मलूक जयंती के अवसर पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने केवल धर्म की बात नहीं की, बल्कि इतिहास के पन्नों को पलटते हुए पिछली सरकारों की नीतियों पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने संभल की ऐतिहासिक घटनाओं का जिक्र करते हुए न्याय का संकल्प दोहराया।
प्रमुख बिंदु:
- विदेशी आक्रांताओं का प्रहार: सीएम ने 1526 की घटना का उल्लेख करते हुए बताया कि कैसे संभल में हरिहर मंदिर को तोड़ा गया और तीर्थों को नष्ट किया गया।
- पिछली सरकारों पर निशाना: उन्होंने 1976-78 के दंगों का जिक्र करते हुए समाजवादी पार्टी पर आरोप लगाया कि उन्होंने दंगाइयों और अपराधियों के मुकदमे वापस लिए।
- संपत्ति की वापसी का वादा: मुख्यमंत्री ने एक पीड़ित परिवार का उदाहरण देते हुए सार्वजनिक मंच से घोषणा की कि जिनकी संपत्तियां लूट ली गई थीं या जिन्हें भागने पर मजबूर किया गया था, उन्हें उनकी संपत्ति पर वापस कब्जा दिलाया जाएगा।
- गोसेवा और भक्ति: संबोधन से पहले मुख्यमंत्री ने मलूकपीठ आश्रम में Cow Worship (गोपूजन) किया और संतों का आशीर्वाद लिया, जो उनकी ‘भक्ति और शक्ति’ के समन्वय को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री का यह मथुरा दौरा आगामी राजनैतिक और सामाजिक विमर्श के लिए एक स्पष्ट दिशा तय करता नजर आ रहा है।



































