विभिन्न न्यायालयों में राज्य सरकार की ओर से मजबूत पैरवी करने वाले शासकीय अधिवक्ताओं के लिए एक बेहद बड़ी और अच्छी खबर सामने आई है। राज्य सरकार द्वारा इन सभी वकीलों की रिटेनरशिप एवं बहस फीस में भारी वृद्धि किए जाने का एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। इस बहुप्रतीक्षित फैसले के बाद पूरे प्रदेश के अधिवक्ता समुदाय ने इसका जोरदार स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री के प्रति अपना हार्दिक आभार व्यक्त किया है। राज्य के वरिष्ठ महाधिवक्ताओं ने इस बड़े कदम को कानूनी बिरादरी के लिए एक बहुत ही ऐतिहासिक और सकारात्मक निर्णय बताया है। सरकार के इस फैसले से न्यायालयों में काम करने वाले सरकारी वकीलों को आर्थिक रूप से एक बहुत बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
लंबे समय से चली आ रही पुरानी मांग हुई पूरी अधिवक्ताओं ने बताया कि मुख्यमंत्री ने न्यायालयों में राज्य के हितों की प्रभावी पैरवी सुनिश्चित करने की आवश्यकता को समझते हुए यह ठोस पहल की। अब उनके कुशल नेतृत्व में प्रदेश मंत्रिमंडल ने रिटेनरशिप एवं बहस फीस में ऐतिहासिक वृद्धि का निर्णय लेकर एक शानदार काम किया है। इस फैसले ने अधिवक्ता समुदाय की अत्यंत लंबे समय से चली आ रही पुरानी और जायज अपेक्षा को पूरी तरह से साकार कर दिया है। वकीलों के अनुसार यह निर्णय केवल फीस वृद्धि का विषय नहीं है, बल्कि न्यायिक व्यवस्था को अधिक सक्षम और उत्तरदायी बनाने का प्रयास है। इस अहम फैसले से न्यायालयों में राज्य सरकार के तमाम मामलों की गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध पैरवी को और अधिक मजबूत बल मिलेगा।
निचली अदालतों से लेकर शीर्ष अदालत तक फायदा इस नए फैसले का लाभ जनपद न्यायालयों में कार्यरत जिला शासकीय अधिवक्ता, अपर और सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता सहित कई वकीलों को मिलेगा। उप जिला शासकीय अधिवक्ता, नामित अधिवक्ता, विशेष अधिवक्ता एवं न्याय मित्रों को भी इस बढ़े हुए पारिश्रमिक का व्यापक रूप से लाभ मिलेगा। इसके अलावा हाई कोर्ट की इलाहाबाद और लखनऊ खंडपीठ के साथ-साथ सुप्रीम कोर्ट में राज्य का पक्ष रखने वाले महाधिवक्ताओं को भी फायदा होगा। अपर महाधिवक्ता, मुख्य स्थायी अधिवक्ता, स्थायी अधिवक्ता, शासकीय अधिवक्ता, ब्रीफ होल्डर और एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड भी इस वृद्धि के दायरे में आएंगे। विभिन्न श्रेणी के पैनल अधिवक्ताओं तक इस ऐतिहासिक निर्णय का सीधा और व्यापक लाभ पहुंचने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है।
बढ़ते मुकदमों और काम के बोझ को देखते हुए फैसला अधिवक्ताओं के अनुसार बदलते न्यायिक परिदृश्य और अदालतों में मुकदमों की तेजी से बढ़ती संख्या को देखते हुए इस फैसले की सख्त आवश्यकता थी। जटिल विधिक विषयों तथा अधिवक्ताओं की लगातार बढ़ी हुई जिम्मेदारियों के कारण पारिश्रमिक संरचना के पुनरीक्षण की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही थी। इसी बात को ध्यान में रखते हुए विशेष रूप से जनपद न्यायालयों के अधिवक्ताओं की फीस में लगभग दस वर्ष बाद यह संशोधन किया गया है। वहीं दूसरी ओर महाधिवक्ता स्तर पर लगभग चौदह वर्ष के बाद यह बदलाव किया जाना प्रदेश सरकार की संवेदनशीलता को पूरी तरह से दर्शाता है। यह दूरदर्शी निर्णय सरकारी वकीलों के काम को और भी ज्यादा सुचारू और व्यवस्थित बनाने में अपनी एक बहुत बड़ी भूमिका निभाएगा।
पचास प्रतिशत तक बढ़ाई गई वकीलों की फीस अधिवक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि मुख्यमंत्री द्वारा समयानुकूल पुनरीक्षण की अवधारणा को स्वीकार करते हुए एक बहुत बड़ा कदम उठाया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार सरकार ने रिटेनरशिप एवं प्रति सुनवाई फीस में पूरे पचास प्रतिशत तक की भारी वृद्धि का निर्णय लिया है। फीस में की गई इस बड़ी बढ़ोतरी से सभी सरकारी अधिवक्ताओं का मनोबल और भी ज्यादा बढ़ेगा जिससे वे बेहतर ढंग से काम कर सकेंगे। राज्य के महत्वपूर्ण मामलों की पैरवी और अधिक प्रभावी होगी तथा सभी न्यायालयों में शासन का पक्ष पूरी मजबूती के साथ प्रस्तुत किया जा सकेगा। यह निर्णय राज्य सरकार के वकीलों को उनके बेहतरीन काम के बदले एक उचित और सम्मानजनक आर्थिक लाभ देने का प्रयास है।
सुशासन और न्यायिक प्रणाली को सशक्त बनाने का काम फीस में वृद्धि होने के बाद सभी संबंधित अधिवक्ताओं ने मुख्यमंत्री के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए उन्हें तहे दिल से धन्यवाद दिया है। वकीलों ने अपने बयान में कहा कि प्रदेश सरकार ने अधिवक्ताओं के योगदान का सम्मान करते हुए पूरी न्यायिक प्रणाली को सशक्त बनाने का कार्य किया है। यह निर्णय राज्य हितों की रक्षा और सुशासन की मजबूती के प्रति सरकार की पूर्ण प्रतिबद्धता का एक बहुत बड़ा परिचायक माना जा रहा है। इसके साथ ही यह फैसला न्याय के प्रभावी क्रियान्वयन के प्रति भी राज्य सरकार की अपनी जिम्मेदारी को बहुत ही स्पष्ट रूप से दिखाता है। वकीलों को उम्मीद है कि इस फैसले के बाद अदालतों में सरकार का प्रतिनिधित्व करने वाले अधिवक्ताओं की कार्यक्षमता में काफी सुधार आएगा।





































