घाटमपुर सीएचसी में रविवार की रात उस समय हड़कंप मच गया जब एक बच्चा चोरी की कोशिश हुई। एक अज्ञात महिला ने स्वास्थ्यकर्मी का रूप धरकर नवजात बच्चे को अगवा करने का असफल प्रयास किया। महिला ने बड़ी चालाकी से बच्चे को अपने बैग में भरा और अस्पताल की इमारत से बाहर निकल गई। समय रहते शोर मचने के कारण आरोपी महिला को परिसर के बाहर ही पकड़कर पुलिस के हवाले किया गया।
पुलिस की कार्रवाई: घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुँचा और संदिग्ध महिला को हिरासत में ले लिया। प्रारंभिक पूछताछ में पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि क्या वह महिला अकेले काम कर रही थी। पुलिस अधिकारी इस बात की भी जांच कर रहे हैं कि क्या वह किसी बच्चा चोर गिरोह से ताल्लुक रखती है। महिला के पास से बरामद झोले और अन्य सामान की भी पुलिस द्वारा सघनता से जांच की जा रही है।
दिनभर की गतिविधि: बम्हौरी गांव के एक परिवार में बच्चे के जन्म की खुशियां उस समय गम में बदलने वाली थीं। सुमन नामक महिला के वार्ड में आरोपी महिला मास्क पहनकर दिन में कई बार चक्कर लगा रही थी। उसने खुद को अस्पताल का कर्मचारी बताया और नवजात की सेहत के बारे में परिजनों से बात की। लगातार संपर्क में रहने के कारण परिजनों ने उसे अस्पताल का ही असली स्टाफ समझकर भरोसा कर लिया।
झूठ का जाल: रात के समय महिला ने परिजनों को डराने के लिए परिचित के एक्सीडेंट की एक झूठी कहानी सुनाई। परिजन इस खबर से इतने विचलित हुए कि वे वार्ड छोड़कर तुरंत बाहर की तरफ भाग खड़े हुए थे। इसी सूनेपन का लाभ उठाकर महिला ने बिस्तर पर लेटे नवजात को झोले में छिपा लिया और भागने लगी। महिला ने सुनियोजित तरीके से इस पूरी वारदात को अंजाम देने के लिए सही समय का इंतजार किया था।
पकड़े जाने का मंजर: सुमन के चिल्लाने पर अस्पताल में मौजूद लोग और परिजन तुरंत सक्रिय हुए और पीछा करना शुरू किया। गेस्ट हाउस के पास भागती महिला को भीड़ ने घेरा और उसके पास से नवजात को सुरक्षित बरामद किया। पकड़े जाने के बाद महिला से पूछताछ की गई लेकिन वह संतोषजनक उत्तर देने में पूरी तरह विफल रही। स्थानीय लोगों ने पुलिस को बुलाकर उसे सौंप दिया और पीड़ित परिवार की खुशियों को उजड़ने से बचा लिया।
सुरक्षा पर सवाल: इस गंभीर घटना ने घाटमपुर सीएचसी की सुरक्षा व्यवस्था में मौजूद कमियों को पूरी तरह उजागर कर दिया है। अस्पताल प्रशासन ने अब वार्डों में आने-जाने वाले बाहरी लोगों पर कड़ाई से नजर रखना शुरू किया है। नवजात के सुरक्षित होने पर परिजनों ने राहत की सांस ली और स्थानीय लोगों का धन्यवाद प्रकट किया। क्षेत्र में इस बहादुरी और पुलिस की त्वरित कार्रवाई की चर्चा अगले दिन भी जोरों पर बनी रही।



































