बिहार में एनडीए का कैबिनेट विस्तार: बिहार राज्य की राजनीति में सत्ता के नए समीकरणों के बीच कल एनडीए सरकार का बहुप्रतीक्षित कैबिनेट विस्तार होने जा रहा है। यह विशाल शपथ ग्रहण समारोह सात मई को राजधानी पटना के प्रसिद्ध गांधी मैदान में आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम का समय दोपहर बारह बजकर दस मिनट तय किया गया है, जब नए मंत्री अपने पद की शपथ लेंगे। इस समारोह को लेकर पूरे राज्य में जबरदस्त उत्साह है और सभी राजनीतिक दलों की नजरें इस पर टिकी हुई हैं।
सत्ताईस मंत्री लेंगे पद की शपथ: गांधी मैदान में होने वाले इस भव्य समारोह में कुल सत्ताईस नेताओं को मंत्री पद की शपथ दिलाई जाएगी। इस ऐतिहासिक राजनीतिक कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज शाम ही पटना पहुंचने वाले हैं। पंद्रह अप्रैल को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के साथ सिर्फ दो डिप्टी सीएम विजय चौधरी और विजेंद्र यादव ने ही शपथ ग्रहण की थी। अब सत्ताईस नए मंत्रियों के शामिल होने से राज्य का यह मंत्रिमंडल एक वृहद और पूर्ण आकार ले लेगा।
मंत्रिमंडल में सीटों का समीकरण: नई सरकार के इस विस्तार में सहयोगी दलों के बीच सीटों के बंटवारे का एक स्पष्ट फॉर्मूला तैयार किया गया है। ताज़ा जानकारी के अनुसार, सत्ताधारी गठबंधन में बीजेपी और जेडीयू के बीच मंत्री पदों का बंटवारा लगभग बराबर-बराबर रखा जाएगा। कल होने वाले समारोह में बीजेपी कोटे से बारह और जेडीयू कोटे से ग्यारह विधायक मंत्री पद की शपथ ग्रहण करेंगे। सहयोगी दलों में एलजेपी (आर) से दो, जबकि हम और आरएलएम कोटे से एक-एक मंत्री को कैबिनेट में जगह मिलेगी।
छह मंत्री पद रखे जाएंगे खाली: भारतीय संविधान और बिहार में विधायकों की कुल संख्या के नियमों के अनुसार मुख्यमंत्री सहित अधिकतम छत्तीस मंत्री ही बनाए जा सकते हैं। वर्तमान विस्तार के फॉर्मूले के तहत शपथ लेने वाले सत्ताईस नए मंत्रियों और पहले के तीन नेताओं को मिलाकर यह संख्या तीस हो जाएगी। भविष्य की राजनीतिक संभावनाओं और समीकरणों को ध्यान में रखते हुए फिलहाल छह मंत्रियों की सीटें अभी खाली रखी जाएंगी। आवश्यकता पड़ने पर आने वाले समय में इन खाली पदों को भरने के लिए दोबारा कैबिनेट का विस्तार किया जा सकता है।
नीतीश कुमार और दिग्गज नेताओं की चर्चा: कैबिनेट विस्तार से ठीक पहले पूर्व मुख्यमंत्री और जेडीयू अध्यक्ष नीतीश कुमार से पार्टी के कई दिग्गज नेताओं ने अहम मुलाकात की है। इस महत्वपूर्ण बैठक में ललन सिंह, संजय झा और विजय चौधरी जैसे कद्दावर नेता मुख्य रूप से शामिल रहे। बैठक के दौरान सबसे बड़ी चर्चा नीतीश कुमार के बेटे निशांत को सरकार में मंत्री बनाए जाने को लेकर चल रही है। राजनीतिक सूत्रों की मानें तो कल गांधी मैदान में निशांत भी मंत्री पद की शपथ लेकर सक्रिय राजनीति में बड़ा कदम रख सकते हैं।
जेडीयू के पुराने और नए चेहरों का संतुलन: जेडीयू कोटे से विजय चौधरी और विजेंद्र यादव के शपथ लेने के बाद अब कई पुराने और नए नेताओं को मौका दिया जा रहा है। पुराने मंत्रियों में श्रवण कुमार, अशोक चौधरी, लेसी सिंह, मदन सहनी, सुनील कुमार और जमा खान की कैबिनेट में वापसी बिल्कुल तय है। पार्टी ने संतुलन बनाते हुए पांच बिल्कुल नए चेहरों को भी मंत्रिमंडल में शामिल करने का बड़ा फैसला लिया है। इन पांच नए चेहरों में श्वेता गुप्ता, भगवान कुशवाहा, रत्नेश सदा, शीला मण्डल और बुलो मण्डल को राज्य का मंत्री बनाया जाएगा।


































