राज्य के मुखिया ने शनिवार के दिन एक महत्वपूर्ण जनसभा में हिस्सा लेकर जनता को संबोधित किया। वहां उन्होंने आम लोगों के कल्याण और सुविधा के लिए मंच से कई बड़ी घोषणाएं कीं। इस कार्यक्रम में उन्होंने 516 करोड़ रुपये की भारी लागत वाली अहम योजनाओं का सीधा उद्घाटन किया। इस विशाल बजट में कुल मिलाकर 262 छोटी और बड़ी विकास परियोजनाएं मुख्य रूप से शामिल की गई हैं। इन सभी महत्वपूर्ण परियोजनाओं के शुरू होने से इस पूरे जिले की तस्वीर पूरी तरह से बदल जाएगी।
गंदगी से स्वच्छता की ओर: अपने भाषण के दौरान उन्होंने इस जिले की पुरानी और खराब स्थिति का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने उपस्थित लोगों को याद दिलाया कि 2017 से पहले इस जगह की गिनती देश के सबसे गंदे इलाकों में होती थी। उस समय स्वच्छता के नाम पर इस शहर में कोई भी ठोस और सार्थक काम नहीं किया गया था। पर अब हालात पूरी तरह से बदल चुके हैं और यह स्थान गंदगी से पूरी तरह मुक्त हो गया है। आज के समय में यह शहर पूरे देश में अपनी एक नई, सुंदर और स्वच्छ पहचान कायम कर रहा है।
गलत सरकारों का खामियाजा: मंच से बोलते हुए उन्होंने पूर्व की पुरानी राजनीतिक व्यवस्थाओं पर भी कड़ा और सीधा प्रहार किया। उन्होंने जनता को विस्तार से समझाया कि गलत लोगों को चुनकर सत्ता में भेजने का अंजाम हमेशा बुरा ही होता है। जब भी गलत सरकारें सत्ता में आती हैं, तो उसका सारा गंभीर खामियाजा सिर्फ और सिर्फ आम जनता को ही भुगतना पड़ता है। साल 2017 से पहले प्रदेश की भोली-भाली जनता को इस तरह के बुरे दौर का लगातार सामना करना पड़ा था। उस समय की गलत और भेदभावपूर्ण नीतियों के कारण कोई भी नागरिक परेशानियों और समस्याओं से बच नहीं पाया था।
एक गांव तक सीमित विकास: पुरानी सरकारों की कार्यशैली और नीयत पर उन्होंने मंच से बहुत ही तीखा तंज कसा। उन्होंने जनता को बताया कि पहले राज्य का सारा का सारा विकास केवल एक ही खास गांव तक सीमित होकर रह गया था। उस पुराने दौर में बाकी पूरे प्रदेश को विकास की मुख्य दौड़ में पूरी तरह से अनदेखा कर दिया जाता था। पूर्व की सरकारों ने अपनी सारी लाभकारी योजनाएं सिर्फ और सिर्फ अपने चहेते क्षेत्रों तक ही सीमित रखी थीं। लेकिन अब यह नई सरकार पूरे राज्य में बिना किसी भेदभाव के समान रूप से सबका विकास कर रही है।
हर जिले में अस्पताल: मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में प्रदेश को एक नई दिशा दी है। उन्होंने मंच से कहा कि हमने नया मेडिकल कॉलेज बनाने के लिए केवल किसी एक विशेष जगह को नहीं चुना। पूर्व की स्वार्थी सरकारों की तरह हमने यह कभी नहीं कहा कि अस्पताल केवल एक खास इलाके में ही बनेगा। इसके बजाय हमने पूरे प्रदेश के अलग-अलग और पिछड़े जिलों में इन अहम चिकित्सा सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया है। हमने यह पक्का किया है कि ये आधुनिक अस्पताल अब हर एक जरूरतमंद जिले में स्थापित किए जाएंगे।
मेडिकल सुविधाओं की क्रांति: स्वास्थ्य सेवाओं की इस महाक्रांति में राज्य के कई महत्वपूर्ण और नए जिलों को शामिल किया गया है। आज के समय में बहराइच, बलरामपुर, अयोध्या और बस्ती जैसे कई अहम जनपदों में शानदार मेडिकल कॉलेज बन चुके हैं। इसके साथ ही सिद्धार्थनगर, अंबेडकर नगर और सुल्तानपुर में भी इन चिकित्सा संस्थानों का बहुत तेजी से निर्माण हो रहा है। वर्तमान सरकार का मुख्य और अंतिम लक्ष्य प्रदेश के हर एक जिले को उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा से पूरी तरह जोड़ना है। अब राज्य का कोई भी ऐसा जिला अछूता नहीं बचेगा जहां अपना खुद का एक सरकारी मेडिकल कॉलेज मौजूद न हो।





































