कर्नाटक राज्य की राजनीति के लिए बुधवार का दिन बेहद ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण होने जा रहा है। कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डीके शिवकुमार लोक भवन परिसर में शाम चार बजकर पांच मिनट पर नए मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। उन्हें हाल ही में शनिवार को कांग्रेस विधायक दल का नया नेता आधिकारिक तौर पर चुना गया है। वरिष्ठ नेता सिद्धरमैया के इस्तीफे के बाद आलाकमान ने शिवकुमार को यह अहम जिम्मेदारी सौंपी है। इस शपथ ग्रहण समारोह में उनके साथ कई अन्य दिग्गज नेता भी मंत्री पद की शपथ ले सकते हैं।
दिनेश गुण्डु राव और ईश्वर खण्डरे इस नई संभावित कैबिनेट में दिनेश गुण्डु राव का नाम भी प्रमुखता से शामिल होने की उम्मीद है। वे पूर्व मुख्यमंत्री गुण्डु राव के बेटे हैं और उन्नीस सौ निन्यानवे से लगातार बेंगलुरु से चुनाव जीतते आ रहे हैं। उन्होंने पिछली सरकारों में खाद्य एवं स्वास्थ्य मंत्री के साथ-साथ प्रदेश अध्यक्ष के रूप में भी बेहतरीन काम किया है। वहीं, ईश्वर खण्डरे हैदराबाद कर्नाटक क्षेत्र के एक बहुत ही प्रभावशाली और बड़े लिंगायत नेता माने जाते हैं। वे अखिल भारतीय वीर शैव लिंगायत महासभा के अध्यक्ष भी हैं और कई मंत्रालयों का अहम अनुभव रखते हैं।
बईरती सुरेश और उनका प्रभाव बईरती सुरेश का नाम भी इस नए मंत्रिमंडल में शामिल होने वाले नेताओं की सूची में काफी आगे है। वे पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के सबसे करीबी और भरोसेमंद नेताओं में से एक माने जाते हैं। कुरुबा समुदाय के एक बड़े और प्रभावशाली लीडर होने के नाते पार्टी में उनका अपना एक अलग महत्व है। वे नगर विकास और राजस्व जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी पहले भी बहुत अच्छे से संभाल चुके हैं। उनका अनुभव और समुदाय में उनकी गहरी पकड़ नए मुख्यमंत्री के लिए बहुत ही फायदेमंद साबित हो सकती है।
दलित और एसटी नेतृत्व को स्थान कांग्रेस पार्टी हमेशा से ही समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलने की अपनी नीति पर जोर देती रही है। के. एच. मुनियप्पा जैसे वरिष्ठ दलित नेता, जो सात बार लोकसभा चुनाव जीत चुके हैं, इस कैबिनेट का अहम हिस्सा हो सकते हैं। डॉ. जी. परमेश्वर और प्रियांक खरगे जैसे मजबूत दलित चेहरों को भी मंत्रिमंडल में अहम जिम्मेदारियां मिलने की पूरी संभावना है। इसके अलावा, सतीश जारकीहोली के रूप में पार्टी एसटी वर्ग के एक बड़े और बहुत ही प्रभावशाली नेता को भी आगे कर रही है। यह समावेशी दृष्टिकोण सरकार को जमीनी स्तर पर और भी ज्यादा मजबूत बनाने का काम करेगा।
अल्पसंख्यक और शहरी चेहरे इस नए मंत्रिमंडल के गठन में अल्पसंख्यक और शहरी नेतृत्व का भी बहुत ही खास ख्याल रखा जा रहा है। यू. टी. खादर जैसे कद्दावर मुस्लिम नेता, जिन्होंने कई बार लगातार जीत दर्ज की है, मंत्रिमंडल में अहम भूमिका निभा सकते हैं। बेंगलुरु शहर से रामलिंगा रेड्डी और के. जे. जॉर्ज जैसे बेहद अनुभवी नेताओं का भी शामिल होना तय माना जा रहा है। इन नेताओं के पास शहरी विकास और गृह मंत्रालय संभालने का एक बहुत ही लंबा और गहरा अनुभव मौजूद है। इनकी मौजूदगी से राज्य की राजधानी के विकास कार्यों में और भी अधिक तेजी आने की पूरी उम्मीद है।
संतुलित और मजबूत सरकार की तैयारी नया मंत्रिमंडल अनुभवी नेताओं और युवा चेहरों का एक बहुत ही बेहतरीन और संतुलित मिश्रण होने जा रहा है। कृष्णा बायरे गौड़ा जैसे युवा नेता अपनी साफ छवि और कुशल प्रशासनिक कार्यक्षमता के लिए विशेष तौर पर जाने जाते हैं। एम. बी. पाटिल जैसे मजबूत लिंगायत चेहरे की मौजूदगी सरकार को समुदाय के बीच एक विशेष मजबूती प्रदान करेगी। सिद्धरमैया को कार्य समिति में भेजकर पार्टी ने राज्य में नए नेतृत्व के लिए पूरी तरह से रास्ता साफ कर दिया है। यह नई टीम डीके शिवकुमार के नेतृत्व में राज्य के विकास के लिए पूरी तरह से तैयार नजर आ रही है।





































