बंगाल में दीदी की जीत तय: समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष Akhilesh Yadav ने West Bengal की राजनीति और वहां के चुनावों पर अपनी स्पष्ट राय रखी है। वहां की मुख्यमंत्री का खुलकर समर्थन करते हुए उन्होंने कहा कि बंगाल में ‘Didi’ थीं, ‘Didi’ हैं और आगे भी ‘Didi’ ही रहेंगी। सपा प्रमुख ने पूरे विश्वास के साथ दावा किया कि वह इस चुनावी मैदान में भले ही अकेली हैं, लेकिन वह पूरी मजबूती से लड़ेंगी और अंततः जीत भी हासिल करेंगी।
चुनाव आयोग से निष्पक्षता की अपील: चुनावी प्रक्रिया और संस्थाओं की भूमिका पर बोलते हुए सपा मुखिया ने Election Commission पर भी अपनी अहम बात रखी। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग एक पूरी तरह से न्यूट्रल बॉडी (निष्पक्ष संस्था) है और उससे यही उम्मीद की जाती है कि वह बिना किसी भेदभाव के अपना काम करेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि निष्पक्ष होकर काम करने से ही देश में होने वाले इन जनता के चुनावों की गरिमा बनी रह सकती है।
रामपुर चुनाव को बताया रिहर्सल: सपा अध्यक्ष ने UP के Rampur में हुए चुनावों का उदाहरण देते हुए सत्ता पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि Rampur के चुनाव में जो कुछ भी हुआ, वह दरअसल सत्ताधारी पार्टी का एक रिहर्सल मात्र था। उनका आरोप है कि जिस तरह के राजनीतिक हथकंडे यूपी के उस चुनाव में आजमाए गए थे, बिल्कुल ‘सेम टू सेम’ वही रणनीतियां अब West Bengal के चुनावों में भी लागू की जा रही हैं।
महंगाई और भ्रष्टाचार का सीधा कनेक्शन: आम जनता से जुड़े मुद्दों पर प्रहार करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि चुनाव खत्म होते ही महंगाई का बढ़ना तय था। उनका कहना है कि BJP द्वारा भ्रष्टाचार पर लगाम न लगा पाना ही इस मौजूदा महंगाई का सबसे बड़ा मूल कारण है। सरकार के झूठ की सोनपापड़ी वाली नीतियों के कारण ही आज डीजल-पेट्रोल के साथ-साथ खाना-पीना और हवाई सफर तक काफी महंगा हो गया है।
मशीनों की विश्वसनीयता पर संदेह: चुनावी तंत्र का जिक्र करते हुए उन्होंने एक बार फिर तकनीकी छेड़छाड़ का बड़ा मुद्दा उठाया। उन्होंने मोबाइल अलर्ट और स्मार्ट मीटर की बेईमानी का हवाला देते हुए कहा कि जब इन आधुनिक मशीनों में गड़बड़ी की जा सकती है, तो चुनाव की मशीनें कैसे अछूती रह सकती हैं। उन्होंने साफ कहा कि सरकार जानबूझकर लोगों के अंदर डर पैदा करना चाहती है ताकि वे भयभीत होकर मतदान करें।
डिजिटल क्रांति और सत्ता का तंज: अपनी बात को समाप्त करते हुए उन्होंने अपनी पूर्व सरकार की लैपटॉप वितरण योजना को याद किया। उन्होंने खुशी जताई कि डिजिटल डिवाइड को पाटने के लिए युवाओं को दिए गए वे लैपटॉप आज भी सफलतापूर्वक चल रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने UP के दोनों डिप्टी सीएम के Delhi दौरों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वहां यह देखना दिलचस्प होगा कि उन्हें सम्मान की कुर्सी मिलती है या फिर स्टूल से काम चलाना पड़ता है।



































