रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सोमवार को अयोध्या के रानोपाली स्थित उदासीन आश्रम पहुंचे, जहां गुरु पर्व महोत्सव का आयोजन किया गया था। उन्होंने महोत्सव में हिस्सा लिया और वहां मौजूद लोगों तथा संतों को संबोधित किया। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने उत्तर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को भारतीय ज्ञान परंपरा से जोड़ने की जरूरत पर जोर दिया। इसी क्रम में उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से एक विशेष आग्रह किया। राजनाथ सिंह ने कहा कि यदि योगी आदित्यनाथ दोबारा उत्तर प्रदेश की सरकार बनाते हैं, तो वह उनसे प्रदेश के सभी विद्यालयों में वैदिक गणित की पढ़ाई शुरू कराने का आग्रह करेंगे। उन्होंने वैदिक गणित को भारतीय ज्ञान परंपरा की विशिष्ट उपलब्धि बताते हुए इसे विद्यार्थियों की शिक्षा से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया।
विदेशों में भी वैदिक गणित का उल्लेख: राजनाथ सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि वैदिक गणित की विशेषता ऐसी है कि विदेशों में भी इसका अध्ययन किया जाता है। उन्होंने दावा किया कि लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में भी वैदिक गणित पढ़ाई जाती है। उन्होंने योगी सरकार की कार्यप्रणाली की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनके संरक्षण में शासन व्यवस्था के साथ सनातन व्यवस्था भी उत्कर्ष की ओर बढ़ रही है। रक्षा मंत्री ने संस्कृत को देव भाषा और आध्यात्म की भाषा बताते हुए कहा कि वैदिक गणित भी अपनी विशेषता के कारण बेजोड़ है। उन्होंने शिक्षा के व्यापक उद्देश्य को सामने रखते हुए कहा कि संस्कृत मनुष्य को अपनी जड़ों से जोड़ती है, जबकि आधुनिक शिक्षा उसे भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार करती है। उनके अनुसार देश को ऐसी पीढ़ी की जरूरत है जो परंपरा और आधुनिकता दोनों की ताकत को समझ सके।
नई पीढ़ी को लेकर राजनाथ सिंह की सोच: रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत के भविष्य के लिए ऐसी पीढ़ी तैयार करनी होगी, जो वेदों के ज्ञान की गहराई को समझे और तकनीक की शक्ति को पहचानते हुए आगे बढ़े। उन्होंने ज्ञान को नए भारत के निर्माण का आधार बताते हुए कहा कि शिक्षा में भारतीय परंपराओं और आधुनिक आवश्यकताओं का संतुलन होना चाहिए। राजनाथ सिंह के मुताबिक संस्कृत और वैदिक ज्ञान विद्यार्थियों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने में मदद कर सकते हैं, जबकि आधुनिक शिक्षा उन्हें बदलती दुनिया के लिए सक्षम बना सकती है। इसी सोच के आधार पर उन्होंने उत्तर प्रदेश के सभी विद्यालयों में वैदिक गणित को पढ़ाने की बात रखी। उन्होंने कहा कि अगर योगी आदित्यनाथ फिर से प्रदेश की सरकार बनाते हैं तो वह व्यक्तिगत रूप से उनसे इस दिशा में कदम उठाने का आग्रह करेंगे।
राम मंदिर आंदोलन में संतों के योगदान को याद किया: संतों को संबोधित करते हुए राजनाथ सिंह ने अयोध्या के महत्व को भी विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि अयोध्या सिर्फ एक भौगोलिक स्थान नहीं है, बल्कि यह चेतना, संस्कृति और सभ्यता का केंद्र है। उनके अनुसार भगवान श्रीराम ने इस धरती को अपने चरणों से पवित्र किया और यहां से धर्म, न्याय तथा मर्यादा का संदेश पूरे विश्व तक पहुंचा। राजनाथ सिंह ने श्री नारायण संस्कृत महाविद्यालय के नवनिर्मित भवन को देखकर प्रसन्नता जताई। उन्होंने कहा कि आचार संहिता लागू होने के कारण वह भवन का उद्घाटन नहीं कर सके। इस दौरान उन्होंने राम मंदिर आंदोलन में संतों की भूमिका को भी याद किया और कहा कि संतों ने आंदोलन के लंबे संघर्ष के दौरान जेल की यातनाएं सहीं तथा बलिदान दिए।
रामलला और हनुमानजी के किए दर्शन: अयोध्या पहुंचने के बाद रक्षा मंत्री ने हनुमानगढ़ी और श्रीराम मंदिर में दर्शन-पूजन भी किया। उन्होंने रामलला का आशीर्वाद लिया और दोनों मंदिरों में पूजा-अर्चना कर देश की प्रगति तथा लोक कल्याण की कामना की। दर्शन के बाद राजनाथ सिंह ने कहा कि अयोध्या में श्रीरामलला और श्री हनुमानजी के दर्शन करके वह स्वयं को सौभाग्यशाली महसूस कर रहे हैं। उन्होंने मंदिरों में पूजन-अर्चन के दौरान भारत की उन्नति और जनता के कल्याण की कामना करने की बात कही। इसके बाद गुरु पर्व महोत्सव में पहुंचकर उन्होंने संतों और लोगों को संबोधित किया तथा शिक्षा और भारतीय संस्कृति से जुड़े अपने विचार साझा किए।
योगी सरकार की कार्यप्रणाली की सराहना: राजनाथ सिंह ने अपने संबोधन में योगी आदित्यनाथ सरकार की कार्यप्रणाली की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनके संरक्षण में शासन व्यवस्था और सनातन व्यवस्था दोनों आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने संस्कृत, वैदिक गणित और आधुनिक शिक्षा के बीच संबंध को रेखांकित करते हुए कहा कि देश के निर्माण के लिए ऐसी शिक्षा जरूरी है, जो विद्यार्थियों को अपनी परंपरा और जड़ों की समझ देने के साथ भविष्य की तकनीकी दुनिया के लिए भी तैयार करे। राजनाथ सिंह ने इसी उद्देश्य को सामने रखते हुए प्रदेश के सभी विद्यालयों में वैदिक गणित की पढ़ाई शुरू कराने की मांग रखी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि योगी आदित्यनाथ दोबारा उत्तर प्रदेश की सरकार बनाते हैं तो वह उनसे इस प्रस्ताव को लागू करने का आग्रह करेंगे।















































