भारत और वेस्टइंडीज के बीच होने वाले मैच के मुफ्त पास कुछ लोगों के लिए अवैध कमाई का जरिया बन गए हैं। हैदराबाद में होने वाले टी20 मुकाबले से पहले इन पास को हजारों रुपये में ऊंचे दामों पर बेचने का मामला सामने आया है। हैरानी की बात यह है कि इन पास पर साफ तौर पर ‘नॉट फॉर सेल’ (बेचने के लिए नहीं) लिखा हुआ था, इसके बावजूद इन्हें 3,500 रुपये से लेकर 6,000 रुपये तक में बेचा जा रहा था। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हैदराबाद क्रिकेट एसोसिएशन (HCA) के एक सदस्य समेत कुल 4 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।
बेगम बाजार के पास हुई अवैध बिक्री का खुलासा
पुलिस के अनुसार, 12 अक्टूबर को बेगम बाजार के एसडी मॉल के पास मैच के पास की अवैध बिक्री और कालाबाजारी की गुप्त सूचना मिली थी। इस इनपुट के आधार पर पुलिस ने जाल बिछाकर जांच शुरू की। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सोमवार रात करीब 9 बजे अविनाश दारक और मोहित सोमानी नामक दो आरोपियों को दबोच लिया। जब उनसे कड़ाई से पूछताछ की गई, तो उन्होंने खुलासा किया कि उन्हें ये पास आकर्षित श्रीवास्तव से मिले थे।
सोशल मीडिया के जरिए 3500 से 6000 रुपये में बेचे जा रहे थे पास
इस पूरे मामले में पुलिस ने HCA सदस्य सतीश चंद्र श्रीवास्तव, उनके बेटे आकर्षित श्रीवास्तव, अविनाश दारक और मोहित सोमानी को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि आरोपी व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर पोस्ट डालकर इन पास को ग्राहकों तक पहुंचा रहे थे। इन पास की कीमत 3,500 से 6,000 रुपये के बीच तय की गई थी। शुरुआती जांच के मुताबिक, आरोपी अब तक ऐसे करीब 10 पास बेच चुके थे। पुलिस का यह भी आरोप है कि आकर्षित को ये फ्री पास अपने पिता से मिले थे, जिन्हें उसने आगे बेचने के लिए अविनाश को दिए थे और इस काम में मोहित ने भी उनका साथ दिया था।
पुलिस ने बरामद किए मैच पास और अन्य आपत्तिजनक सामान
छापेमारी और गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कई चीजें जब्त की हैं। इनमें ‘नॉट फॉर सेल’ लिखे 11 मैच पास, नवरात्रि डांडिया कार्यक्रम के 8 पास, 5,000 रुपये नकद, मोबाइल फोन और एक दोपहिया वाहन शामिल हैं। अब पुलिस हैदराबाद क्रिकेट एसोसिएशन (HCA) से यह जानकारी जुटाने में लगी है कि सतीश चंद्र श्रीवास्तव को कुल कितने मुफ्त मैच पास आवंटित किए गए थे, ताकि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों का भी पता लगाया जा सके।
आरोपियों को भेजा गया न्यायिक हिरासत में
पुलिस ने सभी चारों आरोपियों को 13 अक्टूबर को गिरफ्तार करने के बाद अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस इस मामले के हर पहलू की गहराई से जांच कर रही है ताकि यह पता चल सके कि इस अवैध कारोबार में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।













































