मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर के चौरी चौरा विधानसभा क्षेत्र में 84 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इनमें रेलवे लाइन के ऊपर बनाया गया रेल उपरिगामी सेतु भी शामिल है, जिसका उद्देश्य भोपा बाजार और आसपास के इलाके में आवागमन की समस्या दूर करना है। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर कहा कि लंबे समय से स्थानीय लोगों को रेलवे लाइन के कारण परेशानी उठानी पड़ रही थी। पुल का निर्माण पूरा होने से अब क्षेत्र के लोगों को आवाजाही में राहत मिलेगी। विकास कार्यों की शुरुआत के साथ मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में समाजवादी पार्टी के शासनकाल, प्रदेश की कानून-व्यवस्था और चौरी चौरा के ऐतिहासिक महत्व पर भी चर्चा की। इसके अलावा उन्होंने चक्रवात, अत्यधिक बारिश और ओलावृष्टि से फसल गंवाने वाले किसानों के लिए नए राहत पैकेज की घोषणा कर नुकसान की भरपाई का आश्वासन दिया।
चार कार्यकाल में 1500 दंगों का सपा पर आरोप: योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी की पिछली सरकारों पर तीखा राजनीतिक हमला करते हुए कहा कि पार्टी ने अपने 4 कार्यकाल में उत्तर प्रदेश में 1500 दंगे करवाए। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि उस समय 10 लाख गुंडे पाले गए थे, जो जिलों में लूटपाट करते थे और व्यापारियों के साथ-साथ बेटियों की सुरक्षा के लिए भी खतरा बने हुए थे। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने 10 लाख लोगों को सरकारी नौकरी दी और माफिया के खिलाफ कार्रवाई की। योगी ने दावा किया कि भ्रष्टाचार में शामिल लोगों को अब कार्रवाई से परेशानी हो रही है और वे सड़कों पर अराजकता फैलाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ माहौल बनाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने इस तरह के विरोध को गरीबों, किसानों और महिलाओं के हितों के विरुद्ध बताया तथा कहा कि आतंकवाद, अलगाववाद और नक्सलवाद का समर्थन करने वाली ताकतों के खिलाफ खड़ा होना जरूरी है।
अपराधियों को चेतावनी और सुरक्षा व्यवस्था पर जोर: मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले प्रदेश में ऐसी स्थिति थी, जिसमें किसी व्यापारी को लूट लिया जाता था और राह चलते बेटियों के साथ छेड़खानी की जाती थी। उन्होंने इन घटनाओं को समाजवादी पार्टी के शासनकाल से जोड़ते हुए आरोप लगाया कि उस समय अपराधियों को संरक्षण मिलता था। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उनकी सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा और व्यापारियों के हितों को लेकर सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि बेटियों के साथ छेड़खानी करने या कारोबारियों की सुरक्षा को नुकसान पहुंचाने वालों को जेल भेजा जाएगा और उनके लिए कोई दूसरा रास्ता नहीं होगा। मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर भी निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई से परेशान हैं, वे अव्यवस्था फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। उनके मुताबिक, ऐसी गतिविधियों का असर समाज के कमजोर वर्गों, किसानों और महिलाओं पर पड़ता है।
चौरी चौरा कांड के शहीदों और मालवीय की भूमिका याद की: अपने भाषण में मुख्यमंत्री ने चौरी चौरा कांड के ऐतिहासिक संदर्भ को भी सामने रखा। उन्होंने रामधारी सिंह दिनकर की पंक्ति ‘अंधा चकाचौंध का मारा, क्या जाने इतिहास बेचारा?’ का उल्लेख करते हुए कहा कि मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों और सड़कों पर हो रही राजनीति को समझने के लिए इतिहास को याद रखना चाहिए। उन्होंने बताया कि 4 फरवरी 1922 को हुए चौरी चौरा कांड के बाद अंग्रेजों ने 172 देशभक्तों को फांसी की सजा सुनाई थी। गिरफ्तार किए गए लोगों में किसान, मजदूर और व्यापारी शामिल थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि उस समय पंडित जवाहरलाल नेहरू कानूनी बचाव के लिए सामने नहीं आए, जबकि पंडित मदन मोहन मालवीय ने इन लोगों की पैरवी की। योगी के अनुसार, मालवीय के प्रयासों से 151 क्रांतिकारियों, किसानों, मजदूरों, व्यापारियों और युवाओं को फांसी के फंदे से बचाया जा सका।
2022 में सामने आई थी फ्लाईओवर की जरूरत: मुख्यमंत्री ने भोपा बाजार की पुरानी यातायात समस्या का उल्लेख करते हुए बताया कि वहां से गुजरने वाली रेलवे लाइन के कारण आसपास का इलाका 2 हिस्सों में बंट गया था। 4 फरवरी 2022 को क्षेत्र के दौरे के दौरान उन्होंने खुद वहां घंटों तक लगने वाले जाम और लोगों की परेशानी को देखा था। रेलवे लाइन के दोनों ओर वाहनों और लोगों की भारी भीड़ जमा थी, जिससे एक तरफ से दूसरी तरफ पहुंचना मुश्किल हो रहा था। उसी दौरान कमलेश पासवान ने वहां पुल बनाए जाने का सुझाव दिया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि उस समय सामने आया प्रस्ताव अब पूरा हो चुका है और चौरी चौरा शहीद स्मारक के पास फ्लाईओवर तैयार हो गया है। उन्होंने इसे स्थानीय लोगों की आवाजाही को सुगम बनाने वाली परियोजना बताया। उनके मुताबिक, जिस पुल की मांग कभी समस्या के समाधान के तौर पर उठी थी, वह अब वास्तविकता बन चुका है।
चक्रवात, बारिश और ओलावृष्टि से बर्बाद फसल की होगी भरपाई: मुख्यमंत्री ने किसानों को राहत देने के लिए नया पैकेज लाने की घोषणा करते हुए कहा कि चक्रवात, अत्यधिक बारिश और ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों को मुआवजा दिया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि फसलों को हुए नुकसान का आकलन तुरंत कराया जाए और प्रभावित किसानों तक मुआवजा पहुंचाने की कार्रवाई में देरी न हो। सभी जिलाधिकारियों को सर्वेक्षण पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि नुकसान की स्थिति का आकलन कर राहत तय की जा सके। योगी आदित्यनाथ ने पहले दिए गए मुआवजे को अपर्याप्त बताते हुए कहा कि सरकार किसानों की क्षति की भरपाई के लिए नया पैकेज तैयार करेगी। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार अन्नदाता किसानों के साथ खड़ी है और फसल के नुकसान की पूरी भरपाई करने के लिए कदम उठाएगी।















































