स्वप्नों के शुभ-अशुभ संकेत: स्वप्न शास्त्र में अलग-अलग प्रकार के सपनों को उनके संभावित फल से जोड़ा गया है। मान्यता के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति सपने में स्वयं को मुण्डित, जटिल, रूक्ष, मलिन या नील वस्त्र धारण किए हुए रुष्ट रूप में देखता है तो उसे भय की प्राप्ति होती है, जबकि दुर्गन्धयुक्त, पीले और भयंकर व्याधियों से पीड़ित तपस्वी का दर्शन ग्लानि का संकेत माना गया है। सपने में वृक्ष, लता, छोटे-छोटे गुल्म या बाँबी को अपनी गोद में देखना धन के विनाश का संकेत बताया गया है। इसी तरह सिर पर खजूर, अग्नि से जुड़ा बाँस, लता या वृक्ष उगते हुए दिखाई देना शीघ्र मृत्यु का संकेत माना गया है। यदि यही वस्तुएं वक्षस्थल पर उत्पन्न होती दिखें तो इसे हृदयरोग से मृत्यु का संकेत बताया गया है, जबकि शरीर के किसी अन्य अंग पर इनके उगने का सपना उस अंग के विनाश से जोड़ा गया है। शरीर के किसी अंग को लाल सूत, लाल पुष्प या रक्त के समान लाल लता-तंतुओं से घिरा देखना भी उस अंग के विनाश का संकेत माना गया है। इसके विपरीत यदि सपने में किसी व्यक्ति को हाथी, मगर या किसी मनुष्य द्वारा खींचते हुए देखा जाए तो इसे कारागार से मुक्ति का संकेत बताया गया है। घर में दिन के समय मधुमक्खी का छत्ता प्रवेश करते हुए दिखाई देना धन-नाश अथवा मृत्यु का संकेत माना गया है। दस्त लगते हुए देखने को धन के नाश और वमन करते हुए देखने को मृत्यु से जोड़ा गया है, जबकि वृक्ष की चोटी पर चढ़ने का सपना घर के नाश का संकेत बताया गया है। सपने में गाना गाते हुए देखना रोने, नाचते हुए देखना बंधन, हंसते हुए देखना शोक-संताप और कहीं जाते हुए देखना कलह का संकेत माना गया है।
वस्त्र और आभूषण से जुड़े संकेत: स्वप्नों में दिखाई देने वाले वस्त्र और आभूषण भी उनके शुभ-अशुभ फल के आधार माने गए हैं। शुभ और श्वेत वस्त्र का सपना उत्तम फल देने वाला बताया गया है, जबकि भस्म, हड्डी, मट्ठा और कपास दिखाई देना अशुभ माना गया है। सपने में शुक्ल माला और अलंकार आदि धारण करना शुभ संकेत माना जाता है, लेकिन रक्तवर्ण, पीले और नीले आदि रंगों के वस्त्र धारण करते हुए स्वयं को देखना शुभ नहीं बताया गया है। स्वप्नों के प्रकारों के संबंध में भी आठ श्रेणियों का वर्णन मिलता है। इनमें पापरहित मंत्र-साधना से उत्पन्न मंत्रज्ञ स्वप्न, वात आदि दोषों से उत्पन्न दोषज स्वप्न, देखी हुई वस्तुओं से उत्पन्न स्वप्न, सुनी हुई बातों से उत्पन्न स्वप्न, अनुभव से जुड़े स्वप्न, चिंतन से उत्पन्न स्वप्न, स्वभावजन्य स्वप्न और पुण्य-पाप का ज्ञान कराने वाले देव अथवा भाग्यजन्य स्वप्न शामिल माने गए हैं। इनमें मंत्रज्ञ और देव स्वप्नों को सत्य बताया गया है, जबकि शेष छह प्रकार के स्वप्न प्रायः निष्फल माने जाते हैं। मल-मूत्र की बाधा, आधि-व्याधि या रोग, आलस्य तथा दिन में या जागृत अवस्था में देखी गई वस्तुओं के संस्कार से उत्पन्न सपनों को भी प्रायः निष्फल बताया गया है। यदि किसी व्यक्ति को पहले शुभ और बाद में अशुभ सपना दिखाई दे या पहले अशुभ और बाद में शुभ सपना आए तो बाद में देखे गए स्वप्न को फलदायक माना गया है और पहले वाले स्वप्न को निष्फल बताया गया है। इसी तरह अशुभ सपना देखने के बाद व्यक्ति जागकर दोबारा सो जाए तो अशुभ फल के नष्ट होने की मान्यता है। यदि अशुभ स्वप्न के तुरंत बाद कोई शुभ स्वप्न दिखाई दे तो भी अशुभ फल समाप्त होकर शुभ फल मिलने की बात कही गई है।
अशुभ स्वप्न के बाद क्या करें: अशुभ सपना दिखाई देने पर जागने के बाद णमोकार मंत्र का पाठ करने की सलाह दी गई है। यदि अशुभ स्वप्न के बाद शुभ स्वप्न भी दिखाई दे जाए तो अलग से दुष्ट स्वप्न की शांति का उपाय करने की आवश्यकता नहीं मानी गई है। बुद्धिमान व्यक्ति को अपने शुभ और अशुभ स्वप्नों की जानकारी अपने गुरु के समक्ष बताने की बात कही गई है, लेकिन अशुभ स्वप्न को गुरु के अतिरिक्त किसी अन्य व्यक्ति के सामने प्रकाशित न करने की परंपरा बताई गई है। स्वप्न निमित्त के वर्णन के बाद लिंग के अनुसार इष्ट और अनिष्ट फल का भी आगमानुकूल वर्णन किया गया है। प्रथम लिंग शरीर और द्वितीय लिंग जलमध्यग बताया गया है तथा इनके संबंध में पहले गौतम स्वामी द्वारा किए गए वर्णन के अनुसार विवेचन की बात कही गई है। मंत्र से उत्पन्न स्वप्न के लिए स्नान करने, सुगंधित लेप लगाने और मंत्र का एक सौ आठ बार जाप करने के बाद स्वप्न देखने की विधि बताई गई है। इसके लिए दिए गए मंत्र का एक सौ आठ बार जाप करने का उल्लेख है। प्रत्यक्ष अरिष्ट संकेतों में यह भी कहा गया है कि यदि किसी व्यक्ति के पूरे शरीर पर बिना किसी कारण अत्यधिक मक्खियां लगती रहें तो ज्ञानियों ने उसकी आयु छह महीने बताई है। यदि बिना कारण दिशाएं हरी, पीली और शुभ दिखाई दें तथा व्यक्ति को गंध का ज्ञान न हो तो इसे मृत्यु का निश्चित संकेत बताया गया है। सूर्य और चंद्रमा दिखाई न देना तथा मुंह से सांस का अधिक और तेजी से निकलना शीघ्र मृत्यु का संकेत माना गया है। इसी प्रकार जीभ पर हमेशा अधिक मैल रहना, किसी भी रस का स्वाद न आना और वस्तुओं का रूप दिखाई न देना सात दिन की आयु का संकेत बताया गया है।
पानी और प्रकृति से जुड़े सपनों का फल: सपने में पानी दिखाई देने के भी अलग-अलग फल बताए गए हैं। बहता हुआ पानी देखने को मन की इच्छा पूरी होने और कार्य में किसी प्रकार की बाधा न आने का संकेत माना गया है। यदि किसी व्यक्ति का किसी से विवाद या अदालत में मुकदमा चल रहा हो तो ऐसे सपने को उसके पक्ष में फैसला आने, मान-सम्मान बढ़ने और काम सफल होने से जोड़ा गया है। कुएं का पानी दिखाई देना परेशानियों के दूर होने और उलझनों के सुलझने का संकेत बताया गया है। व्यापार में लाभ कम हो रहा हो तो उसके बढ़ने की संभावना से भी इसे जोड़ा गया है और इसे हर तरह की खुशी मिलने का संकेत माना गया है। समुद्र का पानी देखना अशुभ बताया गया है और ऐसे सपने के बाद दान करने की सलाह दी गई है, क्योंकि इसे दुख और संकट का संकेत माना गया है। अच्छे कार्य करने से संकट टलने की मान्यता है, जबकि समुद्र का पानी विदेश यात्रा का संकेत भी माना गया है, हालांकि ऐसी यात्रा में कठिनाइयां आने की बात कही गई है। पानी के बुलबुले उठते हुए देखना स्वास्थ्य, धन और व्यापार के मामले में सावधान रहने का संकेत माना गया है, क्योंकि इसे हानि से जोड़ा गया है। इसके विपरीत स्वच्छ जल देखना सौभाग्य, आयु में वृद्धि, खुशियों, सुविधाओं और मन की चिंताओं के दूर होने का संकेत बताया गया है। यदि परिवार में कोई व्यक्ति बीमार हो तो उसके स्वस्थ होने का संकेत भी माना गया है। गंदा पानी देखना दुख और परेशानियों में फंसने का संकेत बताया गया है तथा संकट दूर करने के लिए श्री शांतिनाथ पाठ और प्रार्थना करने की सलाह दी गई है। इसे आयु कम होने और विवाह के मामले में परेशानी से भी जोड़ा गया है, विशेष रूप से ऐसी स्थिति में जब विवाह होने वाला हो और पत्नी से अपेक्षित खुशी न मिलने की बात कही गई है।
आग, आकाश, सूर्य और अन्य दृश्यों के संकेत: सपने में जलती हुई आग की लपटें देखना शुभ माना गया है। यदि कोई कुंवारा व्यक्ति ऐसा सपना देखे तो उसे मनपसंद जीवनसाथी मिलने का संकेत बताया गया है, जबकि सूखे के समय आग का सपना अच्छी बारिश का संकेत माना गया है। सूर्य की रोशनी देखना सुख, तेज में वृद्धि, शत्रुओं की पराजय, सरकार और समाज में सम्मान, धन-संपत्ति में बढ़ोतरी, स्वास्थ्य लाभ और संतोष का संकेत बताया गया है। इसके विपरीत सूर्य पर बादल या अंधेरा दिखाई देना गम, दुख, पीड़ा, चिंता, व्यापार में हानि, नौकरी में मालिक से मनमुटाव, बेइज्जती, निराशा और अन्य परेशानियों का संकेत माना गया है और ऐसे समय महामंत्र अर्थात णमोकार मंत्र के जाप की सलाह दी गई है। सपने में जलती हुई आग को उठाना सावधानी का संकेत माना गया है और इसे अनुचित धन प्राप्त होने तथा बिना कारण खर्च बढ़ने से जोड़ा गया है, इसलिए लालच बढ़ाने वाले कार्यों से बचने की बात कही गई है। जलती आग पर भोजन बनाते हुए देखना प्रसन्नता का संकेत है। व्यापारी के लिए इसे बड़े लाभ, नौकरी करने वाले के लिए वेतन बढ़ने और अनावश्यक खर्च न बढ़ने का संकेत बताया गया है। हालांकि आग में कपड़ा जलते हुए देखना दुख और आंखों में पीड़ा या रोग का संकेत माना गया है। सपने में आसमान देखना ऊंची पदवी, समाज में सम्मान और भाग्यशाली पुत्र की प्राप्ति का संकेत बताया गया है। स्वयं को आकाश में उड़ते हुए देखना यात्रा के अवसर से जुड़ा है, जबकि आकाश के निकट स्वयं को देखना माता-पिता के स्नेह, समाज में सम्मान, सुख-शांति के साधनों और कार्यों में सफलता का संकेत माना गया है। नाम और प्रतिष्ठा बढ़ने की भी मान्यता है। लेकिन आकाश से उड़ते हुए नीचे गिरना बेइज्जती, व्यापार में हानि और कई प्रकार के दुखों का संकेत बताया गया है।
दर्पण, धन, भोजन और दैनिक वस्तुओं के संकेत: सपने में अपनी हथेलियों में आंखें दिखाई देना नकद धन मिलने, परेशानियां और बीमारियां दूर होने तथा सुख और प्रसन्नता की प्राप्ति का संकेत माना गया है। दर्पण या आईना देखना मन की अभिलाषाओं के पूर्ण होने, जीवनसाथी, सेवक या वफादार मित्र मिलने और किसी ऐसे व्यक्ति से लाभ प्राप्त होने का संकेत बताया गया है। दर्पण में अपना चेहरा देखना पुत्र प्राप्ति से जोड़ा गया है, हालांकि इसी सपने का एक अन्य फल पत्नी से दुख मिलने और नौकरी में पदवी घटने के रूप में भी बताया गया है। आंधी का सपना दुख, धन-दौलत की हानि, व्यापार में घाटा, नौकरी जाने के खतरे या बीमारी का संकेत माना गया है और ऐसे में दान, दीन-दुखियों की सेवा तथा पंच परमेष्ठी की भक्ति करने की सलाह दी गई है। अखरोट देखना भरपूर भोजन, व्यापार में लाभ और धन बढ़ने का संकेत है। स्वयं को किसी बंधन से मुक्त होते देखना चिंताओं से मुक्ति और मनोकामना पूर्ण होने का संकेत माना गया है तथा कुंवारे या कुंवारी व्यक्ति के लिए मनपसंद विवाह की संभावना से जोड़ा गया है। सपने में अच्छी आवाज सुनाई देने पर उसके दिशा के अनुसार अलग-अलग फल बताए गए हैं। बाईं ओर से आवाज सुनना लज्जा और काम में असफलता, दाईं ओर से आवाज सुनना सुख, सम्मान और समृद्धि, सामने से आवाज सुनना शुभ फल तथा पीछे से आवाज सुनना दुख, लज्जा, निराशा और विवाद में पराजय का संकेत माना गया है। सूखा अन्न देखना चिंता, दुख, बीमारी, शारीरिक कष्ट और बढ़ती परेशानियों का संकेत बताया गया है। अशरफी, मुहर या स्वर्ण मुद्रा देखना चरित्रवान पुत्र, धन लाभ, कार्य में सफलता और सुख मिलने का संकेत माना गया है। मीठा अनार खाते हुए देखना धन, प्रसन्नता, सुख, स्वास्थ्य और लाभ का संकेत है, जबकि खट्टा अनार दुख, शरीर में घाव या अन्य कष्ट का संकेत बताया गया है। इमरती खाते हुए देखना लाभ, भरपूर भोजन, धन प्राप्ति और अच्छी स्त्री मिलने का संकेत माना गया है। आबजोश देखना कठिनाई आने का संकेत है, जिसके बाद भगवान को याद करने पर कष्ट के बाद सुख मिलने की मान्यता है। अदवान देखने को दुख, अपमान और ऐसी स्थिति से जोड़ा गया है जिसमें व्यक्ति को नीचे बैठने योग्य बनना पड़े। अफीम खाते हुए देखने का फल बुरी आदत लगने और आलस्य के कारण बने काम के बिगड़ने के रूप में बताया गया है। वहीं आइसक्रीम खाते हुए देखना सुख और शांति मिलने का संकेत माना गया है। अलमारी दिखाई देना धन मिलने लेकिन कठिनाई से प्राप्त होने तथा यश की प्राप्ति का संकेत बताया गया है।














































