प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी थोड़ी ही देर में स्वीडन के गोथेनबर्ग शहर में कदम रखने वाले हैं। इस भव्य आगमन के तुरंत बाद ही उनका दो दिवसीय महत्वपूर्ण आधिकारिक स्वीडन दौरा शुरू हो जाएगा। उनका यह विशेष दौरा वास्तव में भारत और स्वीडन के आपसी रिश्तों को एक नई ऊंचाई तक ले जाने के उद्देश्य से किया जा रहा है। पीएम मोदी की यह यात्रा बिल्कुल ऐसे वक्त में हो रही है जब भारत-यूरोप के बीच तकनीकी, रणनीतिक और आर्थिक साझेदारी काफी तेजी के साथ आगे बढ़कर मजबूत हो रही है।
द्विपक्षीय वार्ता का एजेंडा: गोथेनबर्ग पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस दौरान अपने स्वीडिश समकक्ष उल्फ क्रिस्टरसन से मुलाकात करेंगे। दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों के बीच एक बेहद महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बातचीत का आयोजन किया जाएगा। इस उच्च स्तरीय बैठक में मुख्य रूप से आपसी ट्रेड और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे आधुनिक विषयों पर गंभीर चर्चा की जाएगी। इसके साथ ही रक्षा सहयोग, ग्रीन ट्रांजिशन, स्पेस, उभरती हुई नई तकनीकों और स्टार्टअप्स जैसे वैश्विक मुद्दों पर भी विस्तार से बात होगी।
बिजनेस मंच का संबोधन: इस महत्वपूर्ण विदेशी दौरे की एक सबसे खास बात यह भी रहने वाली है कि पीएम मोदी एक बड़े कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। वह यूरोपियन कमीशन की शक्तिशाली अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के साथ मिलकर यूरोपियन राउंड टेबल फॉर इंडस्ट्री के विशेष कार्यक्रम को संबोधित करेंगे। इस भव्य आयोजन को पूरे यूरोपीय महाद्वीप के सबसे प्रभावशाली और बड़े प्रतिष्ठित बिजनेस मंचों में से एक माना जाता है। इस मंच के जरिए दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को और अधिक मजबूती मिलने की पूरी उम्मीद है।
वैश्विक स्तर पर नजरें: जान लें कि जनवरी 2026 में पूर्ण रूप से लागू हुए भारत और यूरोपियन यूनियन के ऐतिहासिक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के बाद पीएम मोदी का यह पहला आधिकारिक यूरोप दौरा है। इसी वजह से पूरे विश्व के बड़े देशों की नजर इस द्विपक्षीय दौरे पर पूरी तरह से जमी हुई है। गौरतलब है कि स्वीडन और भारत के बीच वर्तमान में लगातार बढ़ते मजबूत आर्थिक संबंध इस द्विपक्षीय पार्टनरशिप की असली ताकत को दुनिया के सामने साफ तौर पर दिखाते हैं।
रिकॉर्ड व्यापार और घोषणाएं: बीते साल 2025 में दोनों ताकतवर देशों के बीच होने वाला आपसी द्विपक्षीय ट्रेड 7.75 अरब डॉलर के एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड लेवल पर पहुंच गया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस विशेष यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच रक्षा उत्पादन, मेक इन इंडिया, एआई कोलैबरेशन और हरित ऊर्जा को लेकर भी कई बड़ी आधिकारिक घोषणाएं हो सकती हैं। डिजिटल इनोवेशन, ग्रीन इंडस्ट्री और ग्लोबल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप के नए एजेंडे के साथ पीएम की यह यात्रा भारत-यूरोप संबंधों के लिए काफी अहम होगी।
गोथेनबर्ग में भारी उत्साह: स्वीडन में भारत के राजदूत अनुराग भूषण ने कहा कि स्वीडन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बेहद लोकप्रिय हैं। पूरे स्वीडन देश में उनके आगमन को लेकर जनता के प्रति जबरदस्त उत्साह साफ देखने को मिल रहा है। लेकिन खासतौर से गोथेनबर्ग में उन्हें बहुत ऊर्जा महसूस हो रही है क्योंकि पीएम मोदी का गोथेनबर्ग का यह पहला दौरा है। गोथेनबर्ग स्वीडिश इंडस्ट्री का बड़ा सेंटर और इनोवेशन बेस्ड इकोसिस्टम है जहां प्रवासी भारतीय समाज एयरपोर्ट पर स्वागत की खास तैयारी में जुटा है।





































