हमीरपुर-महोबा लोकसभा सीट से समाजवादी पार्टी के सांसद अजेंद्र सिंह लोधी अपने एक बयान के कारण फंस गए हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अत्यंत अभद्र और अमर्यादित भाषा का सार्वजनिक रूप से प्रयोग किया है। इस विवादित बयान का वीडियो सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में तूफान आ गया है। बीजेपी ने इस मुद्दे पर सपा नेतृत्व से जवाब मांगते हुए इसे प्रधानमंत्री पद की गरिमा का हनन बताया।
वैचारिक दिवालियापन का प्रमाण: सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए सांसद के आचरण को घोर निंदनीय करार दिया। उन्होंने कहा कि विश्व के सर्वाधिक लोकप्रिय नेता के प्रति ऐसी टिप्पणी वैचारिक दिवालियापन का जीता-जागता सबूत है। मुख्यमंत्री ने इसे राजनीतिक कुसंस्कार बताते हुए कहा कि यह सार्वजनिक जीवन की शालीनता के पूरी तरह विरुद्ध है। योगी के अनुसार विपक्ष के पास अब कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है, इसलिए वे अभद्र भाषा का सहारा ले रहे हैं।
लोकतंत्र की गरिमा पर चोट: मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सांसद की यह अक्षम्य टिप्पणी भारत की लोकतांत्रिक संस्थाओं को चोट पहुँचाती है। प्रधानमंत्री पद की एक अपनी गरिमा होती है और उस पर किया गया प्रहार देश के हर नागरिक का अपमान है। सपा सांसद का यह कृत्य भारत की लोकतांत्रिक छवि को धूमिल करने की एक असफल कोशिश मानी जा रही है। योगी आदित्यनाथ ने इसे 145 करोड़ देशवासियों के विश्वास के साथ किया गया एक भद्दा मजाक बताया है।
सपा का अराजक चेहरा: भाजपा नेता शलभ मणि त्रिपाठी ने सपा सांसद के वीडियो को साझा करते हुए इसे सपा की असली पहचान कहा। उन्होंने दावा किया कि समाजवादी पार्टी हमेशा से ही अराजकता और अभद्रता की राजनीति को बढ़ावा देती रही है। त्रिपाठी ने कहा कि प्रधानमंत्री के प्रति ऐसी सोच रखना वास्तव में सार्वजनिक मर्यादाओं की सीमा को लांघना है। भाजपा नेताओं ने मांग की है कि इस तरह के असंसदीय आचरण के लिए सांसद को कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
समय पर मिलेगा उत्तर: सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपने संदेश में कहा कि अमर्यादित आचरण करने वालों को जनता सबक सिखाएगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि समय आने पर देश की जनता ऐसे अपमानजनक व्यवहार का लोकतांत्रिक उत्तर देगी। प्रधानमंत्री मोदी के प्रति लोगों के मन में जो अटूट सम्मान है, उसे ऐसी टिप्पणियों से कम नहीं किया जा सकता। मुख्यमंत्री ने विपक्ष को चेतावनी दी कि वे अपनी मर्यादाओं के भीतर रहकर ही राजनीति और विरोध प्रदर्शन करें।
गंभीर राजनीतिक परिणाम: अजेंद्र सिंह लोधी के इस बयान के बाद अब समाजवादी पार्टी बचाव की मुद्रा में नजर आ रही है। भाजपा इस विवादित मुद्दे को एक बड़े चुनावी और राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल करने की रणनीति बना रही है। सपा सांसद की यह टिप्पणी न केवल उनके लिए बल्कि उनकी पार्टी के लिए भी मुश्किलें खड़ी कर सकती है। अब देखना यह होगा कि इस मामले में आगे कोई कानूनी कार्रवाई या अनुशासनात्मक कदम उठाया जाता है या नहीं।



































