भारतीय शेयर बाजार ने पिछले कारोबारी सत्र की गिरावट से उबरते हुए शुक्रवार को एक बार फिर अपनी मजबूत वापसी दर्ज की है। शुरुआती कारोबार के दौरान घरेलू शेयर बाजार में चारों तरफ चौतरफा खरीदारी का माहौल साफ तौर पर देखा गया। इस दौरान बंबई स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 213 अंकों से अधिक चढ़कर 77,146.86 के स्तर तक पहुंच गया। वहीं दूसरी तरफ नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 39.35 अंकों की बढ़त बनाकर 24,130.20 के मजबूत स्तर पर कारोबार करता दिखा। इस तरह भारतीय शेयर बाजार ने पिछले सत्र की भारी मंदी से निकलकर फिर से तेजी की राह पकड़ ली है।
IT सेक्टर ने दी मजबूती: शेयर बाजार की इस शानदार वापसी में सबसे मुख्य भूमिका आईटी सेक्टर के प्रमुख और दिग्गज शेयरों ने निभाई है। शुरुआती कारोबार के आंकड़ों के मुताबिक बाजार में कुल 1,419 शेयरों में तेजी दर्ज की गई, जबकि 723 शेयरों में मंदी रही। इसके अलावा करीब 150 शेयरों के भाव में कोई बड़ा बदलाव नहीं देखा गया, जो बाजार की स्थिरता को दर्शाता है। निफ्टी के प्रमुख सूचकांक पर इन्फोसिस, टीसीएस, टेक महिंद्रा, विप्रो और एचसीएल टेक्नोलॉजीज बढ़त बनाने वाले प्रमुख शेयर रहे। आईटी सेक्टर में लगातार बढ़ी इस खरीदारी से निवेशकों का भरोसा और सेंटीमेंट बहुत तेजी से मजबूत हुआ है।
बैंकिंग और सीमेंट पर दबाव: हालांकि बाजार में चारों तरफ हरियाली रहने के बावजूद सभी शेयरों और क्षेत्रों में एक समान तेजी दर्ज नहीं की जा सकी। निफ्टी के गिरावट वाले प्रमुख शेयरों में बजाज फाइनेंस, आईसीआईसीआई बैंक, बजाज फिनसर्व, अल्ट्राटेक सीमेंट और आईटीसी शामिल रहे। इन प्रमुख दिग्गज कंपनियों के शेयरों में हुई मुनाफावसूली और बिकवाली ने शेयर बाजार की कुल बढ़त को कुछ हद तक रोक दिया। विशेष रूप से फाइनेंशियल सर्विसेज, बैंकिंग और सीमेंट सेक्टर के शेयरों में बिकवाली का दबाव साफ देखने को मिला। इसके कारण सेंसेक्स और निफ्टी अपनी शुरुआती बढ़त को और अधिक ऊपर तक ले जाने में असफल रहे।
गेनर और लूजर का प्रदर्शन: शेयर बाजार के टॉप गेनर शेयरों की सूची में टेक महिंद्रा 2.86 प्रतिशत की शानदार बढ़त के साथ सबसे आगे बना रहा। इसके ठीक पीछे टीसीएस ने 2.65 प्रतिशत और इन्फोसिस ने 2.40 प्रतिशत की मजबूत और बड़ी बढ़त दर्ज करने में सफलता पाई। एचसीएल टेक 2.19 प्रतिशत और विप्रो 1.78 प्रतिशत चढ़कर निफ्टी के टॉप-5 गेनर्स की सूची में अपनी जगह बनाने में सफल रहे। दूसरी ओर टॉप लूजर्स में बजाज फाइनेंस 1.17 प्रतिशत और बजाज फिनसर्व 1.09 प्रतिशत की गिरावट के साथ सबसे नीचे आ गए। इसके अलावा इटरनल में 0.90 प्रतिशत, श्रीराम फाइनेंस में 0.75 प्रतिशत और एसबीआई लाइफ में 0.63 प्रतिशत की मंदी रही।
सेक्टोरल इंडेक्स का हाल: शुरुआती कारोबार के दौरान शेयर बाजार के अधिकांश सेक्टोरल इंडेक्स हरे निशान में मजबूती के साथ कारोबार करते हुए दिखाई दिए। बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज को छोड़कर लगभग सभी ब्रॉड मार्केट इंडेक्स में बढ़त का सकारात्मक रुख लगातार बना रहा। भारत के मजबूत मैक्रोइकोनॉमिक संकेतकों के कारण घरेलू शेयर बाजार को इस समय काफी ज्यादा समर्थन और मजबूती मिल रही है। हालांकि कमोडिटी बाजार में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्रेंट क्रूड आज लगभग 88.20 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर कारोबार कर रहा है। इसके साथ ही कच्चा तेल (क्रूड ऑयल) भी कमोडिटी बाजार में करीब 83.12 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बना हुआ है।
भविष्य की प्रमुख चुनौतियां: भविष्य के दृष्टिकोण से देखें तो घरेलू शेयर बाजार के समक्ष आगे चलकर कुछ बड़ी चुनौतियां भी स्पष्ट रूप से खड़ी हैं। वैश्विक स्तर पर तेल और गैस की सप्लाई में आने वाली किसी भी तरह की बाधा बाजार की चाल बिगाड़ सकती है। इसके साथ ही देश में खाद्य महंगाई में बढ़ोतरी का जोखिम भी निवेशकों की चिंता को लगातार बढ़ा रहा है। वैश्विक मोर्चे पर ईरान युद्ध का संभावित असर भी आने वाले समय में घरेलू बाजार पर दबाव डाल सकता है। इन सभी परिस्थितियों के कारण विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में भारतीय बाजारों में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है।













































