केरल के नए मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत 1990 के दशक में की थी। उन्होंने छात्र राजनीति से शुरुआत की थी और वह लंबे समय तक छात्र संघ से सक्रिय रूप से जुड़े रहे। इसके बाद वर्ष 1996 में उन्होंने पहली बार सक्रिय रूप से विधानसभा का चुनाव लड़ा था। हालांकि अपने जीवन के इस पहले विधानसभा चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। इस शुरुआती विफलता के बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी और राजनीति के क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ते रहे।
पारिवारिक पृष्ठभूमि और वकालत: वीडी सतीशन देश के एक साधारण मध्यमवर्गीय परिवार से आते हैं और उनकी कोई राजनीतिक पृष्ठभूमि नहीं थी। उनके परिवार का राजनीति से पहले कोई संबंध न होने के बावजूद उन्होंने इस क्षेत्र को चुना। राजनीति में आने के उनके इस फैसले के लिए उन्हें अपने पूरे परिवार से हमेशा पूरा समर्थन मिला। राजनीतिक गतिविधियों के साथ-साथ वीडी सतीशन केरल उच्च न्यायालय में वकालत का कार्य भी कर चुके हैं। कानून के क्षेत्र का यह लंबा अनुभव उनके राजनीतिक और प्रशासनिक जीवन में बेहद मददगार साबित हुआ है।
जमीन से जुड़े नेता: वीडी सतीशन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि वह हमेशा लोगों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात करते हैं। वह आम जनता के बीच रहने वाले और पूरी तरह से जमीन से जुड़े हुए एक लोकप्रिय नेता माने जाते हैं। उनके सगे भाई-बहन आज भी समाज में बेहद सादा और सामान्य जीवन व्यतीत कर रहे हैं। उनके परिजनों का कहना है कि उनमें बचपन से ही कुशल नेतृत्व करने का एक विशेष गुण मौजूद था। इसी नेतृत्व क्षमता के बल पर वह आज राज्य के सबसे सर्वोच्च राजनैतिक पद पर पहुंचने में सफल हुए हैं।
कांग्रेस के वरिष्ठ मंत्री: इस भव्य शपथ ग्रहण समारोह में कांग्रेस पार्टी के कई बेहद वरिष्ठ नेताओं ने मंत्री पद की शपथ ली। शपथ लेने वाले मंत्रियों में वरिष्ठ कांग्रेस नेता रमेश चेन्निथला और के मुरलीधरन मुख्य रूप से शामिल हैं। इनके साथ ही केपीसीसी प्रमुख सनी जोसेफ ने भी नए कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की। ये सभी नेता कांग्रेस पार्टी के भीतर एक लंबा प्रशासनिक और राजनीतिक अनुभव रखने के लिए जाने जाते हैं। इन वरिष्ठ नेताओं के शामिल होने से केरल की इस नई कैबिनेट को काफी मजबूती और स्थिरता मिलेगी।
आईयूएमएल के नए मंत्री: नए मंत्रिमंडल में इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग यानी आईयूएमएल के नेताओं को भी शामिल किया गया है। आईयूएमएल के वरिष्ठ नेता पीके कुन्हालीकुट्टी और पीके बशीर ने आज कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली। उनके साथ ही पार्टी के अन्य नेता एन समसुद्दीन, केएम शाजी और वीई अब्दुल गफूर ने भी शपथ ली। इन सभी मुस्लिम लीग के नेताओं ने राज्यपाल के समक्ष अपने पद की संवैधानिक गोपनीयता की शपथ ली। इस गठबंधन के प्रमुख सहयोगियों को कैबिनेट में उचित स्थान देकर क्षेत्रीय संतुलन बनाने का प्रयास किया गया है।
कैबिनेट के अन्य सदस्य: कैबिनेट में मॉन्स जोसेफ, शिबू बेबी जॉन, अनूप जैकब और सीपी जॉन ने भी मंत्री पद की शपथ ली। इनके साथ एपी अनिल कुमार, टी सिद्दीकी, पीसी विष्णुनाथ और रोजी एम जॉन भी कैबिनेट का हिस्सा बने। बिंदू कृष्णा, एम लिजू, केए थुलसी और ओ जे जनीश ने भी नए मंत्री के रूप में शपथ पूरी की। इन सभी 20 मंत्रियों के शपथ लेने से राज्य का नया मंत्रिमंडल अब पूरी तरह से आकार ले चुका है। यह नया मंत्रिमंडल मुख्यमंत्री वीडी सतीशन के नेतृत्व में राज्य के विकास के लिए कार्य करना शुरू करेगा।





































