आगामी 25 जून 2026 को निर्जला एकादशी का परम पावन व्रत रखा जाएगा। इस वर्ष यह तिथि अत्यंत विशेष होने वाली है क्योंकि इस दिन गुरुवार का शुभ संयोग बन रहा है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, गुरुवार का दिन भगवान श्रीहरि विष्णु और देव गुरु बृहस्पति दोनों को समर्पित है। चूंकि निर्जला एकादशी स्वयं भगवान विष्णु की आराधना का सबसे बड़ा दिन है, इसलिए इस दिन गुरुवार का पड़ना एक दुर्लभ और अत्यंत मंगलकारी योग बनाता है।
इस महासंयोग में यदि कुछ विशेष ज्योतिषीय उपाय किए जाएं, तो न केवल भगवान विष्णु की अपार कृपा प्राप्त होती है, बल्कि जन्म कुंडली में गुरु ग्रह (Jupiter) की स्थिति भी बलवान होती है। गुरु के मजबूत होने से व्यक्ति को करियर, शिक्षा, पारिवारिक जीवन और वैवाहिक सुख में अद्भुत लाभ मिलते हैं। आइए विस्तार से जानते हैं निर्जला एकादशी और गुरुवार के इस शुभ संयोग में किए जाने वाले खास उपायों के बारे में:
निर्जला एकादशी पर गुरु ग्रह को बलवान करने के 4 अचूक उपाय
1. पीली वस्तुओं का महादान सनातन धर्म में एकादशी के दिन दान का विशेष महत्व है। गुरुवार होने के कारण इस दिन पीले रंग की वस्तुओं का दान करना अत्यंत फलदायी माना गया है।
- क्या दान करें: आप अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार जरूरतमंदों को पीले वस्त्र, हल्दी की गांठ, चने की दाल या पीले फलों का दान कर सकते हैं।
- लाभ: इस उपाय को करने से कुंडली में गुरु ग्रह की स्थिति मजबूत होती है। यदि आपके वैवाहिक जीवन या प्रेम संबंधों में कोई बाधा आ रही है, तो वह दूर हो जाती है और जीवन में शुभ फलों की प्राप्ति होती है।
2. केले के वृक्ष की चमत्कारी पूजा धार्मिक मान्यताओं में केले के वृक्ष को साक्षात देव गुरु बृहस्पति और भगवान विष्णु का स्वरूप माना गया है।
- विधि: निर्जला एकादशी की सुबह स्नान के पश्चात केले के पेड़ की जड़ में शुद्ध जल अर्पित करें। इसके बाद वहां शुद्ध देसी घी का दीपक प्रज्वलित करें। दीपक जलाकर भगवान विष्णु और देव गुरु के मंत्रों का श्रद्धापूर्वक जाप करें।
- लाभ: ऐसा करने से श्रीहरि और देव गुरु दोनों का संयुक्त आशीर्वाद प्राप्त होता है, जो आपके जीवन में चल रही हर प्रकार की परेशानियों और संकटों का अंत करने में सक्षम है।
3. ‘गुरु बीज मंत्र’ का अचूक जाप इस दिन व्रत और भगवान विष्णु के पूजन के साथ-साथ गुरु ग्रह की विशेष आराधना अवश्य करनी चाहिए।
- विधि: एकादशी पूजा के समय या संध्याकाल में गुरु ग्रह के चमत्कारी बीज मंत्र ‘ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः’ का कम से कम 108 बार (एक माला) जाप करें।
- लाभ: मंत्र जाप से संबंधित ग्रह की सकारात्मक ऊर्जा में वृद्धि होती है। यह उपाय आपके करियर और व्यापार में प्रगति के नए रास्ते खोलेगा और जीवन के अंधकार को दूर कर सफलता का मार्ग प्रशस्त करेगा।
4. गुरुजनों और घर के बुजुर्गों की सेवा ज्योतिष शास्त्र में गुरु ग्रह को शिक्षकों, मार्गदर्शकों और घर के बड़े-बुजुर्गों का कारक ग्रह माना गया है।
- विधि: इस शुभ संयोग के दिन अपने घर के सभी बड़े-बुजुर्गों के चरण स्पर्श कर उनका आशीर्वाद लें। उनके साथ कुछ समय बिताएं और संभव हो तो उनकी पसंद की कोई वस्तु या पीले वस्त्र उन्हें उपहार स्वरूप भेंट करें।
- लाभ: बुजुर्गों और गुरुजनों को प्रसन्न करने से देव गुरु बृहस्पति अत्यंत प्रसन्न होते हैं। उनकी कृपा से जीवन की बड़ी से बड़ी दुख-विपदाएं स्वतः ही दूर हो जाती हैं और घर में सुख-शांति का वास होता है।





































