कमजोर वैश्विक संकेतों के बावजूद बुधवार को भारतीय शेयर बाजार ने एक बहुत ही सकारात्मक शुरुआत की है। कारोबार शुरू होते ही निवेशकों की ओर से भारी खरीदारी देखने को मिली, जिससे प्रमुख सूचकांक हरे निशान में आ गए। बीएसई का सेंसेक्स 372.49 अंक यानी 0.50 प्रतिशत की मजबूत बढ़त के साथ 74,291.25 के स्तर पर पहुंच गया। इसके साथ ही नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 90.95 अंक यानी 0.39 प्रतिशत चढ़कर 23,333.05 के स्तर पर कारोबार करता हुआ दिखाई दिया। निवेशकों के इस उत्साह ने शुरुआती सत्र में बाजार को एक बेहतरीन दिशा और गति प्रदान की है।
बाजार में चौतरफा खरीदारी का माहौल बुधवार की सुबह बाजार में चारों तरफ खरीदारी का एक व्यापक माहौल देखने को मिला है, जिसने निवेशकों का आत्मविश्वास बढ़ाया है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के आंकड़ों के अनुसार, शुरुआती कारोबार में करीब 1456 शेयरों में शानदार बढ़त दर्ज की गई है। इसके विपरीत, बिकवाली के कारण 823 शेयरों में गिरावट का सामना करना पड़ा और वे लाल निशान में रहे। वहीं, 143 शेयर ऐसे भी रहे जिनके भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ और वे पूरी तरह स्थिर रहे। इस चौतरफा भागीदारी से स्पष्ट होता है कि शेयर बाजार में निवेशकों का रुख काफी हद तक सकारात्मक बना हुआ है।
इन प्रमुख शेयरों में दिखी दमदार तेजी निफ्टी के टॉप गेनर्स की सूची में रिलायंस इंडस्ट्रीज, हिंदुस्तान यूनिलीवर (HUL), ट्रेंट, नेस्ले इंडिया और डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज जैसी दिग्गज कंपनियां प्रमुखता से शामिल रही हैं। इन नामी कंपनियों के शेयरों में निवेशकों की भारी दिलचस्पी और अच्छी खरीदारी देखने को मिली है, जिससे प्रमुख सूचकांकों को सहारा मिला। मार्केट एनालिस्ट्स का यह स्पष्ट मानना है कि उपभोक्ता और एफएमसीजी सेक्टर में निवेशकों की रुचि बढ़ने से ही इन शेयरों को इतना मजबूत समर्थन प्राप्त हुआ है। विशेष रूप से रिलायंस इंडस्ट्रीज में हुई मजबूत खरीदारी के कारण पूरे बाजार का सेंटीमेंट काफी ज्यादा पॉजिटिव बना रहा।
मेटल सेक्टर के शेयरों पर भारी दबाव एक तरफ जहां बाजार के कई सेक्टर्स में तेजी रही, वहीं दूसरी तरफ मेटल सेक्टर में साफ तौर पर कमजोरी और दबाव देखने को मिला है। बीएसई का मेटल इंडेक्स कारोबार के दौरान करीब 1 फीसदी तक नीचे फिसल गया। इस सेक्टर में हिंडाल्को, हिंदुस्तान जिंक और नाल्को सबसे ज्यादा नुकसान उठाने वाले शेयरों की सूची में शामिल रहे। अकेले हिंडाल्को के शेयर में 3 प्रतिशत से ज्यादा की भारी गिरावट दर्ज की गई, जबकि हिंदुस्तान जिंक और नाल्को भी लाल निशान में ही कारोबार करते दिखे। इनके अलावा टाटा स्टील, जेएसडब्ल्यू स्टील और सेल जैसे अन्य प्रमुख शेयरों पर भी बिकवाली का दबाव बना रहा, जिससे बाजार की तेजी कुछ सीमित हो गई।
मुनाफावसूली से इन शेयरों में आई गिरावट बाजार की इस हलचल के बीच निफ्टी के टॉप लूजर्स में मेटल शेयरों के अलावा कुछ अन्य सेक्टर के दिग्गज शेयर भी शामिल रहे। इनमें हिंडाल्को के साथ-साथ इन्फोसिस, एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस, श्रीराम फाइनेंस और टीएमपीवी (TMPV) के नाम प्रमुख रूप से देखे गए। जानकारों और विश्लेषकों के अनुसार, आईटी और मेटल सेक्टर के कुछ शेयरों में निवेशकों द्वारा की गई भारी मुनाफावसूली के कारण यह गिरावट देखने को मिली है। इन विशिष्ट शेयरों में बिकवाली के कारण निवेशकों ने ऊंचे स्तरों पर अपना मुनाफा सुरक्षित करना ज्यादा उचित समझा, जिससे सूचकांकों की बढ़त पर हल्का ब्रेक लगा।
डॉलर के मुकाबले भारतीय मुद्रा में कमजोरी शेयर बाजार की इस तेजी के उलट, मुद्रा बाजार से निराशाजनक संकेत मिले और भारतीय रुपये की शुरुआत कमजोर रही। बुधवार को भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 19 पैसे टूटकर 95.54 के स्तर पर खुला। इस गिरावट के पीछे मुख्य रूप से कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और वैश्विक बाजार में बने हुए सतर्क माहौल को जिम्मेदार माना जा रहा है। इसके अलावा, आयातकों की ओर से डॉलर की लगातार बढ़ती मांग ने भी रुपये पर काफी ज्यादा दबाव डाला है। विदेशी निवेशकों द्वारा भारतीय बाजार से अपना पैसा निकालने की वजह से भी स्थानीय मुद्रा में यह कमजोरी देखने को मिली है।





































