लखनऊ।संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआईएमएस), लखनऊ के मेडिकल जेनेटिक्स विभाग द्वारा 21 सितंबर 2026 को 23वें आईसीएमआर मेडिकल जेनेटिक्स एवं जेनेटिक काउंसलिंग पाठ्यक्रम का शुभारंभ किया गया। दो सप्ताह का यह शैक्षणिक कार्यक्रम 3 अक्टूबर 2026 तक चलेगा।
उद्घाटन समारोह में एसजीपीजीआई के डीन, प्रो. मनोज जैन, संयुक्त निदेशक प्रशासन एवं सामग्री प्रबंधन प्रकाश सिंह, विभागाध्यक्ष, मातृ एवं प्रजनन स्वास्थ्य विभाग, प्रोफेसर मंदाकिनी प्रधान तथा विभागाध्यक्ष, मेडिकल जेनेटिक्स विभाग एवं कोर्स डायरेक्टर डॉ. कौशिक मंडल, उपस्थित रहे।

आईसीएमआर द्वारा समर्थित इस प्रतिष्ठित पाठ्यक्रम में देश के विभिन्न हिस्सों से 38 प्रतिभागी शामिल हुए हैं। यह पाठ्यक्रम प्रतिभागियों को मेडिकल जेनेटिक्स एवं जेनेटिक काउंसलिंग के क्षेत्र में व्यापक सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण एवं अनुभव प्राप्त करने का अवसर प्रदान करेगा।
शैक्षणिक कार्यक्रम में भारत के 12 प्रख्यात विशेषज्ञों तथा अमेरिका से एक अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ द्वारा व्याख्यान दिए जाएंगे। विशेषज्ञ मेडिकल जेनेटिक्स, जीनोमिक मेडिसिन, आनुवंशिक रोगों, प्रयोगशाला निदान, प्रसवपूर्व जेनेटिक्स तथा जेनेटिक काउंसलिंग सहित चिकित्सा आनुवंशिकी के विभिन्न समकालीन पहलुओं पर अपने अनुभव एवं विशेषज्ञता साझा करेंगे।

यह पाठ्यक्रम डॉ. कौशिक मंडल, विभागाध्यक्ष, मेडिकल जेनेटिक्स विभाग के नेतृत्व में आयोजित किया जा रहा है। इस महत्वपूर्ण शैक्षणिक पहल के सफल आयोजन में उनकी दूरदृष्टि एवं प्रतिबद्धता की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
समर्पित कोर्स टीम में शशांक शेंदे, योगल किशोर, सरोज गौतम, बृजेश पटेल एवं सुनील कुमार शामिल हैं। इसके साथ ही मेडिकल जेनेटिक्स विभाग के संकाय सदस्यों एवं समस्त स्टाफ के सामूहिक प्रयासों ने कार्यक्रम के सफल आयोजन में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
इस पाठ्यक्रम का उद्देश्य मेडिकल जेनेटिक्स एवं जेनेटिक काउंसलिंग के क्षेत्र में ज्ञान और कौशल को सुदृढ़ करना तथा बेहतर रोगी देखभाल के लिए जेनेटिक्स को क्लिनिकल प्रैक्टिस में प्रभावी रूप से एकीकृत करने को बढ़ावा देना है।
संस्थान के मेडिकल जेनेटिक्स विभाग, ने मेडिकल जेनेटिक्स के क्षेत्र में शिक्षा, प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण को बढ़ावा देने के लिए भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के निरंतर सहयोग के प्रति आभार व्यक्त किया।
इस पाठ्यक्रम का सफल शुभारंभ जेनेटिक्स के क्षेत्र में शिक्षा एवं प्रशिक्षण को आगे बढ़ाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण शैक्षणिक पहल की शुरुआत है, जिसका उद्देश्य वैज्ञानिक ज्ञान को बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं में रूपांतरित कर रोगियों एवं उनके परिवारों को लाभ पहुंचाना है।











































