3 अक्टूबर को आश्विन कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि और शनिवार का दिन है। सप्तमी तिथि सुबह 7 बजकर 59 मिनट तक रहेगी, इसके बाद अष्टमी तिथि शुरू हो जाएगी। अष्टमी तिथि के अनुसार 3 अक्टूबर को अष्टमी श्राद्ध किया जाएगा। इसी दिन संतान की दीर्घायु, सुरक्षा और मंगलकामना के लिए जितिया यानी जीवित्पुत्रिका व्रत भी रखा जाएगा। शनिवार को दोपहर 3 बजकर 20 मिनट तक वरीयान योग रहेगा, इसके बाद परिघ योग शुरू होगा। आर्द्रा नक्षत्र देर रात 1 बजकर 29 मिनट तक रहेगा और फिर पुनर्वसु नक्षत्र लगेगा। इसके साथ ही शनिवार को सोलह दिवसीय माता महालक्ष्मी व्रत का समापन भी होगा। आज के दिन के शुभ-अशुभ समय, चौघड़िया और राज्यवार राहुकाल की पूरी जानकारी इस प्रकार है।
मुख्य पंचांग विवरण
वार: शनिवार
विक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थी)
शक संवत: 1948 (परावभा)
मास: आश्विन (पूर्णिमान्त) / भाद्रपद (अमान्त), कृष्ण पक्ष
तिथि: सप्तमी तिथि सुबह 07:59 बजे तक, उसके बाद अष्टमी तिथि प्रारंभ
नक्षत्र: आर्द्रा नक्षत्र रात 01:29 बजे तक, उसके बाद पुनर्वसु
योग: वरीयान योग दोपहर 03:20 बजे तक, उसके बाद परिघ योग
सूर्य राशि: कन्या राशि में विराजमान हैं
चन्द्र राशि: मिथुन राशि में विराजमान हैं
शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त: 04:53 ए एम से 05:41 ए एम
प्रातः संध्या: 05:17 ए एम से 06:29 ए एम
अभिजित मुहूर्त: 12:04 पी एम से 12:51 पी एम
विजय मुहूर्त: 02:27 पी एम से 03:14 पी एम
गोधूलि मुहूर्त: 06:25 पी एम से 06:49 पी एम
सायाह्न संध्या: 06:25 पी एम से 07:38 पी एम
अमृत काल: 04:05 पी एम से 05:35 पी एम
अशुभ मुहूर्त
दिशाशूल: पूर्व दिशा
राहुकाल: सुबह 09:12 ए एम से 10:41 ए एम
यात्रा संबंधी उपाय: पूर्व दिशा में यात्रा आवश्यक होने पर अदरक या घी का सेवन करके यात्रा प्रारंभ करने की मान्यता है।
सूर्योदय, सूर्यास्त और चन्द्रोदय-चन्द्रास्त
सूर्योदय: सुबह 06:15 ए एम
सूर्यास्त: शाम 06:05 पी एम
चन्द्रोदय: रात 11:32 पी एम
चन्द्रास्त: दोपहर 01:04 पी एम, 4 अक्टूबर
दिन की चौघड़िया
काल: 06:15 ए एम से 07:44 ए एम
शुभ: 07:44 ए एम से 09:12 ए एम
रोग: 09:12 ए एम से 10:41 ए एम
उद्वेग: 10:41 ए एम से 12:10 पी एम
चर: 12:10 पी एम से 01:38 पी एम
लाभ: 01:38 पी एम से 03:07 पी एम
अमृत: 03:07 पी एम से 04:36 पी एम
काल: 04:36 पी एम से 06:05 पी एम
रात्रि की चौघड़िया
लाभ: 06:05 पी एम से 07:36 पी एम
उद्वेग: 07:36 पी एम से 09:07 पी एम
शुभ: 09:07 पी एम से 10:39 पी एम
अमृत: 10:39 पी एम से 12:10 ए एम, 4 अक्टूबर
चर: 12:10 ए एम से 01:41 ए एम, 4 अक्टूबर
रोग: 01:41 ए एम से 03:12 ए एम, 4 अक्टूबर
काल: 03:12 ए एम से 04:44 ए एम, 4 अक्टूबर
लाभ: 04:44 ए एम से 06:16 ए एम, 4 अक्टूबर
राज्यवार राहुकाल
| क्रमांक | राज्य / केंद्रशासित प्रदेश | राजधानी / प्रमुख शहर | राहुकाल समय 03.10.2026 |
|---|---|---|---|
| 1 | उत्तर प्रदेश | लखनऊ | सुबह 08:57 ए एम से 10:27 ए एम |
| 2 | दिल्ली (एनसीआर) | नई दिल्ली | सुबह 09:12 ए एम से 10:41 ए एम |
| 3 | जम्मू और कश्मीर (केंद्रशासित प्रदेश) | श्रीनगर | सुबह 09:20 ए एम से 10:49 ए एम |
| 4 | आंध्र प्रदेश | अमरावती | सुबह 08:55 ए एम से 10:25 ए एम |
| 5 | अरुणाचल प्रदेश | ईटानगर | सुबह 07:54 ए एम से 09:24 ए एम |
| 6 | असम | दिसपुर | सुबह 08:04 ए एम से 09:34 ए एम |
| 7 | बिहार | पटना | सुबह 08:37 ए एम से 10:07 ए एम |
| 8 | छत्तीसगढ़ | रायपुर | सुबह 08:52 ए एम से 10:22 ए एम |
| 9 | गोवा | पणजी | सुबह 09:21 ए एम से 10:51 ए एम |
| 10 | गुजरात | गांधीनगर | सुबह 09:33 ए एम से 11:03 ए एम |
| 11 | हरियाणा | चंडीगढ़ | सुबह 09:14 ए एम से 10:43 ए एम |
| 12 | हिमाचल प्रदेश | शिमला | सुबह 09:14 ए एम से 10:43 ए एम |
| 13 | झारखंड | रांची | सुबह 08:41 ए एम से 10:11 ए एम |
| 14 | कर्नाटक | बंगलुरु | सुबह 09:04 ए एम से 10:34 ए एम |
| 15 | केरल | तिरुवनंतपुरम | सुबह 09:06 ए एम से 10:36 ए एम |
| 16 | मध्य प्रदेश | भोपाल | सुबह 09:12 ए एम से 10:42 ए एम |
| 17 | महाराष्ट्र | मुंबई | सुबह 09:30 ए एम से 11:00 ए एम |
| 18 | मणिपुर | इंफाल | सुबह 07:54 ए एम से 09:23 ए एम |
| 19 | मेघालय | शिलांग | सुबह 08:05 ए एम से 09:35 ए एम |
| 20 | मिजोरम | आइजोल | सुबह 07:56 ए एम से 09:25 ए एम |
| 21 | नागालैंड | कोहिमा | सुबह 07:52 ए एम से 09:22 ए एम |
| 22 | ओडिशा | भुवनेश्वर | सुबह 08:38 ए एम से 10:08 ए एम |
| 23 | पंजाब | चंडीगढ़ | सुबह 09:14 ए एम से 10:43 ए एम |
| 24 | राजस्थान | जयपुर | सुबह 09:21 ए एम से 10:51 ए एम |
| 25 | सिक्किम | गंगटोक | सुबह 08:18 ए एम से 09:48 ए एम |
| 26 | तमिलनाडु | चेन्नई | सुबह 08:53 ए एम से 10:23 ए एम |
| 27 | तेलंगाना | हैदराबाद | सुबह 08:57 ए एम से 10:27 ए एम |
| 28 | त्रिपुरा | अगरतला | सुबह 08:02 ए एम से 09:31 ए एम |
| 29 | उत्तराखंड | देहरादून | सुबह 09:11 ए एम से 10:40 ए एम |
| 30 | पश्चिम बंगाल | कोलकाता | सुबह 08:24 ए एम से 09:54 ए एम |
जितिया यानी जीवित्पुत्रिका व्रत का महत्व
3 अक्टूबर को जितिया यानी जीवित्पुत्रिका व्रत रखा जाएगा। इसे जीउतिया के नाम से भी जाना जाता है। इस व्रत में महिलाएं अपनी संतान की सुरक्षा, दीर्घायु और सुख-समृद्धि की कामना करती हैं। संतान प्राप्ति की इच्छा रखने वाली महिलाएं भी श्रद्धापूर्वक यह व्रत करती हैं। उत्तर प्रदेश और बिहार सहित कई क्षेत्रों में जितिया व्रत की विशेष मान्यता है। इस दिन व्रती महिलाएं अन्न और जल का त्याग कर निर्जला व्रत रखती हैं। व्रत का पारण अगले दिन निर्धारित शुभ समय में किया जाता है।















































