा दावा: चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बनने के बाद टीवीके के हौसले इस समय पूरी तरह से बुलंद नजर आ रहे हैं। टीवीके चीफ थलापति विजय आज राज्यपाल से मिलकर अपनी नई सरकार बनाने का औपचारिक दावा पेश करने वाले हैं। एक बिल्कुल नई पार्टी ने राज्य की सभी बड़ी और स्थापित पार्टियों को पीछे छोड़कर यह शानदार उपलब्धि हासिल की है। अब इस नई सरकार को यह साबित करना होगा कि वह जनता की इतनी भारी उम्मीदों पर कितना खरा उतरती है।
समर्थन और मंत्री पद की बड़ी मांग: इस चुनावी नतीजे में पांच सीटें जीतने वाली कांग्रेस ने एक बहुत बड़ा रणनीतिक कदम उठाया है। कांग्रेस पार्टी ने टीवीके को अपना समर्थन देने का ऐलान करते हुए सरकार में दो मंत्री पदों की मांग की है। आज टीएनसीसी (TNCC) कार्यालय में इस नए गठबंधन और समर्थन की रणनीति को लेकर एक अहम मीटिंग होने जा रही है। मीटिंग खत्म होने के बाद कांग्रेस के पांचों विधायक थलापति विजय से मिलेंगे और समर्थन का पत्र राज्यपाल को भेजा जाएगा।
गठबंधन टूटने से भड़की डीएमके: कांग्रेस के इस अचानक लिए गए फैसले से उसकी सबसे पुरानी सहयोगी डीएमके बुरी तरह से भड़क गई है। विधानसभा चुनाव में 59 सीटें जीतकर राज्य में दूसरे नंबर पर रहने वाली डीएमके ने इस कदम को गद्दारी करार दिया है। डीएमके नेताओं ने स्पष्ट रूप से कहा है कि कांग्रेस ने उनके साथ चुनाव लड़कर उनके भरोसे को तोड़ा है। भारी नाराजगी जताते हुए डीएमके ने ऐलान किया है कि साल 2029 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को इसका बुरा परिणाम भुगतना पड़ेगा।
एआईएडीएमके का आंतरिक विचार-विमर्श: विधानसभा चुनाव में 47 सीटों पर जीत हासिल करने वाली एआईएडीएमके इस समय अपने अगले कदम पर विचार कर रही है। एआईएडीएमके के कुछ विधायकों ने अपनी पार्टी के महासचिव एडप्पाडी पालनिस्वामी के सामने एक नया प्रस्ताव रखा है। विधायकों ने पुरजोर मांग की है कि उनकी पार्टी को थलापति विजय की टीवीके सरकार को बाहर से समर्थन देना चाहिए। महासचिव एडप्पाडी पालनिस्वामी विधायकों की इस अहम अपील पर आज ही विचार करके अपना फैसला सुनाने वाले हैं।
लेफ्ट और छोटे दलों की चुनावी रणनीति: विधानसभा चुनाव परिणाम आने के बाद अब बाकी बची हुई पार्टियों ने भी अपना रुख स्पष्ट करना शुरू कर दिया है। सरकार को समर्थन देने के अहम मुद्दे पर अंतिम फैसला लेने के लिए लेफ्ट पार्टियों ने आठ मई तक का समय मांगा है। इसके अलावा आईयूएमएल पार्टी के 2 विधायकों ने अपना पक्ष साफ करते हुए डीएमके गठबंधन के साथ ही टिके रहने का निर्णय लिया है। वहीं राज्य में पीएमके पार्टी ने इस बार के चुनाव में शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 4 सीटें जीती हैं।


































