दुबई/न्यूयॉर्क: मध्य-पूर्व की जंग ने वैश्विक ऊर्जा बाजार को हिलाकर रख दिया है। एक तरफ ईरान की ‘कानफोड़ू’ हाइपरसोनिक मिसाइलों ने अमेरिकी ठिकानों को दहला दिया, तो दूसरी तरफ राष्ट्रपति ट्रंप के कड़े रुख ने तेल की कीमतों (Oil Prices) को आसमान पर पहुँचा दिया है।
बदलते समीकरण:
- स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz): ट्रंप ने साफ कर दिया कि अमेरिका को अब होर्मुज जलडमरूमध्य की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा, “दुनिया जाने कि उसे यह रास्ता कैसे खुलवाना है, हमें अब मिडिल-ईस्ट के तेल की आवश्यकता नहीं है क्योंकि अमेरिका के पास पर्याप्त भंडार है।”
- ईरान का पक्ष: इस विनाशकारी स्थिति के बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने एक पत्र जारी कर शांति की अपील की है। उन्होंने कहा कि ईरान किसी देश के लिए खतरा नहीं है, हालांकि जमीनी हकीकत भीषण तबाही की ओर इशारा कर रही है।
- आर्थिक प्रभाव: ट्रंप के संबोधन के तुरंत बाद दुनिया भर में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल देखा गया है, जिससे आने वाले दिनों में वैश्विक मुद्रास्फीति (Inflation) बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है।





































