Middle East के इलाके में लगातार बढ़ रहे तनाव को कम करने के लिए कूटनीतिक कोशिशें तेज कर दी गई हैं। इसी कड़ी में Iran ने शांति बहाली की मंशा जताते हुए America को एक नया और विस्तृत प्रस्ताव भेजा है। इस प्रस्ताव का मुख्य उद्देश्य वर्तमान जंग को रोकना और क्षेत्र में हालात सामान्य करना है।
युद्धविराम की प्राथमिक शर्तें: भेजे गए इस प्रस्ताव के पहले फेज में शांति स्थापित करने के लिए एक महीने का समय निर्धारित किया गया है। इसमें यह स्पष्ट किया गया है कि सबसे पहले युद्धविराम लागू किया जाए और अमेरिकी नौसैनिकों की नाकाबंदी हटाई जाए। इसके साथ ही Iran और Lebanon में चल रहे संघर्ष को हमेशा के लिए समाप्त करने पर सहमति बनाई जाए।
तेल आपूर्ति का प्रमुख मार्ग: इस समझौते में Strait of Hormuz को फिर से खोलने की बात प्रमुखता से उठाई गई है। गौरतलब है कि यह जलमार्ग विश्व व्यापार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जहां से दुनिया भर का 20 प्रतिशत कच्चा तेल सप्लाई होता है। इस मार्ग के दोबारा शुरू होने से ग्लोबल एनर्जी मार्केट को बड़ी राहत मिल सकती है।
न्यूक्लियर डील पर रजामंदी: इस ऑफर का दूसरा चरण पूरी तरह से परमाणु कार्यक्रम पर केंद्रित है। Iran ने यह साफ संकेत दिया है कि यदि पहले चरण का समझौता सफल रहता है, तो वह अपने न्यूक्लियर प्रोग्राम पर आगे के एक महीने तक बातचीत करने के लिए तैयार है। यह क्षेत्रीय सुरक्षा के लिहाज से एक बहुत बड़ा कूटनीतिक कदम माना जा रहा है।
अर्थव्यवस्था पर सकारात्मक असर: प्रस्ताव को लेकर Iran का तर्क है कि इन सभी कदमों के उठाए जाने से ग्लोबल ऑयल सप्लाई पर पड़ रहे भारी दबाव को कम किया जा सकेगा। नाकाबंदी हटने और व्यापारिक मार्ग खुलने से न केवल पश्चिम एशिया बल्कि पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और स्थिरता पर इसका सकारात्मक प्रभाव देखने को मिलेगा।
समझौते का इंतजार और उम्मीदें: फिलहाल इस अहम प्रस्ताव पर America ने कोई भी ऑफिशियल रिएक्शन नहीं दिया है और सभी को अमेरिकी जवाब का इंतजार है। यदि America इस वार्ता के लिए राजी होता है, तो लंबे समय से चल रही इस दुश्मनी को कम करने और पश्चिम एशिया के इलाके में शांति बहाल करने का रास्ता साफ हो सकता है।



































