उत्तर प्रदेश में निर्वाचन आयोग द्वारा Final Voter List 2026 जारी किए जाने के बाद सूबे की सियासत गरमा गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस सूची को लेकर भारतीय जनता पार्टी और चुनाव आयोग पर मिलीभगत का गंभीर आरोप लगाया है। जयपुर प्रवास के दौरान पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि बीजेपी अब लोकतांत्रिक तरीके से नहीं, बल्कि प्रशासनिक हेरफेर से चुनाव जीतना चाहती है।
PDA के वोट काटने का आरोप (Targeting PDA Vote Bank): अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि Special Inquiry & Revision (SIR) प्रक्रिया का दुरुपयोग करके योजनाबद्ध तरीके से पिछड़ों, दलितों और अल्पसंख्यकों (PDA) के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। उनके अनुसार:
- Form-7 का दुरुपयोग: सपा प्रमुख ने दावा किया कि Form-7 (नाम कटवाने के लिए इस्तेमाल होने वाला फॉर्म) को हथियार बनाकर विपक्ष के समर्थकों के नाम डिलीट किए गए हैं।
- Strategic Deletion: उन्होंने कहा कि जहां भी बीजेपी को हार का डर सताता है, वहां चुनाव आयोग के जरिए वोटर लिस्ट में छेड़छाड़ की जाती है।
2027 के लिए हुंकार (Mission 2027 Strategy): लोकसभा चुनाव के नतीजों का जिक्र करते हुए अखिलेश ने कहा कि जिस तरह जनता ने लोकसभा में बीजेपी के अहंकार को तोड़ा था, उसी तरह 2027 Assembly Elections में भी समाजवादी पार्टी ऐतिहासिक जीत दर्ज करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सपा का पहला लक्ष्य उत्तर प्रदेश से बीजेपी को उखाड़ फेंकना है, इसके बाद ही वे राजस्थान या अन्य राज्यों की राजनीति पर ध्यान केंद्रित करेंगे।



































