ईरान और अमेरिका के बीच चल रहा तनाव अब केवल बयानबाजी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह इराक के आसमान में एक ‘कैट एंड माउस गेम’ में तब्दील हो चुका है। ईरानी प्रेस टीवी द्वारा जारी वीडियो ने वाशिंगटन में बेचैनी पैदा कर दी है, जिसमें अमेरिकी वायुसेना का F-15 एक ईरानी ड्रोन का पीछा करते हुए बेबस नजर आ रहा है।
ईरान का बढ़ता हौसला ईरानी मीडिया इस घटना को अपनी सैन्य श्रेष्ठता के रूप में पेश कर रहा है। एरबिल के पास एक तेल सुविधा को निशाना बनाने में सफल रहा यह ड्रोन न केवल अपने मिशन में कामयाब हुआ, बल्कि उसने अमेरिकी वायु रक्षा की खामियों को भी उजागर कर दिया। ईरान यह संदेश देना चाहता है कि उसके पास पश्चिमी देशों के महंगे हथियारों का काट मौजूद है।
क्षेत्रीय सुरक्षा पर असर
- इराक में तनाव: इराक एक बार फिर ईरान और अमेरिका के बीच ‘बैटलफील्ड’ बनता जा रहा है।
- मनोवैज्ञानिक युद्ध: इस वीडियो के वायरल होने से मध्य-पूर्व में अमेरिका के सहयोगियों के बीच उसकी सुरक्षा छतरी (Security Umbrella) को लेकर संदेह पैदा हो सकता है।
- हथियारों का बाजार: शाहेद ड्रोन की सफलता के बाद, दुनिया भर में कम लागत वाले सुसाइड ड्रोन्स की मांग बढ़ सकती है, जो ग्लोबल पावर बैलेंस को बिगाड़ सकते हैं।
अमेरिका की साख पर दांव अमेरिका के लिए यह केवल एक सैन्य विफलता नहीं, बल्कि एक बड़ी बदनामी है। अगर दुनिया की सबसे ताकतवर वायुसेना छोटे ड्रोनों को रोकने में संघर्ष करती है, तो यह विरोधियों को और अधिक आक्रामक होने का मौका देता है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि पेंटागन इस ‘अदृश्य खतरे’ से निपटने के लिए क्या नई रणनीति अपनाता है।





































