इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने स्पष्ट किया है कि उनके देश ने ईरान के परमाणु खतरे से खुद को बचाया है। नेतन्याहू के अनुसार, ‘ऑपरेशन राइज़िंग लायन’ से ठीक पहले ईरान बहुत तेज़ी से परमाणु हथियार बनाने की कोशिश कर रहा था। ईरान परमाणु हथियार बनाने के साथ-साथ अपने मिसाइल और परमाणु उद्योग को ज़मीन के बहुत नीचे सुरक्षित छिपाने की होड़ में भी लगा हुआ था। नेतन्याहू ने कहा कि इज़राइल ने सही समय पर कार्रवाई करके अपने देश को परमाणु हमले से पूरी तरह खत्म होने के गंभीर खतरे से बचा लिया।
कार्रवाई की अहमियत: नेतन्याहू ने अपने नागरिकों को बताया कि अगर उन्होंने सही समय पर और पूरी ताक़त के साथ कड़ी कार्रवाई न की होती तो क्या होता। उनके अनुसार, ‘ऑपरेशन राइज़िंग लायन’ और बाद में ‘ऑपरेशन रोरिंग लायन’ में अमेरिका के साथ उनका सहयोग बहुत ही ऐतिहासिक था। अगर इज़राइल ने ऐसा नहीं किया होता, तो आज ईरान के पास निश्चित रूप से परमाणु बम आ चुके होते। इसका सीधा मतलब यह है कि लाखों इज़राइली नागरिक आज बड़े पैमाने पर मौत के भयानक और वास्तविक खतरे में होते। इज़राइल की पूरी आबादी के खत्म होने के इस खतरे को अब कई सालों के लिए टाल दिया गया है।
सतर्कता बनाए रखने की अपील: अपने संबोधन में नेतन्याहू ने देशवासियों को अलर्ट करते हुए स्पष्ट रूप से कहा कि यह संघर्ष अभी बिल्कुल खत्म नहीं हुआ है। उन्होंने इज़राइल के नागरिकों से अपनी सतर्कता लगातार बनाए रखने और हमेशा मज़बूत रहने की अपील की। नेतन्याहू ने ज़ोर देकर कहा कि ज़रूरत पड़ने पर इज़राइल को अपनी रक्षा के लिए हर हाल में दृढ़ रहना होगा। उन्होंने बताया कि यह बात सिर्फ़ ईरान के मामले में ही सच नहीं है, बल्कि उसके आतंकी सहयोगियों के मामले में भी पूरी तरह लागू होती है। इज़राइल को भविष्य के खतरों के लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए।
आतंकी गुटों पर कार्रवाई: नेतन्याहू ने बताया कि इज़राइल ने ईरान के आतंकी सहयोगियों पर अभूतपूर्व और बेहद कड़े तरीके से हमले किए हैं। इज़राइल ने गाज़ा, लेबनान, सीरिया और यमन सहित हर उस जगह कार्रवाई की है जहां से उसे खतरा था। नेतन्याहू ने यह भी बताया कि उन्होंने जूडिया और सामरिया के शरणार्थी कैंपों में भी आतंकियों के खिलाफ कड़े कदम उठाए हैं। इन सभी जगहों पर इज़राइली सेना ने आतंकियों के ठिकानों को पूरी तरह से नष्ट कर दिया है। इज़राइल की सेना ने हर मोर्चे पर आतंकियों को भारी नुकसान पहुंचाया है।
हमास नेताओं का खात्मा: इज़राइली प्रधानमंत्री ने गर्व के साथ बताया कि उन्होंने हमास के कई शीर्ष नेताओं को सफलतापूर्वक खत्म कर दिया है। इनमें देइफ़, हनियाह और सिनवार जैसे बड़े और खतरनाक नाम भी मुख्य रूप से शामिल हैं। नेतन्याहू के अनुसार, उस भयानक नरसंहार के समय जो लोग वहां मौजूद थे, उनमें से लगभग सभी को चुन-चुन कर खत्म कर दिया गया है। उन्होंने यह भी दावा किया कि अब शायद बस एक और मुख्य नेता बचा है, उसे भी जल्द ही खत्म कर दिया जाएगा। इज़राइल ने हज़ारों आतंकवादियों को मार गिराया है।
बंधकों की वापसी: नेतन्याहू ने यह भी स्पष्ट किया कि इज़राइल ने हज़ारों आतंकवादियों के साथ-साथ अनगिनत आतंकी ठिकानों को भी नष्ट कर दिया है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इज़राइल ने गाज़ा से अपने सभी बंधकों को सुरक्षित वापस लाने में बड़ी सफलता पाई है। नेतन्याहू ने कहा कि एक-एक करके सभी बंधकों को सुरक्षित उनके परिवारों के पास वापस लाया गया है। उन्होंने कहा कि पहले किसी को यकीन नहीं था कि वे ऐसा कर पाएंगे, लेकिन उन्हें खुद पर पूरा यकीन था। इस तरह इज़राइल ने अपनी सैन्य ताकत और संकल्प का जोरदार प्रदर्शन किया है।





































