ओडिशा राज्य में किसानों के कल्याण के लिए बनाई गई योजनाओं में भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। नबरंगपुर जिले के रायघर में मुख्य जिला पशु चिकित्सा अधिकारी के कार्यालय में यह घटना घटी है। यहाँ तैनात एक अधिकारी सरकारी योजना का लाभ देने के बदले अवैध वसूली कर रहा था। ओडिशा विजिलेंस ने इस भ्रष्ट लाइवस्टॉक इंस्पेक्टर प्रफुल्ल हलदर को अपनी गिरफ्त में ले लिया है। इस पशुधन निरीक्षक को पूरे अस्सी हजार रुपये की भारी भरकम रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया है।
लाभार्थी को दी गई धमकी यह मामला पूरी तरह से राज्य की प्रसिद्ध मुख्यमंत्री कामधेनु योजना से जुड़ा हुआ पाया गया है। इस सरकारी योजना के तहत डेयरी किसानों को एक से पांच गायों की डेयरी यूनिट लगाने में मदद मिलती है। चयनित लाभार्थी किसान से इसी योजना के तहत मिलने वाली सब्सिडी जारी करने के लिए घूस मांगी गई थी। आरोपी अधिकारी ने साफ कह दिया था कि पैसे न मिलने पर पूरे गांव की सब्सिडी रोक दी जाएगी। इस धमकी भरे रवैये के कारण पीड़ित किसान को मानसिक रूप से बहुत अधिक परेशानी का सामना करना पड़ा।
विजिलेंस का सफल ट्रैप भ्रष्ट अधिकारी की इस लगातार बढ़ती मांग और धमकी से तंग आकर पीड़ित ने कड़ा फैसला लिया। लाभार्थी ने बिना डरे ओडिशा विजिलेंस के अधिकारियों से संपर्क किया और अपनी शिकायत दर्ज कराई। विभाग ने मामले की गंभीरता को तुरंत समझा और भ्रष्टाचारी को रंगे हाथों पकड़ने की योजना बनाई। एक सुनियोजित ट्रैप के जरिए विजिलेंस की टीम ने आरोपी की हर हरकत पर नजर रखना शुरू कर दिया। जैसे ही प्रफुल्ल हलदर ने रिश्वत के पैसे अपने हाथ में लिए, विजिलेंस टीम ने उसे तुरंत दबोच लिया।
रिश्वत की रकम बरामद छापेमारी की इस त्वरित कार्रवाई के दौरान आरोपी के कब्जे से अस्सी हजार रुपये मौके पर ही मिल गए। यह पूरी की पूरी राशि वही थी जो उसने गरीब किसान से सब्सिडी पास करने के लिए मांगी थी। विजिलेंस अधिकारियों ने पैसे जब्त करने के बाद कानूनी प्रक्रिया के तहत आरोपी का हैंड वॉश टेस्ट किया। इस वैज्ञानिक जांच के परिणाम तुरंत ही सकारात्मक आ गए जिसने आरोपी के अपराध को पुख्ता कर दिया। इससे यह पूरी तरह प्रमाणित हो गया कि अधिकारी ने जानबूझकर रिश्वत के पैसों को छुआ और लिया था।
आवास से भारी नकदी जब्त रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तारी के तुरंत बाद विजिलेंस विभाग ने अपनी कार्रवाई को और तेज कर दिया। टीम ने आरोपी अधिकारी प्रफुल्ल हलदर से जुड़े विभिन्न ठिकानों पर एक साथ सघन तलाशी अभियान शुरू किया। इस दौरान रायघर स्थित उसके सरकारी कार्यालय और निजी आवास दोनों जगहों की बहुत ही बारीकी से जांच की गई। उसके घर की तलाशी में विजिलेंस अधिकारियों को आठ लाख चौबीस हजार रुपये की भारी नकदी मिली। विभाग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए इस बेहिसाब नकद राशि को अपने कब्जे में लेकर पूरी तरह जब्त कर लिया है।
कानूनी कार्रवाई और कोर्ट पेशी भ्रष्टाचार के इस संगीन मामले में आरोपी अधिकारी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। कोरापुट विजिलेंस थाना में भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम दो हजार अठारह की धारा सात के तहत केस दर्ज हुआ है। विजिलेंस विभाग ने आरोपी प्रफुल्ल हलदर को आधिकारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया है। अब इस गिरफ्तार किए गए भ्रष्ट अधिकारी को आगे की न्यायिक प्रक्रिया के लिए अदालत में पेश किया जाएगा। फिलहाल विजिलेंस की टीम आरोपी की आय से अधिक संपत्ति सहित अन्य सभी महत्वपूर्ण पहलुओं की गहराई से जांच कर रही है।





































