अमेरिका के इलिनोइस राज्य के औरोरा क्षेत्र में एक हिंदू मंदिर को निशाना बनाने की कथित योजना का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस सिलसिले में 19 वर्षीय पापोराकिस को गिरफ्तार किया है। जांच की शुरुआत तब हुई, जब एक व्यक्ति ने अधिकारियों को सूचना दी कि युवक सामूहिक गोलीबारी की योजना बना रहा है। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने कथित तौर पर एक दस्तावेज साझा किया था, जिसमें हमले की योजना का उल्लेख था। इस दस्तावेज के साथ राइफल, मैगजीन, शरीर की सुरक्षा के लिए इस्तेमाल होने वाले कवच और दूसरे सामरिक उपकरणों की तस्वीरें भी थीं। अधिकारियों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच आगे बढ़ाई। आरोपी के पास से राइफल और बड़ी मात्रा में कारतूस मिलने की जानकारी भी सामने आई है। पुलिस का कहना है कि संभावित हमले से जुड़ी गतिविधियों का पता लगाने के लिए जांच जारी है।
आरोपी की विचारधारा और भारतीय मूल के लोगों को लेकर मिले संकेत: पुलिस को आरोपी से संबंधित एक पत्र मिला, जिसमें श्वेत वर्चस्ववादी विचारधारा व्यक्त की गई थी। इस पत्र में भारतीय मूल के लोगों के खिलाफ हिंसा का उल्लेख होने की बात कही गई है। जांचकर्ताओं के लिए यह सामग्री महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि मामला एक हिंदू मंदिर पर संभावित हमले की योजना से जुड़ा है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी पैलेटाइन क्षेत्र का रहने वाला है और टैको बेल में कैशियर के रूप में काम करता था। अधिकारियों को उसके खिलाफ सामूहिक गोलीबारी की योजना बनाए जाने की सूचना मिलने के बाद उसकी गतिविधियों की पड़ताल की गई। दस्तावेज और हथियारों से जुड़ी तस्वीरों के सामने आने के बाद मामले की गंभीरता और बढ़ गई। हालांकि, आरोपी की विचारधारा और कथित योजना से संबंधित सभी तथ्यों का परीक्षण जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के दौरान किया जाएगा।
11 अक्टूबर को हमले की तैयारी और बंदूक जाम होने की बात: जांचकर्ताओं के मुताबिक, आरोपी रविवार, 11 अक्टूबर को कथित तौर पर हमले को अंजाम देने की योजना बना रहा था, लेकिन उस दिन कोई हमला नहीं हुआ। पुलिस ने बताया कि आरोपी ने उसी दिन पहले अपने एक सहकर्मी को फोन किया था और कहा था कि उसकी बंदूक जाम हो गई है। जांच एजेंसियां इस बातचीत और हथियार से जुड़े घटनाक्रम की पड़ताल कर रही हैं, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कथित योजना किस स्तर तक पहुंची थी। पुलिस को साझा किए गए दस्तावेज में सामूहिक गोलीबारी से जुड़ी योजना का उल्लेख मिला था। इसके साथ हथियारों और अन्य सामरिक सामान की तस्वीरें भी थीं। इन तथ्यों के आधार पर अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लिया और आरोपी को गिरफ्तार किया। फिलहाल यह जांच की जा रही है कि कथित हमले की तैयारी में कौन-कौन से कदम उठाए गए थे और क्या किसी अन्य व्यक्ति की भी इसमें भूमिका थी।
आतंकवादी धमकी और प्रतिबंधित हथियार से जुड़े आरोप: पुलिस ने पापोराकिस के खिलाफ आतंकवादी धमकी देने और अवैध रूप से हथियार रखने के आरोप लगाए हैं। हथियार से जुड़े आरोप में 16 इंच से कम बैरल वाली राइफल का उल्लेख है। अधिकारियों के अनुसार, आरोपी के पास से हथियार और कारतूस बरामद किए गए हैं। पैलेटाइन पुलिस विभाग ने बताया कि वह इस मामले में संघीय जांच ब्यूरो के साथ समन्वय कर रहा है। जांच का उद्देश्य कथित हमले की योजना, आरोपी के पास मौजूद हथियारों और उसके द्वारा साझा किए गए दस्तावेजों से जुड़े तथ्यों को स्पष्ट करना है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि आरोपी ने कथित योजना के लिए किस तरह की तैयारी की थी। फिलहाल लगाए गए आरोपों पर न्यायिक प्रक्रिया जारी है और अदालत में पेश किए जाने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।
अदालत में पेशी के बाद अगली सुनवाई की तारीख तय: गिरफ्तारी के बाद आरोपी को बुधवार को रोलिंग मीडोज स्थित कुक काउंटी की तीसरी नगरपालिका जिला अदालत में पेश किया गया। न्यायाधीश ने सुनवाई के बाद उसे हिरासत में रखने का आदेश दिया। मामले की अगली सुनवाई 30 अक्टूबर को होगी। पुलिस की जांच अभी पूरी नहीं हुई है और अधिकारी संघीय जांच ब्यूरो के साथ मिलकर मामले के विभिन्न पहलुओं की पड़ताल कर रहे हैं। इस बीच, घटना का समय भी चर्चा में है, क्योंकि यह नवरात्रि और हिंदू त्योहारों के मौसम की शुरुआत के दौरान सामने आई है। इससे पहले ओहियो के रिचमंड हाइट्स स्थित श्री स्वामीनारायण वडताल धाम हिंदू मंदिर में तोड़फोड़ की घटना हुई थी, जिसे लगभग दो सप्ताह बीत चुके थे। उपलब्ध जानकारी में दोनों मामलों के बीच किसी सीधे संबंध की पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन इन घटनाओं ने धार्मिक स्थलों की सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित किया है।
धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को लेकर फिर उठे सवाल: इलिनोइस में सामने आए इस मामले ने अमेरिका में हिंदू मंदिरों की सुरक्षा और संभावित घृणा-प्रेरित हिंसा की आशंकाओं को लेकर चिंता बढ़ाई है। पुलिस के अनुसार, आरोपी से जुड़े दस्तावेज में श्वेत वर्चस्ववादी विचारधारा और भारतीय मूल के लोगों के खिलाफ हिंसा का उल्लेख था। कथित हमले के लिए हथियारों से जुड़ी तैयारी के संकेत मिलने के बाद कार्रवाई की गई। आरोपी को फिलहाल हिरासत में रखा गया है और उसके खिलाफ लगाए गए आरोपों की सुनवाई आगे जारी रहेगी। 30 अक्टूबर को होने वाली अगली सुनवाई में मामले की कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। जांच एजेंसियां अभी इस बात का पता लगा रही हैं कि कथित योजना के पीछे आरोपी की भूमिका कितनी व्यापक थी और क्या अन्य लोगों की संलिप्तता के संकेत मौजूद हैं। मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच और अदालत की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।













































