इथियोपिया के टिग्रे क्षेत्र में जारी संघर्ष के बीच राजधानी मेकेले के मुख्य हवाईअड्डे को लेकर बड़ा दावा सामने आया है। सरकारी समर्थक टिग्रे पीस फोर्सेज ने कहा है कि उसने मेकेले अलुला अबा नेगा हवाईअड्डे पर पूरी तरह नियंत्रण हासिल कर लिया है और शहर को अपने नियंत्रण में लेने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। हालांकि इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है और इथियोपिया के प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। ऐसे में हवाईअड्डे और राजधानी के दूसरे हिस्सों में वास्तविक स्थिति को लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।
विपक्षी ताकतों से सीधी भिड़ंत: टिग्रे में सरकारी बलों और टिग्रे पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट के नेतृत्व वाले विपक्षी गठबंधन के बीच पिछले सप्ताह से संघर्ष लगातार तेज हुआ है। विपक्षी गठबंधन ने संघीय सेना के खिलाफ अभियान शुरू किया था, जिसके बाद सरकारी सेना और उसके सहयोगी बलों ने टिग्रे के कई इलाकों में जवाबी कार्रवाई की। सरकारी समर्थक समूह की ओर से मेकेले हवाईअड्डे पर नियंत्रण का दावा इसी सैन्य अभियान के दौरान किया गया है। हवाईअड्डे पर नियंत्रण राजधानी में सैन्य गतिविधियों, सैनिकों की आवाजाही और जरूरी सामान की आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अलामाता के बाद मेकेले पर नजर: इससे पहले सरकारी समर्थक बलों ने टिग्रे के रणनीतिक शहर अलामाता पर कब्जे का दावा किया था। यह शहर मेकेले से लगभग 120 किलोमीटर दक्षिण में स्थित है और क्षेत्र में सैनिकों तथा आवश्यक सामान की आवाजाही के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जाता है। अलामाता में सरकारी समर्थक बलों की बढ़त के बाद अब मेकेले के आसपास भी सैन्य गतिविधियां बढ़ने की खबरें सामने आई हैं। लगातार बदलती सैन्य स्थिति ने टिग्रे में संघर्ष के अगले चरण को लेकर चिंता और बढ़ा दी है और स्थानीय आबादी के बीच फिर से बड़े युद्ध की आशंका पैदा हो गई है।
शांति समझौते पर फिर सवाल: टिग्रे में दोबारा भड़की हिंसा ने 2022 के शांति समझौते की स्थिरता को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। 2020 से 2022 तक चले युद्ध ने क्षेत्र में भारी मानवीय तबाही पैदा की थी और उसके बाद समझौते के जरिए बड़े पैमाने पर लड़ाई को रोका गया था। अब नए संघर्ष के कारण नागरिकों में फिर से डर का माहौल है। कई क्षेत्रों में संचार और परिवहन व्यवस्था प्रभावित होने तथा जरूरी सामान की उपलब्धता को लेकर भी चिंता बढ़ी है। लोगों को आशंका है कि यदि लड़ाई लंबे समय तक जारी रही तो विस्थापन और मानवीय संकट एक बार फिर बड़े स्तर पर सामने आ सकता है।
पड़ोसी देशों तक पहुंचा तनाव: टिग्रे की लड़ाई के बीच इथियोपिया और इरिट्रिया के संबंधों में भी गंभीर तनाव पैदा हुआ है। इथियोपिया ने इरिट्रिया सहित कुछ पड़ोसी देशों पर विपक्षी गठबंधन को समर्थन देने के आरोप लगाए हैं, हालांकि संबंधित देशों ने इन आरोपों को खारिज किया है। राजनयिक संबंधों में आई गिरावट ने पहले से संवेदनशील पूर्वी अफ्रीकी क्षेत्र की स्थिति को और जटिल बना दिया है। यदि टिग्रे में लड़ाई लंबे समय तक जारी रहती है तो इसका असर सीमा क्षेत्रों और व्यापक क्षेत्रीय सुरक्षा पर पड़ने की आशंका भी बनी हुई है।
आगे की सैन्य स्थिति पर नजर: मेकेले हवाईअड्डे पर कब्जे का दावा फिलहाल सरकारी समर्थक समूह की घोषणा है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि बाकी है। दूसरी ओर विपक्षी टिग्रे पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट की ओर से तत्काल प्रतिक्रिया भी सामने नहीं आई है। ऐसे में शहर में वास्तविक सैन्य नियंत्रण और आगे की लड़ाई की दिशा को लेकर नई सूचनाएं बेहद महत्वपूर्ण होंगी। यदि राजधानी के आसपास संघर्ष और बढ़ता है तो इससे नागरिकों की आवाजाही, राहत कार्य और क्षेत्र में पहले से मौजूद मानवीय संकट पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है।














































