विशाखापत्तनम के स्टील प्लांट में हुए इस दर्दनाक और हृदय विदारक हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस भीषण दुर्घटना का तुरंत और गंभीरता से संज्ञान लिया है। प्रधानमंत्री ने इस घटना पर अपना गहरा दुख व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदनाएं प्रकट की हैं। उन्होंने इस मुश्किल घड़ी में केंद्र सरकार की तरफ से हर संभव मदद का भरोसा भी दिलाया है। प्रधानमंत्री कार्यालय लगातार इस पूरी घटना और राहत बचाव कार्यों पर अपनी सीधी नजर बनाए हुए है।
पीएम मोदी ने व्यक्त की गहरी संवेदना: हादसे के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपना शोक संदेश साझा किया है। पीएम मोदी ने अपने संदेश में लिखा है कि वह विशाखापत्तनम स्टील प्लांट में हुए हादसे से काफी ज्यादा व्यथित और दुखी हैं। उन्होंने आगे लिखा कि अपनों को खोने वाले सभी लोगों और उनके परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने इस दुर्घटना में घायल हुए सभी श्रमिकों के शीघ्र और पूर्ण रूप से स्वस्थ होने की प्रार्थना भी की है। उन्होंने आश्वासन दिया कि स्थानीय अधिकारी प्रभावित लोगों तक हर संभव सहायता पहुंचा रहे हैं।
PMNRF से आर्थिक मुआवजे की घोषणा: संवेदनाएं व्यक्त करने के साथ ही प्रधानमंत्री ने इस हादसे के पीड़ितों के लिए तत्काल आर्थिक मदद का भी ऐलान किया है। पीएम मोदी ने घोषणा की है कि प्रत्येक मृतक श्रमिक के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से अनुग्रह राशि प्रदान की जाएगी। इसके तहत जान गंवाने वाले हर व्यक्ति के परिवार को 2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके अतिरिक्त इस हादसे में जो श्रमिक घायल हुए हैं, उनके इलाज और मदद के लिए 50,000 रुपये की राशि दी जाएगी। यह राशि सीधे पीड़ितों के बैंक खातों में जल्द से जल्द ट्रांसफर की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने जताया गहरा दुख: इस बड़ी दुर्घटना को लेकर आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने भी अपना गहरा दुख और चिंता व्यक्त की है। राज्य के मुखिया के तौर पर उन्होंने इस घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और पीड़ादायक बताया है। चंद्रबाबू नायडू ने अपने बयान में कहा कि विशाखापत्तनम स्टील प्लांट में अचानक हुए इस भीषण हादसे से वह काफी ज्यादा स्तब्ध हैं। उन्होंने कहा कि मुझे यह जानकर बहुत गहरा दुख हुआ है कि इस दर्दनाक दुर्घटना में हमारे कई मेहनती श्रमिकों की असमय जान चली गई है। मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवारों को राज्य सरकार की ओर से भी पूरी मदद का भरोसा दिया है।
अधिकारियों को दिए गए सख्त निर्देश: घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू तुरंत एक्शन मोड में आ गए और राहत कार्यों की कमान संभाल ली। उन्होंने तत्काल प्रभाव से संबंधित उच्चाधिकारियों से फोन पर बात की और हालात का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे बिना किसी देरी के राहत और बचाव कार्य शुरू करें। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा है कि घायलों को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधाएं तुरंत उपलब्ध कराई जाएं। इसके लिए सभी सरकारी विभागों को आपसी समन्वय बनाकर काम करने के स्पष्ट आदेश दिए गए हैं।
जांच के आदेश और सुरक्षा की समीक्षा: राहत कार्यों के साथ-साथ राज्य सरकार ने इस पूरे मामले की गहन और निष्पक्ष जांच के आदेश भी दे दिए हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह पता लगाने के निर्देश दिए हैं कि इस हादसे के पीछे किन लोगों की लापरवाही या तकनीकी खामी जिम्मेदार है। भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए राज्य भर के सभी औद्योगिक संयंत्रों की सुरक्षा समीक्षा की जाएगी। सरकार का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि राज्य के किसी भी उद्योग में काम करने वाले श्रमिकों की सुरक्षा के साथ कोई भी समझौता न किया जाए।





































