कलकत्ता हाईकोर्ट ने चुनाव बाद पश्चिम बंगाल में हुई हिंसा की जांच सीबीआई को सौंप दी है। इसको लेकर ममता बनर्जी नाराज दिखीं और सुप्रीम कोर्ट जाने की बात कही है। एक ओर जहां कलकत्ता हाई कोर्ट के फैसले ने बीजेपी को ममता बनर्जी पर हमला करने के मौका दे दिया तो दूसरी ओर टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने सीबीआई जांच को राज्य का उल्लंघन बताया है।
वहीं, बीजेपी प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कोर्ट के फैसले को अहम बताते हुए कहा कि लोकतंत्र में ‘अराजकता’ का कोई स्थान नहीं है। लोकतंत्र में नागरिकों की रक्षा की जिम्मेदारी चुनी हुई सरकार की होती है, लेकिन यह कहना गलत नहीं होगा कि ममता बनर्जी इसमें विफल रहीं। उन्होंने कहा कि कहा कि पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद हिंसा के संबंध में कलकत्ता कोर्ट की टिप्पणी को संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को ‘आत्मचिंतन’ करना चाहिए।
क्या था मामला
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के नतीजे सामने आते ही राज्य के कई हिस्सों में बड़े पैमाने पर हिंसा की खबरें सामने आई थीं। टीएमसी समर्थकों ने जगह-जगह बीजेपी कार्यकर्ताओं पर हमले शुरू कर दिए थे। वहीं, महिलाओं से रेप का मामला भी सामने आया था। पीएम नरेंद्र मोदी ने फोन पर राज्यपाल जगदीप धनखड़ से बातचीत कर हिंसा के हालात का जायजा भी लिया था। इसमें कई लोगों की जान गई थी और कई घायल हुए थे। केंद्रीय मंत्रालय ने हिंसा पर गहरी चिंता जताते हुए राज्य सरकार से इस मामले पर रिपोर्ट मांगी थी।



































