पुलिस ने जब इस हत्या के मामले की गहराई से जांच शुरू की तो कई चौंकाने वाले तथ्य निकलकर सामने आए। जांच में पता चला कि आर्मी से रिटायर होने के बाद संदीप ने अपने गांव में अपना खुद का एक नया कारोबार शुरू किया था। संदीप ने 2023 में आरोपी पुंडलिक विट्ठल डोम्बर के साथ मिलकर हिडकल डैम के पास खाने-पीने का एक नया स्टॉल खोला था। इसी कारोबार के दौरान डोम्बर और पूर्व सैनिक की पत्नी सुमा के बीच कथित तौर पर बेहद करीबी और नाजायज संबंध बन गए। जांचकर्ताओं को पूरा शक है कि इन दोनों ने ही मंजारगी के दो करोड़ के इंश्योरेंस के फायदे पाने के लिए उसे रास्ते से हटाने की खौफनाक साजिश रची।
अस्पताल कर्मचारी की भूमिका: इस खौफनाक साजिश में अस्पताल के एक कर्मचारी ने भी बहुत ही अहम और खतरनाक भूमिका निभाई थी। डोम्बर का एक करीबी रिश्तेदार और जेजे अस्पताल का कर्मचारी राहुल हनुमंत जोगी भी इस पूरी साजिश में शामिल था। राहुल ने ही कथित तौर पर दोनों को यह सुझाव दिया था कि वे घायल मंजारगी को जेजे अस्पताल ले कर आएं। उसने साजिश रचने वालों को यह पूरा भरोसा दिलाया था कि वो बिना किसी को शक हुए संदीप को आसानी से ठिकाने लगा देगा। इसी भरोसे पर संदीप की पत्नी सुमा उसे सरकारी अस्पताल से निकालकर तुरंत जेजे अस्पताल ले आई थी।
जहर देने की कोशिश: पुलिस जांच में इस बात का भी खुलासा हुआ कि चौदह मार्च को तीन आरोपियों ने संदीप को नस के जरिए जहर देने की कोशिश की थी। इन हत्यारों ने संदीप को चूहे मारने वाला खतरनाक जहर देने का प्रयास किया था लेकिन वे पहली बार में कामयाब नहीं हो पाए। अपने पहले प्रयास में विफल रहने के बाद अगले दिन पंद्रह मार्च को उन्होंने कथित तौर पर बाहर से एक और तेज जहर मंगाया। हत्यारों ने उस नए जहर को इंजेक्शन के माध्यम से संदीप के शरीर में डाल दिया और उसे कई नींद की गोलियां भी खिलाईं। इन जानलेवा दवाइयों के कारण संदीप की मौत हो गई जिसे कार्डियक अरेस्ट बताया गया।
शव निकालकर पोस्टमार्टम: सोशल मीडिया पर पुंडलिक डोम्बर के चौंकाने वाले खुलासे के बाद पुलिस ने इस मामले को बहुत गंभीरता से लिया। सच्चाई का पता लगाने के लिए पुलिस ने तुरंत कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए मंजारगी का दफन किया हुआ शव कब्र से बाहर निकाला। शव निकालने के बाद पुलिस ने सच्चाई जानने के लिए उसका दोबारा से विस्तृत पोस्टमार्टम कराने का सख्त आदेश दिया। पुलिस को जांच में पता चला कि सुमा की मां जो एक रिटायर्ड हेल्थ वर्कर है उसने भी इस अपराध में मदद की थी। अपनी बेटी को बचाने के लिए उसने मेडिकल प्रैक्टिशनर बसवराज भस्मे से संपर्क किया था।
एफएसएल रिपोर्ट में फर्जीवाड़ा: बसवराज भस्मे ने कथित तौर पर अपने एक करीबी रिश्तेदार अशोक गुजनाल की इस मामले में पूरी मदद ली थी। अशोक गुजनाल कोई आम आदमी नहीं बल्कि शहर की पुलिस का ही एक कार्यरत और जिम्मेदार कर्मचारी था। इसके बाद इन दोनों ने मिलकर कथित तौर पर एफएसएल के चपरासी अप्पासाब फखरुद्दीन नाइकवाड़ी से तुरंत संपर्क किया। इन्होंने यह संपर्क इसलिए किया था ताकि जहर देने की बात छिपाने के लिए फोरेंसिक रिपोर्ट में अपने हिसाब से बदलाव किया जा सके। इस तरह कई विभागों के कर्मचारियों ने मिलकर इस जघन्य अपराध को छिपाने की पूरी कोशिश की।
ब्लैकमेलिंग और गिरफ्तारी: पुलिस का सीधा आरोप है कि एफएसएल के लेबोरेटरी असिस्टेंट चन्नप्पा ने भी इस फर्जीवाड़े में अहम भूमिका निभाई। उसने सीनियर साइंटिफिक ऑफिसर पी एम नागराजू के साथ मिलकर जहर देने के असली सबूत छिपाने के लिए पूरी एफएसएल रिपोर्ट ही बदल दी। पुलिस जांच में यह भी चौंकाने वाली बात सामने आई कि यूट्यूबर सचिन सेलार और तीन अन्य लोग भी इस मामले में शामिल थे। डोम्बर से हत्या के बारे में पता चलने पर इन लोगों ने सुमा से चुप रहने के बदले पैसे और सेक्सुअल फेवर की मांग की थी। पुलिस ने इस सनसनीखेज हत्या कांड में शामिल सभी 9 आरोपियों को अब अरेस्ट कर लिया है।





































