1 अक्टूबर की शाम बाजार का हाल: 1 अक्टूबर 2026, गुरुवार की शाम घरेलू शेयर बाजार भारी गिरावट के साथ बंद हुआ। सप्ताह के चौथे कारोबारी सत्र में बाजार पर बिकवाली का दबाव हावी रहा और सेंसेक्स तथा निफ्टी दोनों लाल निशान में बंद हुए। कारोबार की शुरुआत भी कमजोरी के साथ हुई थी और पूरे दिन बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच बिकवाली बनी रही। खास तौर पर वाहन क्षेत्र के शेयरों में तेज गिरावट देखने को मिली, जिसमें मारुति सुजुकी और महिंद्रा एंड महिंद्रा जैसे प्रमुख शेयर शामिल रहे। टाटा स्टील में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई। बाजार की व्यापक कमजोरी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि ज्यादातर प्रमुख कंपनियों के शेयर कारोबार खत्म होने तक नुकसान में रहे। 1 अक्टूबर की शाम बाजार बंद होने के बाद अब शुक्रवार 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के अवसर पर शेयर बाजार में कारोबार नहीं होगा। इसके बाद शनिवार और रविवार का अवकाश रहेगा, इसलिए घरेलू शेयर बाजार अब सीधे सोमवार को खुलेगा।
72 हजार के नीचे आया सेंसेक्स: गुरुवार 1 अक्टूबर के कारोबारी सत्र में सेंसेक्स 570.59 अंक यानी 0.79 प्रतिशत की गिरावट के साथ 71,909.70 अंक पर बंद हुआ। इस गिरावट के कारण सेंसेक्स 72,000 अंक के स्तर से नीचे आ गया। वहीं निफ्टी 50 भी 198.50 अंक यानी 0.88 प्रतिशत टूटकर 22,421.95 अंक पर बंद हुआ। दोनों प्रमुख सूचकांकों में आई यह गिरावट बाजार में व्यापक बिकवाली के बीच दर्ज की गई। दिन की शुरुआत से ही बाजार में कमजोरी दिखाई दे रही थी और कारोबार आगे बढ़ने के साथ कई प्रमुख शेयरों पर दबाव बढ़ता गया। कारोबारी सत्र के अंत तक बाजार में मजबूती लौटाने वाली पर्याप्त खरीदारी नहीं दिखी और प्रमुख सूचकांक नुकसान के साथ बंद हुए। इस तरह 1 अक्टूबर की शाम का कारोबारी सत्र निवेशकों के लिए कमजोर रहा और बाजार लगातार गिरावट के दबाव से उबर नहीं सका।
निफ्टी की 37 कंपनियां लाल निशान में: बाजार में बिकवाली का असर व्यापक रहा। सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से केवल 6 कंपनियों के शेयर बढ़त के साथ हरे निशान में बंद हुए, जबकि 24 कंपनियों के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। इसी तरह निफ्टी 50 की 50 कंपनियों में से सिर्फ 13 शेयर तेजी के साथ बंद हुए और बाकी 37 कंपनियों के शेयर लाल निशान में रहे। सेंसेक्स में इन्फोसिस का प्रदर्शन सबसे मजबूत रहा और उसका शेयर 4.02 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ। इसके अलावा टीसीएस के शेयर में 1.43 प्रतिशत, एचसीएल टेक्नोलॉजीज में 1.38 प्रतिशत, एचडीएफसी बैंक में 1.36 प्रतिशत, कोटक महिंद्रा बैंक में 0.53 प्रतिशत और टेक महिंद्रा में 0.40 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। हालांकि इन चुनिंदा कंपनियों में बढ़त के बावजूद अधिकांश प्रमुख शेयरों में गिरावट इतनी व्यापक रही कि सेंसेक्स और निफ्टी दोनों भारी नुकसान के साथ बंद हुए।
मारुति सुजुकी समेत ऑटो शेयरों में गिरावट: 1 अक्टूबर की शाम बाजार में सबसे ज्यादा दबाव वाहन क्षेत्र के प्रमुख शेयरों पर दिखाई दिया। सेंसेक्स में शामिल मारुति सुजुकी का शेयर 4.59 प्रतिशत की गिरावट के साथ सबसे ज्यादा टूटने वाले शेयरों में रहा। महिंद्रा एंड महिंद्रा में भी 3.27 प्रतिशत की बड़ी गिरावट दर्ज की गई। इसके साथ टाटा स्टील का शेयर 3.01 प्रतिशत नीचे आया। अडाणी पोर्ट्स में 2.69 प्रतिशत, आईटीसी में 2.56 प्रतिशत, पावर ग्रिड में 2.23 प्रतिशत और हिंदुस्तान यूनिलीवर में 2.17 प्रतिशत की गिरावट रही। एटरनल का शेयर 1.86 प्रतिशत, एलएंडटी 1.85 प्रतिशत और रिलायंस इंडस्ट्रीज 1.81 प्रतिशत नीचे बंद हुए। एनटीपीसी में 1.65 प्रतिशत, बीईएल में 1.63 प्रतिशत और अल्ट्राटेक सीमेंट में 1.60 प्रतिशत की कमजोरी दर्ज की गई। इन बड़ी कंपनियों में एक साथ आई गिरावट ने बाजार के प्रमुख सूचकांकों पर भी दबाव बढ़ाया और कारोबारी सत्र के अंत तक बाजार संभल नहीं सका।
बैंकिंग और अन्य प्रमुख शेयर भी टूटे: बाजार की कमजोरी केवल वाहन और धातु क्षेत्र तक सीमित नहीं रही, बल्कि बैंकिंग, वित्तीय, दूरसंचार और अन्य बड़े शेयरों में भी गिरावट देखने को मिली। आईसीआईसीआई बैंक के शेयर में 1.29 प्रतिशत और बजाज फाइनेंस में 1.24 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। टाइटन 1.20 प्रतिशत और इंडिगो 1.18 प्रतिशत नीचे बंद हुए। एक्सिस बैंक और भारती एयरटेल दोनों में 0.98 प्रतिशत की गिरावट रही, जबकि ट्रेंट का शेयर भी 0.98 प्रतिशत टूट गया। भारतीय स्टेट बैंक में 0.70 प्रतिशत, सन फार्मा में 0.55 प्रतिशत और एशियन पेंट्स में 0.29 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। बजाज फिनसर्व का शेयर भी 0.17 प्रतिशत कमजोर हुआ। इस तरह बाजार की बड़ी कंपनियों के एक बड़े हिस्से में गिरावट देखने को मिली। दूसरी ओर सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र की कुछ कंपनियों में तेजी रही, लेकिन उनका प्रदर्शन बाजार की व्यापक कमजोरी को संभालने के लिए पर्याप्त नहीं रहा।
सोमवार को फिर खुलेगा शेयर बाजार: 1 अक्टूबर की शाम कारोबार समाप्त होने के बाद अब घरेलू शेयर बाजार में लगातार तीन दिन कारोबार नहीं होगा। 2 अक्टूबर 2026 को गांधी जयंती के कारण बाजार बंद रहेगा। इसके बाद शनिवार और रविवार का नियमित अवकाश रहेगा, जिसके चलते अब अगला कारोबारी सत्र सोमवार को होगा। गुरुवार को सेंसेक्स 570.59 अंक टूटकर 71,909.70 अंक पर और निफ्टी 198.50 अंक की गिरावट के साथ 22,421.95 अंक पर बंद हुआ। पूरे सत्र में ज्यादातर प्रमुख शेयरों में बिकवाली देखने को मिली और निफ्टी की 50 में से 37 कंपनियां गिरावट के साथ बंद हुईं। खास तौर पर मारुति सुजुकी, महिंद्रा एंड महिंद्रा और टाटा स्टील जैसे शेयरों में आई बड़ी गिरावट ने बाजार की कमजोरी को और स्पष्ट किया। वहीं इन्फोसिस समेत कुछ चुनिंदा शेयरों में तेजी जरूर रही, लेकिन व्यापक स्तर पर हुई बिकवाली के कारण बाजार 1 अक्टूबर की शाम नुकसान के साथ बंद हुआ।















































