बिहार के जमुई जिले के अंतर्गत झाझा प्रखंड में कार्यरत ग्रामीण कार्य प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता गोपाल कुमार इन दिनों कानूनी शिकंजे में पूरी तरह फंस चुके हैं। आर्थिक अपराध इकाई की विशेष टीम द्वारा उनके विभिन्न ठिकानों पर की गई छापेमारी के बाद भ्रष्टाचार का एक बहुत बड़ा और अनोखा मामला उजागर हुआ है। छापेमारी की इस कार्रवाई में जब्त की गई अगाध दौलत और संपत्ति के दस्तावेजों को देखकर खुद जांच अधिकारी भी आश्चर्यचकित रह गए हैं।
सरकारी सेवा का सफर: भ्रष्ट कार्यपालक अभियंता गोपाल कुमार ने साल 2008 के अक्टूबर महीने में बिहार सरकार के प्रशासनिक महकमे में अपनी नौकरी की शुरुआत की थी। इसके बाद लंबे समय तक कार्य करने के बाद साल 2022 में उन्हें पदोन्नति का लाभ मिला और वह कार्यपालक अभियंता के गरिमामयी पद पर आसीन हुए थे। लेकिन इस ऊंचे सरकारी पद का दुरुपयोग करते हुए गोपाल ने बहुत ही कम समय में आय से अधिक काली संपत्ति अर्जित कर ली।
प्रेस रिलीज से पुष्टि: इस पूरे छापेमारी अभियान को लेकर बिहार की आर्थिक अपराध इकाई की तरफ से एक बकायदा औपचारिक प्रेस रिलीज जारी की गई है। इस आधिकारिक दस्तावेज में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि कार्यपालक अभियंता गोपाल कुमार ने भ्रष्टाचार के जरिए अपनी वैध आय से 2,00,61,000 रुपए अधिक की चल-अचल संपत्ति अर्जित की है। जांच एजेंसी को इस मामले में भ्रष्ट आचरण और अवैध कमाई से जुड़े कई अकाट्य और ठोस सबूत हाथ लगे हैं।
आय से अधिक संपत्ति: ईओयू के अधिकारियों के अनुसार, अभियंता गोपाल कुमार के पास से मिली यह विशाल संपत्ति उनकी ज्ञात कानूनी आय के मुकाबले लगभग 81.5 प्रतिशत अधिक पायी गई है। इस काली कमाई का पता लगाने के लिए आर्थिक अपराध इकाई की टीमों ने 16 मई को गोपाल कुमार के 4 ठिकानों पर एक साथ धावा बोला था। तलाशी के दौरान अधिकारियों को आलीशान संपत्तियों के साथ-साथ भारी मात्रा में नगदी भी हाथ लगी है।
बरामद कीमती सामान: छापेमारी की इस सघन कार्रवाई के दौरान जांच टीम को 39,65,000 रुपए की भारी-भरकम नगद राशि और करीब 47,00,000 रुपए के सोने-चांदी के आभूषण खरीदने से जुड़े इनवॉयस मिले हैं। इसके साथ ही मौके से 424.08 ग्राम शुद्ध सोने के जेवरात मिले हैं, जिनकी कुल वर्तमान कीमत 60,47,000 रुपए बताई गई है। इसके अतिरिक्त लगभग 1.00 किलोग्राम वजन के चांदी के आभूषण, एक हुंडई आई10 कार, एक स्कूटी और ग्रामीण कार्य विभाग की कई सरकारी फाइलें भी जब्त की गई हैं।
जमीन और वाहनों का जाल: इसके साथ ही सगुना मोड़ के जेबी मॉल में 70,00,000 रुपए की 2 व्यावसायिक दुकानें, दानापुर बाजार समिति के पास 35 लाख रुपए निबंधन मूल्य का 1.25 कट्ठा का भू-खंड जिस पर जी+3 मकान बन रहा है, और 93 लाख रुपए अतिरिक्त मिले हैं। लक्ष्मी कॉटेज, दानापुर में एक 4 BHK फ्लैट के लिए 80,00,000 रुपए नगद भुगतान के कागजात मिले हैं। जमुई के किराए के मकान से 8,03,900 रुपए नगद, 3 बैंक खातों में 10,00,000 रुपए और सुरेंद्र मोहन के नाम पर दर्ज 19 लाख रुपए की एक हुंडई क्रेटा गाड़ी भी बरामद हुई है।





































