15 अक्टूबर 2026, दिन गुरुवार को शारदीय नवरात्रि का पांचवां दिन है। हिंदू पंचांग के अनुसार, इस दिन आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि रहेगी। नवरात्रि के इस पावन अवसर पर मां दुर्गा के पांचवें स्वरूप स्कंदमाता की पूजा-अर्चना की जाएगी। साथ ही ललिता पंचमी का व्रत भी रखा जाएगा। गुरुवार को रात 9 बजकर 15 मिनट तक सौभाग्य योग रहेगा, जबकि ज्येष्ठा नक्षत्र अगले दिन सुबह 6 बजकर 48 मिनट तक प्रभावी रहेगा। आइए जानते हैं 15 अक्टूबर का पंचांग, शुभ-अशुभ समय, राहुकाल और चौघड़िया सूर्योदय-सूर्यास्त का समय।
आज का पंचांग विवरण
वार: गुरुवार
विक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थि संवत्सर)
शक संवत: 1948 (पराभव)
संक्रांति: इस दिन कोई संक्रांति नहीं
अयन: दक्षिणायन
ऋतु: शरद ऋतु
मास: आश्विन मास
पक्ष: शुक्ल पक्ष
तिथि: पंचमी, देर रात 1 बजकर 26 मिनट तक
नक्षत्र: ज्येष्ठा, अगले दिन सुबह 6 बजकर 48 मिनट तक
योग: सौभाग्य योग, रात 9 बजकर 15 मिनट तक; इसके बाद शोभन योग
सूर्य राशि: कन्या
चंद्र राशि: वृश्चिक
शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:46 बजे से 05:36 बजे तक
प्रातः संध्या: सुबह 05:11 बजे से 06:27 बजे तक
अभिजित मुहूर्त: सुबह 11:43 बजे से दोपहर 12:28 बजे तक
विजय मुहूर्त: दोपहर 01:58 बजे से 02:43 बजे तक
गोधूलि मुहूर्त: शाम 05:43 बजे से 06:08 बजे तक
सायाह्न संध्या: शाम 05:43 बजे से 06:59 बजे तक
अमृत काल: दोपहर 03:50 बजे से शाम 05:24 बजे तक
अशुभ मुहूर्त
राहुकाल: दोपहर 01:33 बजे से 02:59 बजे तक
यमगण्ड काल: सुबह 06:21 बजे से 07:47 बजे तक
गुलिक काल: सुबह 09:14 बजे से 10:40 बजे तक
दुर्मुहूर्त: सुबह 10:11 बजे से 10:57 बजे तक तथा दोपहर 02:48 बजे से 03:34 बजे तक
दिशाशूल: दक्षिण दिशा; इस दिशा में यात्रा करने से बचने की मान्यता है।
सूर्योदय और चन्द्रोदय का समय
सूर्योदय: सुबह 06:21 बजे
सूर्यास्त: शाम 05:52 बजे
चन्द्रोदय: रात 09:10 बजे
चन्द्रास्त: सुबह 07:10 बजे
दिन की चौघड़िया
शुभ (उत्तम): सुबह 06:21 बजे से 07:47 बजे तक
रोग (अशुभ): सुबह 07:47 बजे से 09:14 बजे तक
उद्वेग (अशुभ): सुबह 09:14 बजे से 10:40 बजे तक
चर (सामान्य): सुबह 10:40 बजे से दोपहर 12:07 बजे तक
लाभ (उन्नति): दोपहर 12:07 बजे से 01:33 बजे तक
अमृत (सर्वोत्तम): दोपहर 01:33 बजे से 02:59 बजे तक
काल (अशुभ): दोपहर 02:59 बजे से शाम 04:26 बजे तक
शुभ (उत्तम): शाम 04:26 बजे से 05:52 बजे तक
रात्रि की चौघड़िया
अमृत (सर्वोत्तम): शाम 05:52 बजे से रात 07:26 बजे तक
चर (सामान्य): रात 07:26 बजे से 09:00 बजे तक
रोग (अशुभ): रात 09:00 बजे से 10:33 बजे तक
काल (अशुभ): रात 10:33 बजे से मध्यरात्रि 12:07 बजे तक
लाभ (उन्नति): मध्यरात्रि 12:07 बजे से रात 01:41 बजे तक
उद्वेग (अशुभ): रात 01:41 बजे से 03:14 बजे तक
शुभ (उत्तम): सुबह 03:14 बजे से 04:48 बजे तक
अमृत (सर्वोत्तम): सुबह 04:48 बजे से 06:22 बजे तक
राज्यवार राहुकाल
15 अक्टूबर 2026 को अलग-अलग राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में स्थानीय सूर्योदय के अंतर के कारण राहुकाल के समय में कुछ मिनटों का बदलाव हो सकता है। नीचे दिए गए समय उपलब्ध विवरण के अनुसार हैं।
| क्रमांक | राज्य/केंद्रशासित प्रदेश | राजधानी | राहुकाल समय |
|---|---|---|---|
| 1 | उत्तर प्रदेश | लखनऊ | दोपहर 01:18 से 02:44 बजे |
| 2 | दिल्ली (केंद्रशासित प्रदेश) | नई दिल्ली | दोपहर 01:33 से 02:59 बजे |
| 3 | जम्मू और कश्मीर | श्रीनगर | दोपहर 01:38 से 03:02 बजे |
| 4 | आंध्र प्रदेश | अमरावती | दोपहर 01:25 से 02:53 बजे |
| 5 | अरुणाचल प्रदेश | ईटानगर | दोपहर 12:12 से 01:39 बजे |
| 6 | असम | दिसपुर | दोपहर 12:23 से 01:50 बजे |
| 7 | बिहार | पटना | दोपहर 12:58 से 02:24 बजे |
| 8 | छत्तीसगढ़ | रायपुर | दोपहर 01:21 से 02:48 बजे |
| 9 | गोवा | पणजी | दोपहर 01:52 से 03:21 बजे |
| 10 | गुजरात | गांधीनगर | दोपहर 01:54 से 03:22 बजे |
| 11 | हरियाणा | चंडीगढ़ | दोपहर 01:35 से 03:01 बजे |
| 12 | हिमाचल प्रदेश | शिमला | दोपहर 01:34 से 03:00 बजे |
| 13 | झारखंड | रांची | दोपहर 01:03 से 02:30 बजे |
| 14 | कर्नाटक | बेंगलुरु | दोपहर 01:40 से 03:09 बजे |
| 15 | केरल | तिरुवनंतपुरम | दोपहर 01:44 से 03:14 बजे |
| 16 | मध्य प्रदेश | भोपाल | दोपहर 01:38 से 03:05 बजे |
| 17 | महाराष्ट्र | मुंबई | दोपहर 01:56 से 03:24 बजे |
| 18 | मणिपुर | इंफाल | दोपहर 12:14 से 01:41 बजे |
| 19 | मेघालय | शिलांग | दोपहर 12:24 से 01:51 बजे |
| 20 | मिजोरम | आइजोल | दोपहर 12:17 से 01:44 बजे |
| 21 | नागालैंड | कोहिमा | दोपहर 12:13 से 01:40 बजे |
| 22 | ओडिशा | भुवनेश्वर | दोपहर 01:07 से 02:34 बजे |
| 23 | पंजाब | चंडीगढ़ | दोपहर 01:36 से 03:02 बजे |
| 24 | राजस्थान | जयपुर | दोपहर 01:42 से 03:09 बजे |
| 25 | सिक्किम | गंगटोक | दोपहर 12:43 से 02:10 बजे |
| 26 | तमिलनाडु | चेन्नई | दोपहर 01:30 से 02:59 बजे |
| 27 | तेलंगाना | हैदराबाद | दोपहर 01:31 से 02:59 बजे |
| 28 | त्रिपुरा | अगरतला | दोपहर 12:24 से 01:51 बजे |
| 29 | उत्तराखंड | देहरादून | दोपहर 01:31 से 02:57 बजे |
| 30 | पश्चिम बंगाल | कोलकाता | दोपहर 12:48 से 02:15 बजे |
आज के दिन की विशेष बात
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शारदीय नवरात्रि की पंचमी तिथि मां दुर्गा के पांचवें स्वरूप स्कंदमाता की आराधना के लिए समर्पित है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान कार्तिकेय को स्कंद कुमार कहा जाता है और उनकी माता होने के कारण देवी के इस स्वरूप का नाम स्कंदमाता पड़ा। माता की प्रतिमा में भगवान स्कंद बालरूप में उनकी गोद में विराजमान दिखाई देते हैं। देवी का वर्ण श्वेत बताया गया है, जो शांति और पवित्रता का प्रतीक माना जाता है। भक्त इस दिन मां स्कंदमाता की पूजा करके संतान सुख, परिवार की खुशहाली और जीवन में मंगल की कामना करते हैं। 15 अक्टूबर को ललिता पंचमी का व्रत भी रखा जाएगा, जिससे इस दिन का धार्मिक महत्व और बढ़ जाता है।













































