कर्नाटक में नई सरकार के गठन को लेकर कांग्रेस पार्टी के भीतर मंत्रियों के नामों पर लगातार मंथन चल रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया अपने समर्थक विधायकों को मंत्रिमंडल में शामिल करवाने के लिए पूरी ताकत के साथ जुटे हुए हैं। सूत्रों के मुताबिक सिद्धारमैया ने अपने करीबी आठ से दस विधायकों को मंत्रिमंडल में विशेष रूप से शामिल करने का आग्रह किया है। उन्होंने हाईकमान को जिन विधायकों के नाम सौंपे हैं उनमें एचसी महादेवप्पा, संतोष लाड और बसवराज रायरेड्डी प्रमुख रूप से शामिल हैं। इसके अलावा वेंकटेश, बी सुरेश, पुट्टरंग शेट्टी और बीके हरिप्रसाद का नाम भी इस खास सिफारिशी सूची में मौजूद है।
जमीर की मुश्किलें बढ़ीं: सिद्धारमैया ने मुस्लिम कोटे से अपने करीबी जमीर अहमद खान को डिप्टी सीएम और मंत्री बनाने की पुरजोर वकालत की है। लेकिन मंत्रिमंडल गठन से ठीक पहले दावणगेरे उपचुनाव के विवादों के कारण जमीर अचानक गंभीर आरोपों से घिर गए हैं। उन पर दावणगेरे उपचुनाव में पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार के विरोध में गुपचुप तरीके से काम करने का गंभीर आरोप लगा है। मंगलवार को सबूत के तौर पर लीक हुए एक कथित ऑडियो क्लिप ने उनकी राजनीतिक मुश्किलें और भी ज्यादा बढ़ा दी हैं। इस विवाद के सामने आने के बाद आलाकमान उनके नाम पर दोबारा विचार करने के लिए पूरी तरह से मजबूर हो गया है।
यतीन्द्र का मंत्री बनना तय: कर्नाटक की इस नई सरकार में कई युवा और नए चेहरों को भी अहम जिम्मेदारी मिलने की प्रबल संभावना है। पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के बेटे यतीन्द्र का नाम इस बार मंत्रिमंडल की सूची में सबसे ऊपर चल रहा है। पार्टी सूत्रों का स्पष्ट रूप से कहना है कि यतीन्द्र का नई सरकार में मंत्री बनना अब लगभग तय हो चुका है। आलाकमान उन्हें उनकी पिछली राजनीतिक सक्रियता और युवाओं के बीच अच्छी पकड़ के कारण सरकार में मौका देना चाहता है। पिता की मजबूत पैरवी और पार्टी के भीतर उनके खुद के अच्छे प्रभाव ने उनके मंत्री बनने का रास्ता साफ कर दिया है।
संभावित चेहरों की सूची: मंत्रिमंडल में जगह पाने वाले विधायकों के नामों को लेकर एक प्रारंभिक सूची दिल्ली दरबार में तैयार कर ली गई है। इस संभावित सूची में यतीन्द्र सिद्धारमैया के अलावा दलित नेता जी परमेश्वर का नाम भी बहुत मजबूती से शामिल है। साथ ही पार्टी के वरिष्ठ और अनुभवी नेता केजे जॉर्ज को भी इस बार कैबिनेट में बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है। सूची में रामलिंगा रेड्डी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बेटे प्रियांक खरगे का नाम भी प्रमुखता के साथ दर्ज है। ये सभी विधायक अपनी-अपनी जातियों और क्षेत्रों में मजबूत प्रभाव रखते हैं जो नई सरकार के लिए बहुत फायदेमंद साबित होगा।
कई दिग्गजों को मौका: पार्टी नेतृत्व हर क्षेत्र को मंत्रिमंडल में उचित प्रतिनिधित्व देने की अपनी खास रणनीति पर बारीकी से काम कर रहा है। लिंगायत समुदाय के प्रभावशाली और दिग्गज नेता एमबी पाटिल का नाम भी इस संभावित मंत्रियों की सूची में पक्का माना जा रहा है। इनके साथ ही ईश्वर खण्डरे और कृष्णा बयरेगौडा जैसे वरिष्ठ विधायकों को भी कैबिनेट में बड़ी जगह मिल सकती है। महिला प्रतिनिधित्व के रूप में तेजतर्रार नेता लक्ष्मी हेब्बलाकर का नाम भी मंत्री पद की दौड़ में बहुत आगे चल रहा है। इसके अलावा बी सुरेश और सतीश जारकीहोली का नाम भी उन विधायकों में शामिल है जिन्हें सरकार में शामिल किया जाना है।
अध्यक्ष पद की दौड़: मंत्रिमंडल गठन के साथ-साथ कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी के नए अध्यक्ष पद को लेकर भी भारी राजनीतिक कशमकश चल रही है। मंत्री पद की रेस में शामिल सतीश जारकीहोली का नाम भी अब प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए मजबूती से उछाला जा रहा है। यदि सतीश जारकीहोली अध्यक्ष पद संभालने के लिए राजी हो जाते हैं तो सरकार के राजनीतिक समीकरण पूरी तरह बदल जाएंगे। ऐसी स्थिति में मंत्रिमंडल के भीतर उनकी जगह दिग्गज नेता बीके हरिप्रसाद को मंत्री बनने का शानदार मौका मिल सकता है। इसके अलावा यह भी पूरी संभावना जताई जा रही है कि बीके हरिप्रसाद को ही फिर से प्रदेश कांग्रेस का अध्यक्ष नियुक्त कर दिया जाए।





































