वैदिक ज्योतिष में वरुण (नेपच्यून) को रहस्य, कल्पना, आध्यात्मिकता और सपनों का प्रमुख कारक ग्रह माना जाता है। जब भी यह ग्रह अपनी राशि या नक्षत्र में परिवर्तन करता है, तो इसका प्रभाव सभी 12 राशियों के जीवन पर स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। आगामी 11 जून 2026 को वरुण ग्रह उत्तर भाद्रपद नक्षत्र के तृतीय पद में गोचर करने जा रहा है और यह 3 अगस्त 2026 तक इसी स्थिति में विराजमान रहेगा। आइए जानते हैं कि वरुण के इस महत्वपूर्ण गोचर से किन 4 राशियों की किस्मत चमकने वाली है:
वृषभ राशि
वृषभ राशि के जातकों के लिए वरुण का यह नक्षत्र गोचर बेहद सकारात्मक और फलदायी साबित होगा।
- आर्थिक लाभ: धन से जुड़े मामलों में आपको शानदार सफलता मिलेगी। यदि आप कहीं निवेश करने की योजना बना रहे हैं, तो यह अवधि आपको बड़ा मुनाफा दिला सकती है।
- संपत्ति: पैतृक संपत्ति से भी अच्छा लाभ प्राप्त होने की पूरी उम्मीद है और आय के नए स्रोत खुलेंगे।
- पारिवारिक जीवन: जीवनसाथी के साथ आपके संबंध और अधिक मजबूत होंगे। घर-परिवार में किसी मांगलिक कार्य का आयोजन हो सकता है।
कर्क राशि
कर्क राशि वालों के लिए यह गोचर मानसिक चिंताओं और परेशानियों से पूर्ण रूप से मुक्ति दिलाने वाला रहेगा।
- करियर व व्यापार: आपके मान-सम्मान में वृद्धि होगी। करियर में कई सुनहरे और बड़े अवसर आपके हाथ लगेंगे। बिजनेस में बंपर उछाल देखने को मिलेगा, विशेषकर इंपोर्ट-एक्सपोर्ट के काम में भारी मुनाफा होगा।
- धन व सफलता: अचानक धन प्राप्ति के प्रबल योग बन रहे हैं। किसी महत्वपूर्ण काम में बड़ी सफलता मिल सकती है और यात्राओं से भी अच्छा लाभ कमाने में आप सफल रहेंगे।
वृश्चिक राशि
वृश्चिक राशि के जातकों के लिए वरुण का यह नक्षत्र पद गोचर आर्थिक रूप से बेहद शुभ दिखाई दे रहा है।
- सुख-सुविधाएं: आपके बैंक बैलेंस में शानदार बढ़ोतरी होगी। नया मकान या वाहन खरीदने का आपका पुराना सपना अब साकार हो सकता है।
- करियर व स्वास्थ्य: जोखिम भरे कार्यों (जैसे शेयर मार्केट आदि) से आप अच्छा पैसा कमाने में सफल रहेंगे। नई नौकरी के अवसर प्राप्त हो सकते हैं। साथ ही, किसी पुरानी और गंभीर बीमारी से मुक्ति मिलने के भी प्रबल आसार हैं।
कुंभ राशि
कुंभ राशि वालों के लिए यह गोचर जीवन में तरक्की के नए द्वार खोलने वाला साबित होगा।
- कर्ज से मुक्ति: किसी पुराने और भारी कर्ज से आपको हमेशा के लिए छुटकारा मिल सकता है। समाज में आप अपनी एक अलग और विशिष्ट पहचान बनाने में कामयाब रहेंगे।
- कार्य व निवेश: लंबे समय से अटका हुआ कोई महत्वपूर्ण काम पूरा हो जाएगा। धन-धान्य में अच्छी वृद्धि के संकेत हैं और पुराने निवेशों से भी बेहतरीन रिटर्न मिलने की उम्मीद है।
पाप कर्तरी योग: 9 जून को ग्रहों का अशुभ फेर, इन 2 राशियों पर पड़ेगा भारी प्रभाव
ज्योतिष शास्त्र में ‘पाप कर्तरी योग’ तब निर्मित होता है, जब कोई शुभ या सौम्य ग्रह दो क्रूर या पापी ग्रहों के बीच में फंस जाता है। ऐसा ही कुछ 9 जून की सुबह होने जा रहा है, जब सौम्य ग्रह चंद्रमा कुंभ राशि से निकलकर मीन राशि में प्रवेश करेंगे। इस स्थिति में चंद्रमा, कुंभ राशि में बैठे राहु और मेष राशि में बैठे मंगल के ठीक बीच में फंस जाएंगे, जिससे इस अशुभ ‘पाप कर्तरी योग’ का निर्माण होगा। यह स्थिति इसलिए भी अधिक घातक मानी जा रही है क्योंकि चंद्रमा शनि के साथ युति में होंगे। आइए जानते हैं किन दो राशियों पर इसका सबसे अधिक दुष्प्रभाव पड़ेगा और इसके बचाव के उपाय क्या हैं:
कर्क राशि
चंद्रमा आपकी राशि के स्वामी हैं और मीन राशि में उनका यह गोचर ही इस योग के बनने का मुख्य कारण है। इस योग में चंद्रमा के पीड़ित होने के कारण आप पर इसका सीधा और गहरा असर देखने को मिल सकता है।
- प्रभाव: आपको भारी मानसिक तनाव का सामना करना पड़ सकता है और छोटी-छोटी बातें भी आपको चुभ सकती हैं। जून के दूसरे सप्ताह के कुछ दिन आपके लिए विशेष तनावपूर्ण रहेंगे। पारिवारिक जीवन में भी उतार-चढ़ाव आ सकते हैं।
- सावधानी: इस दौरान अपनी कोई भी राज की बात या गुप्त योजना किसी के साथ साझा न करें, अन्यथा आप बड़ी मुसीबत में फंस सकते हैं। धन से जुड़ी कोई भी बड़ी डील या निवेश करने से अभी बचना ही समझदारी होगी।
- उपाय: इस अशुभ योग के प्रभाव को कम करने के लिए नियमित रूप से भगवान शिव के मंत्रों (जैसे ‘ॐ नमः शिवाय’) का जप करें।
मीन राशि
मीन राशि के जातकों के लिए भी यह पाप कर्तरी योग बिल्कुल अच्छा नहीं माना जा रहा है।
- प्रभाव: आप पर अनावश्यक क्रोध हावी हो सकता है, जिसके कारण आपके अपने और करीबी लोग आपसे दूरियां बना सकते हैं। कार्यक्षेत्र (ऑफिस) में चल रही राजनीति से खुद को पूरी तरह दूर रखें, वरना आप बेवजह का तनाव मोल ले लेंगे।
- स्वास्थ्य व सावधानी: सेहत के दृष्टिकोण से आपको पेट (उदर), गले और कान से संबंधित कोई स्वास्थ्य समस्या परेशान कर सकती है, इसलिए अपना विशेष ख्याल रखें। वाहन आदि चलाते समय भी अत्यधिक सतर्कता बरतें।
- उपाय: बातचीत के दौरान अपने शब्दों का चयन बहुत सोच-समझकर करें। इस योग के बुरे प्रभावों से बचने के लिए नियमित रूप से योग और ध्यान (Meditation) करें, साथ ही प्रतिदिन हनुमान चालीसा का पाठ करें।





































