नोएडा में श्रमिक आंदोलन के दौरान हुई हिंसा को लेकर पुलिस प्रशासन अब एक्शन मोड में है। गौतमबुद्धनगर पुलिस ने दो सक्रिय प्रदर्शनकारियों पर राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम यानी एनएसए लगा दिया है। सत्यम वर्मा और आकृति नाम के इन आरोपियों पर हिंसा भड़काने का गंभीर आरोप लगाया गया है। पुलिस का मानना है कि इन पर कड़ी कार्रवाई से भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगेगी।
आरोपियों की पृष्ठभूमि सत्यम वर्मा और आकृति नामक ये दोनों आरोपी मजदूर बिगुल दस्ता संगठन से गहराई से जुड़े हैं। पुलिस जांच में यह पुख्ता हुआ है कि हिंसक प्रदर्शनों में इनकी भूमिका काफी संदिग्ध और अहम थी। इन्होंने संगठित तरीके से मजदूरों को कानून हाथ में लेने के लिए प्रेरित और उकसाया था। संगठन के सक्रिय सदस्य होने के नाते इन्होंने प्रदर्शन की आड़ में अराजकता फैलाने का काम किया।
जांच में मिले सबूत धरना-प्रदर्शन के दौरान हुई आगजनी और तोड़फोड़ के बाद पुलिस ने सघन जांच अभियान चलाया था। विभिन्न थानों में दर्ज मुकदमों की जांच के दौरान पुलिस को आरोपियों के खिलाफ अहम कड़ी मिली। पुलिस को ऐसे साक्ष्य मिले जिनसे पता चला कि इन्होंने जानबूझकर भीड़ को उत्तेजित किया था। लोक व्यवस्था को चोट पहुँचाने के उद्देश्य से की गई इस साजिश के प्रमाण पुलिस के पास हैं।
अफवाहों पर लगाम जांच में खुलासा हुआ कि सोशल मीडिया के माध्यम से इलाके में भ्रामक अफवाहें फैलाई गई थीं। इन अफवाहों का उद्देश्य माहौल को तनावपूर्ण बनाना और अधिक से अधिक भीड़ एकत्र करना था। पुलिस का दावा है कि इन आरोपियों ने अन्य माध्यमों का उपयोग कर लोगों को गुमराह किया था। यही कारण है कि पुलिस ने इन पर लोक व्यवस्था बिगाड़ने वाली धाराओं के तहत कार्रवाई की है।
कानून व्यवस्था की स्थिति गौतमबुद्धनगर कमिश्नरेट ने कहा है कि जिले की शांति से खिलवाड़ करने वालों पर कड़ी नजर है। असामाजिक तत्वों की पहचान कर उनके विरुद्ध निरंतर कड़ी कानूनी कार्रवाई को अंजाम दिया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना उनका सबसे पहला दायित्व है। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिले के संवेदनशील इलाकों में पुलिस की गश्त बढ़ा दी गई है।
मजदूरों का नया वेतन सरकार ने नगर निगम वाले ज़िलों में अकुशल मज़दूरों का वेतन बढ़ाकर 13,006 रुपये कर दिया है। अर्ध-कुशल मज़दूरों को अब 14,306 रुपये और कुशल मज़दूरों को 16,025 रुपये मासिक मिलेंगे। यह फैसला नोएडा और गाज़ियाबाद के औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने वाले श्रमिकों के हित में है। वेतन में हुई यह वृद्धि मजदूरों की पुरानी मांगों को पूरा करने की दिशा में बड़ा कदम है।



































