हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता संजय मिश्रा अपनी शानदार अदाकारी के साथ-साथ सादगी भरी जीवनशैली के लिए भी पहचाने जाते हैं। पर्दे पर अलग-अलग किरदारों को जीवंत करने वाले संजय मिश्रा ने एक बार फिर अपने सहज और जमीन से जुड़े अंदाज से लोगों का ध्यान खींचा है। हाल ही में वह बिहार के दरभंगा स्थित अपने पैतृक गांव नारायणपुर पहुंचे, जहां उनका बेहद साधारण पहनावा चर्चा का विषय बन गया। अभिनेता गांव में किसी बड़े आयोजन या खास तामझाम के बिना लुंगी और टी-शर्ट पहनकर पहुंचे। उनके इस अंदाज को देखकर लोगों को एक बार फिर महसूस हुआ कि बड़े पर्दे पर पहचान और प्रतिष्ठा हासिल करने के बावजूद वह अपनी जड़ों से जुड़े रहना पसंद करते हैं। गांव पहुंचने के बाद उन्होंने स्थानीय लोगों और रिश्तेदारों से मुलाकात की। उनके आने की खबर मिलते ही गांव के लोग उन्हें देखने और मिलने के लिए इकट्ठा होने लगे। संजय मिश्रा का यह सहज व्यवहार अब लोगों के बीच चर्चा में है।
नारायणपुर में रिश्तेदारों और ग्रामीणों से मिले अभिनेता: अपने पैतृक गांव पहुंचने पर संजय मिश्रा ने परिवार के सदस्यों, रिश्तेदारों और गांव के लोगों के साथ समय बिताया। इस दौरान उन्होंने लोगों के साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं और अपनी कुलदेवी के मंदिर पहुंचकर आशीर्वाद लिया। गांव में उनके आने को लेकर लोगों में उत्सुकता दिखाई दी और कई ग्रामीण उनसे मिलने के लिए आगे आए। अभिनेता का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसमें वह साधारण कपड़ों में गांव पहुंचते और लोगों के बीच सहजता से समय बिताते दिखाई दे रहे हैं। मंदिर में दर्शन करने के बाद वह गांव के दूसरे हिस्सों में घूमते नजर आए। इसके बाद वह एक घर के बरामदे में बैठे भी दिखाई दिए। उनके पूरे दौरे में किसी तरह का दिखावटी आयोजन नजर नहीं आया। गांव के लोगों के बीच इस तरह सामान्य रूप से घुल-मिलकर रहने का उनका अंदाज प्रशंसकों को खासा पसंद आ रहा है। अभिनेता की यह यात्रा उनके निजी जीवन के उस पक्ष को सामने लाती है, जिसमें वह अपने पैतृक स्थान और वहां के लोगों से जुड़ाव बनाए रखते हैं।
सादगी देखकर प्रशंसकों ने की जमकर तारीफ: संजय मिश्रा के गांव पहुंचने का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर प्रशंसकों ने उनके साधारण रहन-सहन की खूब सराहना की। लोगों को उनका बिना किसी दिखावे के गांव में घूमना और ग्रामीणों से मिलना पसंद आया। हालांकि, यह पहला मौका नहीं है जब अभिनेता अपने देसी अंदाज के कारण चर्चा में आए हों। इससे पहले भी वह कई बार ऐसे काम करते दिखाई दिए हैं, जिनसे उनकी सहज जीवनशैली और जमीन से जुड़ाव सामने आया है। प्रशंसकों के लिए उनकी खासियत केवल पर्दे पर निभाए गए किरदार नहीं हैं, बल्कि उनका निजी व्यवहार भी है। गांव में लुंगी और टी-शर्ट पहनकर पहुंचने की तस्वीरों और वीडियो ने एक बार फिर लोगों का ध्यान इस ओर खींचा कि लोकप्रियता के बावजूद संजय मिश्रा सामान्य जीवन जीने में सहज महसूस करते हैं। यही वजह है कि उनका यह अंदाज प्रशंसकों के बीच पसंद किया जा रहा है और लोग उनके व्यक्तित्व की सादगी को उनकी खास पहचान के रूप में देख रहे हैं।
मंदिर की रंगाई-पुताई करते हुए भी वायरल हुआ था वीडियो: संजय मिश्रा इससे पहले मई में भी अपने एक वीडियो को लेकर चर्चा में आए थे। उस वीडियो में वह एक छोटे से मंदिर की रंगाई-पुताई करते दिखाई दिए थे। खास बात यह थी कि वह इस काम को पूरे मनोयोग से कर रहे थे। अभिनेता ने यह वीडियो खुद साझा किया था, जिसके बाद प्रशंसकों ने उनके इस रूप की सराहना की। लोगों को यह देखकर आश्चर्य हुआ कि फिल्मों में अपनी अदाकारी से पहचान बनाने वाले संजय मिश्रा मंदिर में सामान्य व्यक्ति की तरह मेहनत करते नजर आए। उनके इस काम को प्रशंसकों ने निःस्वार्थ भाव और सादगी से जोड़कर देखा। मंदिर की रंगाई-पुताई से लेकर पैतृक गांव में साधारण कपड़ों में घूमने तक, उनके अलग-अलग वीडियो में एक जैसी सहजता दिखाई देती है। यही कारण है कि अभिनेता जब भी अपने निजी जीवन से जुड़ी ऐसी झलक साझा करते हैं या सार्वजनिक रूप से सामने आते हैं, तो उनके प्रशंसक उनके व्यक्तित्व के इस पक्ष की चर्चा करने लगते हैं।
72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में ‘भक्षक’ के लिए मिला सम्मान: संजय मिश्रा हाल ही में 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह के दौरान भी सुर्खियों में रहे थे। इस समारोह में उन्हें फिल्म ‘भक्षक’ के लिए सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता के राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उनके अभिनय करियर की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में शामिल है। पुरस्कार समारोह से जुड़ी एक खास बात ने भी लोगों का ध्यान खींचा था। सम्मान ग्रहण करने की तैयारी के लिए संजय मिश्रा ने किसी विशेष टीम पर निर्भर रहने के बजाय अपने कपड़े खुद प्रेस किए थे। उनका यह अंदाज सामने आने के बाद प्रशंसकों ने उनकी सादगी की प्रशंसा की। आम तौर पर बड़े पुरस्कार समारोहों में कलाकारों की तैयारियों को लेकर काफी चर्चा होती है, लेकिन संजय मिश्रा का अपने कपड़े खुद प्रेस करना उनके सहज स्वभाव की झलक के रूप में देखा गया। फिल्म ‘भक्षक’ का निर्देशन पुलकित ने किया था और इसमें भूमि पेडनेकर मुख्य भूमिका में थीं। इस फिल्म के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार मिलना उनके अभिनय की पहचान को और मजबूत करने वाला सम्मान रहा।
अभिनय की पहचान के साथ जमीन से जुड़े व्यक्तित्व की भी चर्चा: संजय मिश्रा की हालिया गांव यात्रा और राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह से जुड़ा उनका व्यवहार उनके व्यक्तित्व के दो अलग-अलग पहलुओं को सामने लाता है। एक ओर वह अपनी अदाकारी के लिए प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मान हासिल कर चुके हैं, वहीं दूसरी ओर अपने पैतृक गांव में साधारण कपड़ों में घूमते और ग्रामीणों से मिलते दिखाई देते हैं। मंदिर की रंगाई-पुताई करने का उनका पुराना वीडियो भी इसी सहज जीवनशैली की याद दिलाता है। नारायणपुर पहुंचकर कुलदेवी के दर्शन करना, रिश्तेदारों और ग्रामीणों से मुलाकात करना तथा लोगों के साथ तस्वीरें खिंचवाना उनकी यात्रा के प्रमुख दृश्य रहे। सोशल मीडिया पर इन झलकियों को देखकर प्रशंसकों ने उनके सरल स्वभाव की तारीफ की है। संजय मिश्रा का यह अंदाज उन्हें केवल एक अनुभवी अभिनेता के रूप में ही नहीं, बल्कि अपनी जड़ों से जुड़े रहने वाले व्यक्ति के रूप में भी लोगों के बीच खास बनाता है। यही वजह है कि उनकी सादगी एक बार फिर चर्चा का विषय बनी हुई है।
















































