पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने शुक्रवार को मध्य पूर्व में चल रहे इस युद्ध के संबंध में एक बहुत ही महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि अमेरिका और ईरान मध्य पूर्व युद्ध को खत्म करने के मकसद से एक समझौते की शर्तों पर सहमत हो गए हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मध्यस्थ इस डील को अंतिम रूप देने के लिए तेज़ी से काम कर रहे हैं। क्षेत्र के तीन वरिष्ठ अधिकारियों ने पुष्टि की है कि इस डील से होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने का रास्ता साफ होने की उम्मीद है। यह बयान इस बात का एक और मजबूत संकेत है कि एक ऐतिहासिक शांति समझौता अब पहले से कहीं ज़्यादा करीब है।
समझौते के मुख्य बिंदु: इस संभावित समझौते के कई महत्वपूर्ण और दूरगामी परिणाम होने की उम्मीद है। समझौते से ईरान पर लगे कड़े प्रतिबंधों को चरणबद्ध तरीके से हटाने की योजना बनाई गई है। इसके साथ ही, ईरान की फ्रीज की गई विशाल संपत्ति को भी जारी करने का रास्ता साफ होगा। अमेरिकी प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि समझौते पर हस्ताक्षर होने के बाद 60 दिनों की अवधि में तकनीकी विवरण तय किए जाएंगे। इन विवरणों में यह तय किया जाएगा कि प्रस्तावित समझौता ज्ञापन के अनुसार ईरान के संवर्धित यूरेनियम को कैसे हटाया जाए।
नेतन्याहू का कड़ा विरोध: इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान के साथ किसी भी समझौते का कड़ा और स्पष्ट विरोध किया है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा है कि जब तक वह इज़राइल के प्रधानमंत्री हैं, ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होंगे। नेतन्याहू ने याद दिलाया कि पिछले 30 वर्षों से वह ईरान के परमाणु कार्यक्रम के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय संघर्ष में अग्रणी भूमिका निभाते रहे हैं। उनका दृढ़ विश्वास है कि ईरान यहूदी राज्य को पूरी तरह से नष्ट करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने अपनी पूरी ज़िंदगी ईरान को ऐसा करने से रोकने के लिए समर्पित करने की शपथ ली है।
व्हाइट हाउस का दृष्टिकोण: इस पूरे मामले पर व्हाइट हाउस ने भी अपना दृष्टिकोण स्पष्ट किया है। व्हाइट हाउस के एक सीनियर अधिकारी ने कहा कि ईरान के साथ प्रस्तावित यह समझौता अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा तय किए गए मुख्य लक्ष्यों को पूरी तरह से पूरा करता है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि आने वाले कुछ ही दिनों में इस ऐतिहासिक समझौते पर हस्ताक्षर किए जा सकते हैं। अधिकारी ने कहा कि इस समझौते से न केवल जलडमरूमध्य फिर से खुलेंगे, बल्कि नाकेबंदी भी खत्म होगी। उन्होंने इसे एक बहुत ही सरल लेकिन प्रभावी समझौता बताया है जो अमेरिका को एक बहुत अच्छी स्थिति में लाएगा।
ईरान का होर्मुज पर रुख: ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अपनी स्थिति और योजनाओं को स्पष्ट किया है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने कहा है कि तेहरान का इरादा आने वाले समय में भी इस जलडमरूमध्य पर अपना दबदबा बनाए रखने का है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अगर ज़रूरत पड़ी तो देश की सेना इस दिशा में कड़ी कार्रवाई करेगी। ईरान का कहना है कि होर्मुज़ के लिए ‘सर्विस फ़ीस’ वसूलना अमेरिका के साथ चल रही इस बातचीत का एक अहम हिस्सा है। यह दिखाता है कि ईरान इस रणनीतिक जलमार्ग पर अपना नियंत्रण किसी भी कीमत पर छोड़ने को तैयार नहीं है।
ट्रंप और नेतन्याहू के बीच बातचीत: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच इस मुद्दे पर लगातार चर्चा हो रही है। एक्सियोस की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने नेतन्याहू से फ़ोन पर हुई बातचीत में उम्मीद जताई है कि कुछ ही दिनों में ईरान के साथ कोई अंतिम समझौता हो जाएगा। ट्रंप ने नेतन्याहू को भरोसा दिलाने की कोशिश की है कि यह एक बेहतरीन समझौता है। ट्रंप का मानना है कि अब इस लंबे समय से चल रहे विनाशकारी युद्ध को खत्म करने का सही समय आ गया है। यह बातचीत इस बात का संकेत है कि अमेरिका इस समझौते को लेकर कितना गंभीर है और वह अपने सहयोगियों को विश्वास में लेना चाहता है।





































