• About Us
  • Advertise with Us
  • Contact Us
Khari Kasauti
Advertisement
  • होम
  • समाचार
    • All
    • खेल
    • देश
    • बाजार
    • विदेश
    Bangladesh में पूर्व वायुसेना प्रमुख की संपत्तियों की जांच तेज, पत्नी और बच्चों के नाम पर भी संपत्ति का खुलासा

    Bangladesh में पूर्व वायुसेना प्रमुख की संपत्तियों की जांच तेज, पत्नी और बच्चों के नाम पर भी संपत्ति का खुलासा

    Canada के Alberta में आग की चपेट में आए सैनिक, 4 की मौत; 39 घायलों को चार अस्पतालों में कराया गया भर्ती

    Canada के Alberta में आग की चपेट में आए सैनिक, 4 की मौत; 39 घायलों को चार अस्पतालों में कराया गया भर्ती

    France में प्रदर्शनों ने लिया हिंसक रूप, Limoges के ऐतिहासिक सिटी हॉल में आग; Macron ने दोषियों से भरपाई कराने की बात कही

    France में प्रदर्शनों ने लिया हिंसक रूप, Limoges के ऐतिहासिक सिटी हॉल में आग; Macron ने दोषियों से भरपाई कराने की बात कही

    Shafali Verma ने तोड़ा Smriti Mandhana का रिकॉर्ड, Laura Wolvaardt को पछाड़कर भारत को दिलाई सीरीज में जीत

    Shafali Verma ने तोड़ा Smriti Mandhana का रिकॉर्ड, Laura Wolvaardt को पछाड़कर भारत को दिलाई सीरीज में जीत

    शेयर बाजार में गिरावट, सेंसेक्स 300 अंक टूटा और निफ्टी 23,100 से नीचे; पीएसयू बैंक और फार्मा में तेजी

    शेयर बाजार में गिरावट, सेंसेक्स 300 अंक टूटा और निफ्टी 23,100 से नीचे; पीएसयू बैंक और फार्मा में तेजी

    Iran के खिलाफ Trump की नई रणनीति, परमाणु बम से इनकार लेकिन ‘मदर ऑफ ऑल बॉम्ब्स’ पर विचार

    Iran के खिलाफ Trump की नई रणनीति, परमाणु बम से इनकार लेकिन ‘मदर ऑफ ऑल बॉम्ब्स’ पर विचार

  • प्रादेशिकी
    • All
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • दिल्ली
    • बिहार
    Uttar Pradesh में महिलाओं की कमाई बढ़ाने से लेकर किसान बच्चों की पढ़ाई तक, Yogi सरकार ने बढ़ाए अवसर

    Uttar Pradesh में महिलाओं की कमाई बढ़ाने से लेकर किसान बच्चों की पढ़ाई तक, Yogi सरकार ने बढ़ाए अवसर

    Delhi Police की सतर्कता से 5 राज्यों में टली साइबर ठगी, बुजुर्गों को डराकर करोड़ों रुपये वसूलने की कोशिश

    Delhi Police की सतर्कता से 5 राज्यों में टली साइबर ठगी, बुजुर्गों को डराकर करोड़ों रुपये वसूलने की कोशिश

    Yogi Adityanath का बड़ा फैसला, Uttar Pradesh में Mahanavami पर 19 अक्टूबर को रहेगा अवकाश

    Yogi Adityanath का बड़ा फैसला, Uttar Pradesh में Mahanavami पर 19 अक्टूबर को रहेगा अवकाश

    Odisha में अधिकारी Prasanjit Das के ठिकानों पर छापेमारी, 21.88 लाख रुपये जब्त; रिश्वत के आरोपों की जांच

    Odisha में अधिकारी Prasanjit Das के ठिकानों पर छापेमारी, 21.88 लाख रुपये जब्त; रिश्वत के आरोपों की जांच

    UP में बेटियों को आगे बढ़ाने पर Yogi Adityanath का जोर, खेल विश्वविद्यालय से सरकारी नौकरी तक अवसरों का जिक्र

    UP में बेटियों को आगे बढ़ाने पर Yogi Adityanath का जोर, खेल विश्वविद्यालय से सरकारी नौकरी तक अवसरों का जिक्र

    Varanasi में Bharat Sevashram Sangh के 100 वर्ष पूरे, Yogi Adityanath ने राष्ट्रसेवा और आत्मनिर्भरता पर दिया जोर

    Varanasi में Bharat Sevashram Sangh के 100 वर्ष पूरे, Yogi Adityanath ने राष्ट्रसेवा और आत्मनिर्भरता पर दिया जोर

  • युवा-जगत
    • All
    • कैरियर
    • जॉब
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
    UPSSSC में 1784 पदों पर भर्ती, 10 नवंबर से आवेदन शुरू; PET-2025 पास अभ्यर्थियों को मौका

    UPSSSC में 1784 पदों पर भर्ती, 10 नवंबर से आवेदन शुरू; PET-2025 पास अभ्यर्थियों को मौका

    Haryana में खाद्य सुरक्षा अधिकारी के 45 पदों पर भर्ती, 19 अक्टूबर शाम 5 बजे तक करें आवेदन

    Haryana में खाद्य सुरक्षा अधिकारी के 45 पदों पर भर्ती, 19 अक्टूबर शाम 5 बजे तक करें आवेदन

    आंध्र प्रदेश में शिक्षकों के 2,721 पदों पर भर्ती, जानें आयु सीमा, योग्यता, आवेदन शुल्क और चयन प्रक्रिया

    आंध्र प्रदेश में शिक्षकों के 2,721 पदों पर भर्ती, जानें आयु सीमा, योग्यता, आवेदन शुल्क और चयन प्रक्रिया

    RRB पैरामेडिकल भर्ती 2026: 590 पदों पर आवेदन का मौका, नर्सिंग सुपरिंटेंडेंट के सबसे ज्यादा पद

    RRB पैरामेडिकल भर्ती 2026: 590 पदों पर आवेदन का मौका, नर्सिंग सुपरिंटेंडेंट के सबसे ज्यादा पद

    Indian Army TES-57 भर्ती 2026: 12वीं पास युवाओं को सेना में अफसर बनने का मौका, ₹56,100 स्टाइपेंड और इंजीनियरिंग डिग्री

    Indian Army TES-57 भर्ती 2026: 12वीं पास युवाओं को सेना में अफसर बनने का मौका, ₹56,100 स्टाइपेंड और इंजीनियरिंग डिग्री

    Karnataka में प्रधानाचार्य के 247 पदों पर भर्ती, 1.59 लाख रुपये तक वेतन; जानें कैडर, पात्रता और आवेदन की तारीख

    Karnataka में प्रधानाचार्य के 247 पदों पर भर्ती, 1.59 लाख रुपये तक वेतन; जानें कैडर, पात्रता और आवेदन की तारीख

  • मनोरंजन
    • All
    • ग्लैमरस दुनिया
    • टेलीविजन
    • बॉलीवुड गपसप
    Tiger Shroff की कार पर फायरिंग मामले में जांच तेज, संदिग्धों की तस्वीर आई सामने; Eknath Shinde ने परिवार को दिया भरोसा

    Tiger Shroff की कार पर फायरिंग मामले में जांच तेज, संदिग्धों की तस्वीर आई सामने; Eknath Shinde ने परिवार को दिया भरोसा

    Ajay Devgn के Juhu बंगले पर BMC की कार्रवाई, नोटिस के बाद भी निर्माण जारी रहने पर तोड़े गए कुछ हिस्से

    Ajay Devgn के Juhu बंगले पर BMC की कार्रवाई, नोटिस के बाद भी निर्माण जारी रहने पर तोड़े गए कुछ हिस्से

    रामायण: राइज ऑफ द लीजेंड के ट्रेलर ने मचाई धूम, रावण-जटायु का युद्ध और राम-परशुराम का टकराव देख रोमांचित हुए दर्शक

    रामायण: राइज ऑफ द लीजेंड के ट्रेलर ने मचाई धूम, रावण-जटायु का युद्ध और राम-परशुराम का टकराव देख रोमांचित हुए दर्शक

    Imran Khan को 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने का नोटिस, Gyanesh Kumar के इस्तीफे की मांग वाले प्रदर्शन में शामिल होने पर कार्रवाई

    Imran Khan को 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने का नोटिस, Gyanesh Kumar के इस्तीफे की मांग वाले प्रदर्शन में शामिल होने पर कार्रवाई

    Maharashtra Cyber का यो यो हनी सिंह पर शिकंजा: 16 अक्टूबर को पेश न होने पर जारी हो सकता है ‘लुक-आउट सर्कुलर’

    Maharashtra Cyber का यो यो हनी सिंह पर शिकंजा: 16 अक्टूबर को पेश न होने पर जारी हो सकता है ‘लुक-आउट सर्कुलर’

    Madhuri Dixit से शादी के समय Shah Rukh Khan और Salman Khan को नहीं पहचानते थे डॉ. Shriram Nene, रिसेप्शन का किस्सा चर्चा में

    Madhuri Dixit से शादी के समय Shah Rukh Khan और Salman Khan को नहीं पहचानते थे डॉ. Shriram Nene, रिसेप्शन का किस्सा चर्चा में

  • विचार
    • All
    • कला-साहित्य
    • ज्ञान-विज्ञान
    • पर्यावरण
    • वॉट्स एप्प से
    • सेहत
    रोजाना लहसुन की एक कली खाने से बीपी और कोलेस्ट्रॉल पर क्या असर पड़ता है? जानें सही तरीका

    रोजाना लहसुन की एक कली खाने से बीपी और कोलेस्ट्रॉल पर क्या असर पड़ता है? जानें सही तरीका

    रात में सोते समय हाथ सुन्न होने और झनझनाहट के क्या हैं कारण? जानें गर्दन, डायबिटीज और नसों से जुड़ी समस्याओं के संकेत

    रात में सोते समय हाथ सुन्न होने और झनझनाहट के क्या हैं कारण? जानें गर्दन, डायबिटीज और नसों से जुड़ी समस्याओं के संकेत

    विटामिन सी की कमी दूर करने के लिए नींबू ही नहीं, आंवला और सी बकथॉर्न भी हैं बेहतरीन विकल्प, जानें कितनी मात्रा में खाएं संतरा

    विटामिन सी की कमी दूर करने के लिए नींबू ही नहीं, आंवला और सी बकथॉर्न भी हैं बेहतरीन विकल्प, जानें कितनी मात्रा में खाएं संतरा

    पेशाब में झाग, रंग में बदलाव और जलन को न करें नजरअंदाज, किडनी की बीमारी के हो सकते हैं संकेत

    पेशाब में झाग, रंग में बदलाव और जलन को न करें नजरअंदाज, किडनी की बीमारी के हो सकते हैं संकेत

    डेंगू में प्लेटलेट्स गिरने पर क्या खाएं? कीवी, अनार और नारियल पानी सहित इन चीजों पर दें ध्यान

    डेंगू में प्लेटलेट्स गिरने पर क्या खाएं? कीवी, अनार और नारियल पानी सहित इन चीजों पर दें ध्यान

    सामान्य सिरदर्द और माइग्रेन में क्या है अंतर, इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज; जानें कब डॉक्टर को दिखाना जरूरी

    सामान्य सिरदर्द और माइग्रेन में क्या है अंतर, इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज; जानें कब डॉक्टर को दिखाना जरूरी

    लगातार पीठ दर्द और जोड़ों की अकड़न को न करें नजरअंदाज, गठिया से बचाव के लिए अपनाएं ये तरीके

    लगातार पीठ दर्द और जोड़ों की अकड़न को न करें नजरअंदाज, गठिया से बचाव के लिए अपनाएं ये तरीके

    दिल को स्वस्थ रखने में मददगार हैं ये 5 फल, Blood Pressure और Cholesterol को नियंत्रित रखने में मिल सकता है फायदा

    दिल को स्वस्थ रखने में मददगार हैं ये 5 फल, Blood Pressure और Cholesterol को नियंत्रित रखने में मिल सकता है फायदा

    सुबह खाली पेट पपीता खाने से पाचन, वजन और त्वचा को मिल सकते हैं ये फायदे, सेवन से पहले जान लें जरूरी सावधानियां

    सुबह खाली पेट पपीता खाने से पाचन, वजन और त्वचा को मिल सकते हैं ये फायदे, सेवन से पहले जान लें जरूरी सावधानियां

    • कला-साहित्य
    • ज्ञान-विज्ञान
    • पर्यावरण
    • वॉट्स एप्प से
    • सेहत
  • धर्म-संसार
    • All
    • अध्यात्म
    • गृह-चाल
    • ग्रंथो-से
    • ज्योतिष
    • तीर्थाटन
    • योग
    • रत्नों की शक्ति
    • वास्तु-शास्त्र
    • शुभ-मुहूर्त
    • हमारे-पर्व
    सपने में माता-पिता की मृत्यु, मछली, मिठाई या मुर्दा देखने का क्या है अर्थ? जानें सभी स्वप्न संकेत

    सपने में माता-पिता की मृत्यु, मछली, मिठाई या मुर्दा देखने का क्या है अर्थ? जानें सभी स्वप्न संकेत

    शारदीय नवरात्रि : 19 अक्टूबर 2026 को महानवमी, जानें व्रत पारण का समय, कलश विसर्जन का मुहूर्त, विधि और मंत्र

    शारदीय नवरात्रि : 19 अक्टूबर 2026 को महानवमी, जानें व्रत पारण का समय, कलश विसर्जन का मुहूर्त, विधि और मंत्र

    19 अक्टूबर 2026 को धृति और सर्वार्थ सिद्धि योग का संयोग, इन राशियों को मिल सकता है लाभ; जानें चंद्र गोचर और राहु-केतु और शनि के उपाय

    19 अक्टूबर 2026 को धृति और सर्वार्थ सिद्धि योग का संयोग, इन राशियों को मिल सकता है लाभ; जानें चंद्र गोचर और राहु-केतु और शनि के उपाय

    आज का राशिफल: 19 अक्टूबर 2026 को इन राशियों को मिलेगा धन लाभ, करियर में तरक्की और रिश्तों में खुशियां

    आज का राशिफल: 19 अक्टूबर 2026 को इन राशियों को मिलेगा धन लाभ, करियर में तरक्की और रिश्तों में खुशियां

    आज का पंचांग: 19 अक्टूबर 2026, अष्टमी के बाद शुरू होगी नवमी तिथि, जानें कन्या पूजन, शुभ मुहूर्त और राज्यवार राहुकाल

    आज का पंचांग: 19 अक्टूबर 2026, अष्टमी के बाद शुरू होगी नवमी तिथि, जानें कन्या पूजन, शुभ मुहूर्त और राज्यवार राहुकाल

    मां कालरात्रि की पूजा में करें इन मंत्रों का जाप, जानें दशहरा 2026 की सही तारीख और रावण दहन का मुहूर्त

    मां कालरात्रि की पूजा में करें इन मंत्रों का जाप, जानें दशहरा 2026 की सही तारीख और रावण दहन का मुहूर्त

  • विविध
    • All
    • अपराध
    • खाना-खजाना
    • फैशन-सौंदर्य
    • भ्रष्टाचार
    • सैर सपाटा

    तेज रफ्तार चार पहिया वाहन ने सीएनजी ऑटो में मारी टक्कर, पांच लोग गंभीर घायल

    घर में अकेली रह रही 70 वर्षीय वृद्धा की संदिग्ध मौत, गहने गायब होने से हत्या की आशंका

    भारत नेपाल सीमावर्ती क्षेत्र रुपईडीहा में नशीली दवाओं की बिक्री चरम पर महिंद्रा एक्सयूवी में ले जा रहा 1279 शीशी कोडीन युक्त नशीली सीरप के साथ युवक गिरफ्तार

    रूपईडीहा में नशे के अवैध कारोबार से अर्जित करीब दो करोड़ की संपत्ति फ्रीज

    लखनऊ के व्यापारी शिवा शर्मा हत्याकांड की संदिग्ध इनामी आरोपी मॉडल श्रद्धा दुबे के नेपाल भागने की आशंका

    संरक्षित गोवंशों के लिए हरे चारे का हो माकूल बन्दोबस्त: जिलाधिकारी

    पुरानी पेंशन बहाली को लेकर अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में दिल्ली में धरना-प्रदर्शन

    विशेष रोजगार सृजन दिवस के अन्तर्गत समस्त ग्राम पंचायतों में श्रमिकों को नियोजित कर उपलब्ध कराया गया रोजगार

    LCWWF का ‘I’M THE BEST – 3 IN 1’ आयोजन बना संगीत, साहित्य और नृत्य का संगम

    • अपराध
    • खाना-खजाना
    • फैशन-सौंदर्य
    • भ्रष्टाचार
    • सैर सपाटा
  • हलचल
    • सियासत
    • चर्चा-में
    • मुद्दा
    • हकीकत
    • बड़ी-बहस
  • Videos
    • खरी कसौटी न्यूज
    • खरी कसौटी फिल्मस्
  • खरी कसौटी ई-पेपर
No Result
View All Result
  • होम
  • समाचार
    • All
    • खेल
    • देश
    • बाजार
    • विदेश
    Bangladesh में पूर्व वायुसेना प्रमुख की संपत्तियों की जांच तेज, पत्नी और बच्चों के नाम पर भी संपत्ति का खुलासा

    Bangladesh में पूर्व वायुसेना प्रमुख की संपत्तियों की जांच तेज, पत्नी और बच्चों के नाम पर भी संपत्ति का खुलासा

    Canada के Alberta में आग की चपेट में आए सैनिक, 4 की मौत; 39 घायलों को चार अस्पतालों में कराया गया भर्ती

    Canada के Alberta में आग की चपेट में आए सैनिक, 4 की मौत; 39 घायलों को चार अस्पतालों में कराया गया भर्ती

    France में प्रदर्शनों ने लिया हिंसक रूप, Limoges के ऐतिहासिक सिटी हॉल में आग; Macron ने दोषियों से भरपाई कराने की बात कही

    France में प्रदर्शनों ने लिया हिंसक रूप, Limoges के ऐतिहासिक सिटी हॉल में आग; Macron ने दोषियों से भरपाई कराने की बात कही

    Shafali Verma ने तोड़ा Smriti Mandhana का रिकॉर्ड, Laura Wolvaardt को पछाड़कर भारत को दिलाई सीरीज में जीत

    Shafali Verma ने तोड़ा Smriti Mandhana का रिकॉर्ड, Laura Wolvaardt को पछाड़कर भारत को दिलाई सीरीज में जीत

    शेयर बाजार में गिरावट, सेंसेक्स 300 अंक टूटा और निफ्टी 23,100 से नीचे; पीएसयू बैंक और फार्मा में तेजी

    शेयर बाजार में गिरावट, सेंसेक्स 300 अंक टूटा और निफ्टी 23,100 से नीचे; पीएसयू बैंक और फार्मा में तेजी

    Iran के खिलाफ Trump की नई रणनीति, परमाणु बम से इनकार लेकिन ‘मदर ऑफ ऑल बॉम्ब्स’ पर विचार

    Iran के खिलाफ Trump की नई रणनीति, परमाणु बम से इनकार लेकिन ‘मदर ऑफ ऑल बॉम्ब्स’ पर विचार

  • प्रादेशिकी
    • All
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • दिल्ली
    • बिहार
    Uttar Pradesh में महिलाओं की कमाई बढ़ाने से लेकर किसान बच्चों की पढ़ाई तक, Yogi सरकार ने बढ़ाए अवसर

    Uttar Pradesh में महिलाओं की कमाई बढ़ाने से लेकर किसान बच्चों की पढ़ाई तक, Yogi सरकार ने बढ़ाए अवसर

    Delhi Police की सतर्कता से 5 राज्यों में टली साइबर ठगी, बुजुर्गों को डराकर करोड़ों रुपये वसूलने की कोशिश

    Delhi Police की सतर्कता से 5 राज्यों में टली साइबर ठगी, बुजुर्गों को डराकर करोड़ों रुपये वसूलने की कोशिश

    Yogi Adityanath का बड़ा फैसला, Uttar Pradesh में Mahanavami पर 19 अक्टूबर को रहेगा अवकाश

    Yogi Adityanath का बड़ा फैसला, Uttar Pradesh में Mahanavami पर 19 अक्टूबर को रहेगा अवकाश

    Odisha में अधिकारी Prasanjit Das के ठिकानों पर छापेमारी, 21.88 लाख रुपये जब्त; रिश्वत के आरोपों की जांच

    Odisha में अधिकारी Prasanjit Das के ठिकानों पर छापेमारी, 21.88 लाख रुपये जब्त; रिश्वत के आरोपों की जांच

    UP में बेटियों को आगे बढ़ाने पर Yogi Adityanath का जोर, खेल विश्वविद्यालय से सरकारी नौकरी तक अवसरों का जिक्र

    UP में बेटियों को आगे बढ़ाने पर Yogi Adityanath का जोर, खेल विश्वविद्यालय से सरकारी नौकरी तक अवसरों का जिक्र

    Varanasi में Bharat Sevashram Sangh के 100 वर्ष पूरे, Yogi Adityanath ने राष्ट्रसेवा और आत्मनिर्भरता पर दिया जोर

    Varanasi में Bharat Sevashram Sangh के 100 वर्ष पूरे, Yogi Adityanath ने राष्ट्रसेवा और आत्मनिर्भरता पर दिया जोर

  • युवा-जगत
    • All
    • कैरियर
    • जॉब
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
    UPSSSC में 1784 पदों पर भर्ती, 10 नवंबर से आवेदन शुरू; PET-2025 पास अभ्यर्थियों को मौका

    UPSSSC में 1784 पदों पर भर्ती, 10 नवंबर से आवेदन शुरू; PET-2025 पास अभ्यर्थियों को मौका

    Haryana में खाद्य सुरक्षा अधिकारी के 45 पदों पर भर्ती, 19 अक्टूबर शाम 5 बजे तक करें आवेदन

    Haryana में खाद्य सुरक्षा अधिकारी के 45 पदों पर भर्ती, 19 अक्टूबर शाम 5 बजे तक करें आवेदन

    आंध्र प्रदेश में शिक्षकों के 2,721 पदों पर भर्ती, जानें आयु सीमा, योग्यता, आवेदन शुल्क और चयन प्रक्रिया

    आंध्र प्रदेश में शिक्षकों के 2,721 पदों पर भर्ती, जानें आयु सीमा, योग्यता, आवेदन शुल्क और चयन प्रक्रिया

    RRB पैरामेडिकल भर्ती 2026: 590 पदों पर आवेदन का मौका, नर्सिंग सुपरिंटेंडेंट के सबसे ज्यादा पद

    RRB पैरामेडिकल भर्ती 2026: 590 पदों पर आवेदन का मौका, नर्सिंग सुपरिंटेंडेंट के सबसे ज्यादा पद

    Indian Army TES-57 भर्ती 2026: 12वीं पास युवाओं को सेना में अफसर बनने का मौका, ₹56,100 स्टाइपेंड और इंजीनियरिंग डिग्री

    Indian Army TES-57 भर्ती 2026: 12वीं पास युवाओं को सेना में अफसर बनने का मौका, ₹56,100 स्टाइपेंड और इंजीनियरिंग डिग्री

    Karnataka में प्रधानाचार्य के 247 पदों पर भर्ती, 1.59 लाख रुपये तक वेतन; जानें कैडर, पात्रता और आवेदन की तारीख

    Karnataka में प्रधानाचार्य के 247 पदों पर भर्ती, 1.59 लाख रुपये तक वेतन; जानें कैडर, पात्रता और आवेदन की तारीख

  • मनोरंजन
    • All
    • ग्लैमरस दुनिया
    • टेलीविजन
    • बॉलीवुड गपसप
    Tiger Shroff की कार पर फायरिंग मामले में जांच तेज, संदिग्धों की तस्वीर आई सामने; Eknath Shinde ने परिवार को दिया भरोसा

    Tiger Shroff की कार पर फायरिंग मामले में जांच तेज, संदिग्धों की तस्वीर आई सामने; Eknath Shinde ने परिवार को दिया भरोसा

    Ajay Devgn के Juhu बंगले पर BMC की कार्रवाई, नोटिस के बाद भी निर्माण जारी रहने पर तोड़े गए कुछ हिस्से

    Ajay Devgn के Juhu बंगले पर BMC की कार्रवाई, नोटिस के बाद भी निर्माण जारी रहने पर तोड़े गए कुछ हिस्से

    रामायण: राइज ऑफ द लीजेंड के ट्रेलर ने मचाई धूम, रावण-जटायु का युद्ध और राम-परशुराम का टकराव देख रोमांचित हुए दर्शक

    रामायण: राइज ऑफ द लीजेंड के ट्रेलर ने मचाई धूम, रावण-जटायु का युद्ध और राम-परशुराम का टकराव देख रोमांचित हुए दर्शक

    Imran Khan को 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने का नोटिस, Gyanesh Kumar के इस्तीफे की मांग वाले प्रदर्शन में शामिल होने पर कार्रवाई

    Imran Khan को 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने का नोटिस, Gyanesh Kumar के इस्तीफे की मांग वाले प्रदर्शन में शामिल होने पर कार्रवाई

    Maharashtra Cyber का यो यो हनी सिंह पर शिकंजा: 16 अक्टूबर को पेश न होने पर जारी हो सकता है ‘लुक-आउट सर्कुलर’

    Maharashtra Cyber का यो यो हनी सिंह पर शिकंजा: 16 अक्टूबर को पेश न होने पर जारी हो सकता है ‘लुक-आउट सर्कुलर’

    Madhuri Dixit से शादी के समय Shah Rukh Khan और Salman Khan को नहीं पहचानते थे डॉ. Shriram Nene, रिसेप्शन का किस्सा चर्चा में

    Madhuri Dixit से शादी के समय Shah Rukh Khan और Salman Khan को नहीं पहचानते थे डॉ. Shriram Nene, रिसेप्शन का किस्सा चर्चा में

  • विचार
    • All
    • कला-साहित्य
    • ज्ञान-विज्ञान
    • पर्यावरण
    • वॉट्स एप्प से
    • सेहत
    रोजाना लहसुन की एक कली खाने से बीपी और कोलेस्ट्रॉल पर क्या असर पड़ता है? जानें सही तरीका

    रोजाना लहसुन की एक कली खाने से बीपी और कोलेस्ट्रॉल पर क्या असर पड़ता है? जानें सही तरीका

    रात में सोते समय हाथ सुन्न होने और झनझनाहट के क्या हैं कारण? जानें गर्दन, डायबिटीज और नसों से जुड़ी समस्याओं के संकेत

    रात में सोते समय हाथ सुन्न होने और झनझनाहट के क्या हैं कारण? जानें गर्दन, डायबिटीज और नसों से जुड़ी समस्याओं के संकेत

    विटामिन सी की कमी दूर करने के लिए नींबू ही नहीं, आंवला और सी बकथॉर्न भी हैं बेहतरीन विकल्प, जानें कितनी मात्रा में खाएं संतरा

    विटामिन सी की कमी दूर करने के लिए नींबू ही नहीं, आंवला और सी बकथॉर्न भी हैं बेहतरीन विकल्प, जानें कितनी मात्रा में खाएं संतरा

    पेशाब में झाग, रंग में बदलाव और जलन को न करें नजरअंदाज, किडनी की बीमारी के हो सकते हैं संकेत

    पेशाब में झाग, रंग में बदलाव और जलन को न करें नजरअंदाज, किडनी की बीमारी के हो सकते हैं संकेत

    डेंगू में प्लेटलेट्स गिरने पर क्या खाएं? कीवी, अनार और नारियल पानी सहित इन चीजों पर दें ध्यान

    डेंगू में प्लेटलेट्स गिरने पर क्या खाएं? कीवी, अनार और नारियल पानी सहित इन चीजों पर दें ध्यान

    सामान्य सिरदर्द और माइग्रेन में क्या है अंतर, इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज; जानें कब डॉक्टर को दिखाना जरूरी

    सामान्य सिरदर्द और माइग्रेन में क्या है अंतर, इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज; जानें कब डॉक्टर को दिखाना जरूरी

    लगातार पीठ दर्द और जोड़ों की अकड़न को न करें नजरअंदाज, गठिया से बचाव के लिए अपनाएं ये तरीके

    लगातार पीठ दर्द और जोड़ों की अकड़न को न करें नजरअंदाज, गठिया से बचाव के लिए अपनाएं ये तरीके

    दिल को स्वस्थ रखने में मददगार हैं ये 5 फल, Blood Pressure और Cholesterol को नियंत्रित रखने में मिल सकता है फायदा

    दिल को स्वस्थ रखने में मददगार हैं ये 5 फल, Blood Pressure और Cholesterol को नियंत्रित रखने में मिल सकता है फायदा

    सुबह खाली पेट पपीता खाने से पाचन, वजन और त्वचा को मिल सकते हैं ये फायदे, सेवन से पहले जान लें जरूरी सावधानियां

    सुबह खाली पेट पपीता खाने से पाचन, वजन और त्वचा को मिल सकते हैं ये फायदे, सेवन से पहले जान लें जरूरी सावधानियां

    • कला-साहित्य
    • ज्ञान-विज्ञान
    • पर्यावरण
    • वॉट्स एप्प से
    • सेहत
  • धर्म-संसार
    • All
    • अध्यात्म
    • गृह-चाल
    • ग्रंथो-से
    • ज्योतिष
    • तीर्थाटन
    • योग
    • रत्नों की शक्ति
    • वास्तु-शास्त्र
    • शुभ-मुहूर्त
    • हमारे-पर्व
    सपने में माता-पिता की मृत्यु, मछली, मिठाई या मुर्दा देखने का क्या है अर्थ? जानें सभी स्वप्न संकेत

    सपने में माता-पिता की मृत्यु, मछली, मिठाई या मुर्दा देखने का क्या है अर्थ? जानें सभी स्वप्न संकेत

    शारदीय नवरात्रि : 19 अक्टूबर 2026 को महानवमी, जानें व्रत पारण का समय, कलश विसर्जन का मुहूर्त, विधि और मंत्र

    शारदीय नवरात्रि : 19 अक्टूबर 2026 को महानवमी, जानें व्रत पारण का समय, कलश विसर्जन का मुहूर्त, विधि और मंत्र

    19 अक्टूबर 2026 को धृति और सर्वार्थ सिद्धि योग का संयोग, इन राशियों को मिल सकता है लाभ; जानें चंद्र गोचर और राहु-केतु और शनि के उपाय

    19 अक्टूबर 2026 को धृति और सर्वार्थ सिद्धि योग का संयोग, इन राशियों को मिल सकता है लाभ; जानें चंद्र गोचर और राहु-केतु और शनि के उपाय

    आज का राशिफल: 19 अक्टूबर 2026 को इन राशियों को मिलेगा धन लाभ, करियर में तरक्की और रिश्तों में खुशियां

    आज का राशिफल: 19 अक्टूबर 2026 को इन राशियों को मिलेगा धन लाभ, करियर में तरक्की और रिश्तों में खुशियां

    आज का पंचांग: 19 अक्टूबर 2026, अष्टमी के बाद शुरू होगी नवमी तिथि, जानें कन्या पूजन, शुभ मुहूर्त और राज्यवार राहुकाल

    आज का पंचांग: 19 अक्टूबर 2026, अष्टमी के बाद शुरू होगी नवमी तिथि, जानें कन्या पूजन, शुभ मुहूर्त और राज्यवार राहुकाल

    मां कालरात्रि की पूजा में करें इन मंत्रों का जाप, जानें दशहरा 2026 की सही तारीख और रावण दहन का मुहूर्त

    मां कालरात्रि की पूजा में करें इन मंत्रों का जाप, जानें दशहरा 2026 की सही तारीख और रावण दहन का मुहूर्त

  • विविध
    • All
    • अपराध
    • खाना-खजाना
    • फैशन-सौंदर्य
    • भ्रष्टाचार
    • सैर सपाटा

    तेज रफ्तार चार पहिया वाहन ने सीएनजी ऑटो में मारी टक्कर, पांच लोग गंभीर घायल

    घर में अकेली रह रही 70 वर्षीय वृद्धा की संदिग्ध मौत, गहने गायब होने से हत्या की आशंका

    भारत नेपाल सीमावर्ती क्षेत्र रुपईडीहा में नशीली दवाओं की बिक्री चरम पर महिंद्रा एक्सयूवी में ले जा रहा 1279 शीशी कोडीन युक्त नशीली सीरप के साथ युवक गिरफ्तार

    रूपईडीहा में नशे के अवैध कारोबार से अर्जित करीब दो करोड़ की संपत्ति फ्रीज

    लखनऊ के व्यापारी शिवा शर्मा हत्याकांड की संदिग्ध इनामी आरोपी मॉडल श्रद्धा दुबे के नेपाल भागने की आशंका

    संरक्षित गोवंशों के लिए हरे चारे का हो माकूल बन्दोबस्त: जिलाधिकारी

    पुरानी पेंशन बहाली को लेकर अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में दिल्ली में धरना-प्रदर्शन

    विशेष रोजगार सृजन दिवस के अन्तर्गत समस्त ग्राम पंचायतों में श्रमिकों को नियोजित कर उपलब्ध कराया गया रोजगार

    LCWWF का ‘I’M THE BEST – 3 IN 1’ आयोजन बना संगीत, साहित्य और नृत्य का संगम

    • अपराध
    • खाना-खजाना
    • फैशन-सौंदर्य
    • भ्रष्टाचार
    • सैर सपाटा
  • हलचल
    • सियासत
    • चर्चा-में
    • मुद्दा
    • हकीकत
    • बड़ी-बहस
  • Videos
    • खरी कसौटी न्यूज
    • खरी कसौटी फिल्मस्
  • खरी कसौटी ई-पेपर
No Result
View All Result
Khari Kasauti
No Result
View All Result
Home धर्म-संसार ग्रंथो-से

सामवेद: संगीत, मंत्र और दार्शनिक चेतना का महासागर

Khari Kasauti Digital Team by Khari Kasauti Digital Team
May 25, 2026
in ग्रंथो-से
0
सामवेद: संगीत, मंत्र और दार्शनिक चेतना का महासागर
0
SHARES
34
VIEWS
Share on Facebook

प्रस्तावना और शाब्दिक विन्यास

भारतीय वास्तमय और सनातन धर्म के मूल आधार स्तंभों में चार वेदों का स्थान सर्वोपरि है। इन चार वेदों में ‘सामवेद’ को भारतीय संगीत, सुर, लय और दिव्य मंत्रों का उद्गम स्थल माना जाता है। भाषाई और दार्शनिक दृष्टि से यदि विचार किया जाए, तो ‘सामवेद’ शब्द दो अत्यंत महत्वपूर्ण शब्दों के संयोजन से निर्मित हुआ है – ‘सामन्’ और ‘वेद’। संस्कृत व्याकरण के अनुसार ‘सामन्’ का मूल अर्थ ‘गीत’, ‘मधुर ध्वनि’ अथवा ‘मंत्रों का संगीतमय गायन’ होता है, जबकि ‘वेद’ का अर्थ ‘ज्ञान’ या ‘परम सत्य का भंडार’ है। अतः लौकिक और पारलौकिक संदर्भों में सामवेद का सीधा अर्थ है— “गीतों और भजनों के माध्यम से प्रकट होने वाला ज्ञान।”

ADVERTISEMENT

यह पावन ग्रंथ केवल एक धार्मिक संहिता मात्र नहीं है, बल्कि यह हिंदू धर्म के सबसे प्राचीन और पवित्रतम ग्रंथों (श्रुति परंपरा) का एक जीवंत अंग है। संपूर्ण वैदिक वास्तमय में सामवेद को एक विशिष्ट धार्मिक और अनुष्ठानिक ग्रंथ के रूप में प्रतिष्ठा प्राप्त है। सांख्यिकी दृष्टि से इस ग्रंथ में कुल 1,875 श्लोक (ऋचाएं) संकलित हैं। ज्ञान की निरंतरता और अंतर्संबंध का यह एक अनूठा उदाहरण है कि इन 1,875 श्लोकों में से मात्र 75 श्लोकों को छोड़कर शेष सभी ऋचाएं पूरी तरह से ‘ऋग्वेद’ से ली गई हैं। इस प्रकार, सामवेद को ऋग्वेद का ही एक काव्यात्मक और संगीतमय रूपांतरण कहा जा सकता है, जिसे विशेष रूप से यज्ञों और अनुष्ठानों के समय सस्वर गाने के लिए तैयार किया गया था। सदियों की यात्रा के बाद वर्तमान में सामवेद के मुख्य रूप से तीन संस्करण (शाखाएं) ही जीवित और सुरक्षित बचे हैं, जिनकी विभिन्न हस्तलिखित पांडुलिपियां भारत के सुदूर भौगोलिक क्षेत्रों में बिखरी हुई पाई गई हैं, जो इसकी राष्ट्रव्यापी स्वीकार्यता को दर्शाती हैं।

तिथि निर्धारण, कालखंड और ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य

सामवेद की रचना और उसके कालखंड का निर्धारण वैश्विक और भारतीय इतिहासकारों के लिए हमेशा से एक गहन विमर्श का विषय रहा है। विख्यात भाषाविद और वैदिक विद्वान माइकल विट्ज़ेल के अनुसार, संपूर्ण वैदिक साहित्य की भांति सामवेद के लिए भी कोई एक निश्चित या पूर्णतः अचूक तिथि निर्धारित करना अत्यंत जटिल कार्य है। इसके बावजूद, आंतरिक भाषाई साक्ष्यों, भौगोलिक संदर्भों और अन्य समकालीन साहित्यों के तुलनात्मक अध्ययन के आधार पर यह माना जाता है कि ऋग्वेद के निर्माण के बाद ही इसकी रचना संभव हो सकी।

ऐतिहासिक कालक्रम के अनुसार, सामवेद की मूल ‘संहिता’ परत की रचना का अनुमान लगभग 1200 ईसा पूर्व से 1000 ईसा पूर्व के कालखंड में लगाया जाता है। यह वह समय था जब भारतीय उपमहाद्वीप में वैदिक संस्कृति का विस्तार हो रहा था। यह कालक्रम सामवेद को ‘अथर्ववेद’ और ‘यजुर्वेद’ के समकालीन स्थापित करता है। हालाँकि, इस ग्रंथ का इतिहास केवल इस कालखंड तक ही सीमित नहीं है। सामवेद का स्वरूप क्रमिक रूप से विकसित हुआ है। इसमें केवल मूल मंत्र (संहिता) ही शामिल नहीं हैं, बल्कि समय के साथ इसमें आध्यात्मिक व्याख्याओं वाले ‘ब्राह्मण ग्रंथ’ और ब्रह्मांडीय रहस्यों को उद्घाटित करने वाले दार्शनिक चिंतन के अंतिम भाग यानी ‘उपनिषद’ भी जुड़ते गए। संकलन के ये बाद वाले दार्शनिक हिस्से ऋग्वैदिक मंत्र काल के काफी बाद के माने जाते हैं, जिनका विकास संभवतः छठी शताब्दी ईसा पूर्व के आसपास हुआ, जब भारत में उपनिषदिक क्रांतियों का दौर चल रहा था।

ऐतिहासिक रूप से, प्राचीन काल में सामवेदिक मंत्रोच्चारण और गायन की लगभग एक दर्जन (12) से अधिक विभिन्न शैलियां या शाखाएं प्रचलित थीं, जो अलग-अलग गुरु-शिष्य परंपराओं के माध्यम से आगे बढ़ीं। समय चक्र के थपेड़ों को सहते हुए आज जो तीन जीवित संस्करण हमारे पास उपलब्ध हैं, उनमें ‘जैमिनीया’ शाखा को सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। यह शाखा सामवेदिक मंत्रोच्चारण की प्राचीनतम और सबसे शुद्ध जीवित गायन परंपरा को आज भी अपने भीतर सुरक्षित रखे हुए है।

मूलपाठ, संरचना और संगीतमय संकेतन

सामवेद को अनौपचारिक और दार्शनिक रूप से “भजनों का वेद” अथवा “गानों के ज्ञान का अनमोल भंडार” कहा जाता है। प्रसिद्ध डच विद्वान और भारतविद् फ्रिट्स स्टाल के शब्दों में कहें तो, “सामवेद वास्तव में ऋग्वेद का ही एक उत्कृष्ट और परिष्कृत संगीतबद्ध रूप है।” यह प्राचीन काल की सुस्थापित धुनों (सामन) और ऋग्वेद के छंदों का एक अत्यंत कलात्मक और वैज्ञानिक मिश्रण है। यद्यपि ऋग्वेद की तुलना में इसमें स्वतंत्र या अनूठे श्लोक बहुत कम हैं, फिर भी पाठ्य और व्यावहारिक रूप से सामवेद का आकार काफी बड़ा और विस्तृत हो जाता है। इसका मुख्य कारण यह है कि इस ग्रंथ में श्लोकों के केवल शाब्दिक अर्थ ही नहीं दिए गए हैं, बल्कि उन श्लोकों को विभिन्न अनुष्ठानों और यज्ञों के समय किस प्रकार संशोधित करके, सुरों को खींचकर या धीमा करके गाया जाएगा—उन सभी भजन-संबंधी व्यावहारिक निर्देशों की पूरी सूची दी गई है।

सामवेद की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसके ग्रंथों में बाकायदा धुनों (Melodies) को इंगित किया गया है। संगीत के इतिहासकारों के अनुसार, ये धुनें मानव इतिहास की सबसे पुरानी जीवित धुनें और संगीत स्कोर हैं। सामवेद में संगीत को लिखित रूप देने के लिए एक विशेष संकेतन पद्धति (Musical Notation) का उपयोग किया गया है। यह संगीत संकेतन आमतौर पर सामवेद पाठ की पंक्तियों के ठीक ऊपर, या कभी-कभी अक्षरों के बीच में ही लिखा जाता था। विभिन्न शाखाओं (वेदांत विद्यालयों) के अनुसार यह संकेतन या तो विशिष्ट शब्दांशों के रूप में होता था या फिर संख्याओं (1, 2, 3 आदि) के रूप में, जो सुर के उतार-चढ़ाव और उदात्त, अनुदात्त तथा स्वरित की स्थिति को दर्शाते थे।

शाखाएं और क्षेत्रीय प्रसार

आर.टी.एच. ग्रिफ़िथ सहित कई पाश्चात्य और भारतीय समीक्षकों के अनुसार, सामवेद संहिता के पाठ मुख्य रूप से तीन प्रामाणिक संस्करणों (समीक्षाओं) में विभाजित होकर भारत के अलग-अलग क्षेत्रों में फले-फूले:

  • कौथुमा संस्करण: यह संस्करण मुख्य रूप से भारत के उत्तरी और पूर्वी भागों जैसे गुजरात, उत्तर प्रदेश, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और बिहार के दरभंगा क्षेत्र में सदियों से अत्यंत लोकप्रिय और प्रचलित रहा है।
  • राणायनीय संस्करण: इस शाखा का प्रसार मुख्य रूप से मध्य और पश्चिमी भारत के हिस्सों जैसे महाराष्ट्र, कर्नाटक, गोकर्ण, आंध्र प्रदेश और ओडिशा के कुछ विशिष्ट क्षेत्रों में देखा जाता है।
  • जैमिनीय संस्करण: यह अत्यंत प्राचीन और दुर्लभ शाखा मुख्य रूप से दक्षिण भारत के राज्यों—कर्नाटक, तमिलनाडु और केरल के पारंपरिक ब्राह्मण परिवारों में जीवित रही।

संगठनात्मक ढांचा और दार्शनिक विकास

सामवेद का आंतरिक सांगठनिक ढांचा अत्यंत वैज्ञानिक और व्यवस्थित है। इस पूरे ग्रंथ को मुख्य रूप से दो बड़े भागों में विभाजित किया गया है। इसके प्रथम भाग में चार ‘गीत संग्रह’ (गान) शामिल हैं और द्वितीय भाग में तीन ‘श्लोक संग्रह’ (अर्चिका) दिए गए हैं। इस व्यवस्था की सुगठित कला यह है कि गीत संग्रह की एक विशिष्ट धुन, अर्चिका संग्रह के एक विशेष श्लोक के साथ पूरी तरह मेल खाती है।

इस संरचना को और अधिक गहराई से समझने के लिए इसे निम्नलिखित उप-भागों में देखा जा सकता है:

                  [सामवेद संहिता]
                         |
        +----------------+----------------+
        |                                 |
 [अर्चिका भाग (श्लोक)]              [गान भाग (धुने)]
        |                                 |
 +------+------+                   +------+------+
 |             |                   |             |
पूर्वर्चिका   उत्तरर्चिका             ग्रामगेय       आरण्यगेय
(585 श्लोक)  (अनुष्ठानिक क्रम)       (सार्वजनिक)     (वन/एकांत)

इस सांगठनिक ढांचे के व्यावहारिक नियम अत्यंत कड़े थे। उदाहरण के लिए, पूर्वर्चिका संग्रह के श्लोकों को किस प्रकार ग्रामगेय-गान की धुनों पर बैठाया जाएगा और सुरों को आपस में कैसे जोड़ा जाएगा, इसके विस्तृत नियम ‘पुष्पसूत्र’ जैसे सहायक संस्कृत ग्रंथों में प्रतिपादित किए गए हैं।

ऋग्वेद के समान ही, सामवेद के प्रारंभिक सूक्त भी मुख्य रूप से भौतिक और आध्यात्मिक ऊर्जा के प्रतीक देवताओं—अग्नि और इंद्र की स्तुति से प्रारंभ होते हैं। परंतु जैसे-जैसे पाठक ग्रंथ में आगे बढ़ता है, इसकी विषयवस्तु स्थूल कर्मकांडों से ऊपर उठकर अमूर्त चिंतन, आत्म-बोध और गहन दर्शन की ओर मुड़ जाती है। इसके छंदों की लंबाई और व्यवस्था भी इसी ढलते हुए आध्यात्मिक क्रम में बदलती है। सामवेद का मुख्य व्यावहारिक उद्देश्य यज्ञीय अनुष्ठान था, और यह विशेष रूप से ‘उद्गात्र’ या ‘उद्गाता’ कहलाने वाले पुरोहितों का संग्रह था, जिनका कार्य यज्ञ वेदी पर बैठकर देवताओं के आह्वान के लिए मधुर स्वर में साम-गायन करना होता था।

अन्य वेदों की तरह सामवेद भी कई वैचारिक और पाठ्य परतों से निर्मित है, जिसमें ‘संहिता’ सबसे प्राचीन आधारशिला है और ‘उपनिषद’ इसकी सबसे परिपक्व एवं नई परत हैं। इस व्यवस्था को हम इस तालिका के माध्यम से स्पष्ट रूप से समझ सकते हैं:

वैदिक विद्यालय / शाखासंबद्ध ब्राह्मण ग्रंथमुख्य उपनिषदसंबद्ध श्रौत सूत्र
कौथुमा-राणायनियापंचविंश ब्राह्मणछान्दोग्य उपनिषदलत्ययान, द्रह्यायन
जैमिनीया (तलवकार)जैमिनीया ब्राह्मणकेना उपनिषद, जैमिनीय उपनिषदजैमिनीया श्रौतसूत्र

सांख्यिकीय विश्लेषण और आंतरिक सामंजस्य

यदि सामवेद का गणितीय या सांख्यिकीय विश्लेषण (Analytics) किया जाए, तो इसमें कुल 1,549 अनूठे (Unique) श्लोक हैं। जैसा कि पूर्व में उल्लेख किया गया है, इन 1,549 श्लोकों में से केवल 75 श्लोक ही ऐसे हैं जो ऋग्वेद में नहीं मिलते, बाकी सब ऋग्वेद के ही हैं। ऋग्वेद के नौवें खंड (सोम मंडल) और आठवें खंड से सबसे अधिक श्लोक सामवेद के लिए चुने गए हैं। गायन की आवश्यकता और सुरों की मांग के अनुसार ऋग्वेद के कुछ श्लोकों को सामवेद में एक से अधिक बार दोहराया गया है। इन आवृत्तियों और पुनरावृत्तियों को मिलाकर, जब हम राल्फ ग्रिफ़िथ द्वारा अनुवादित सामवेद के पूर्ण संस्करण को देखते हैं, तो कुल श्लोकों की संख्या 1,875 तक पहुंच जाती है।

सामवेद संहिता के बारे में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इसे एक सामान्य गद्य या साधारण कविता की पुस्तक की तरह केवल आंखों से पढ़ा नहीं जाना चाहिए। यह वास्तव में एक “म्यूजिक स्कोर शीट” (संगीत की स्वरलिपि) की तरह है, जिसका वास्तविक आनंद और प्रभाव इसे सुनने और सस्वर जपने में ही निहित है।

विद्वान फ्रिट्स स्टाल का एक अत्यंत क्रांतिकारी विचार है कि प्राचीन भारत में संभवतः शब्दों या छंदों के निर्माण से पहले ही कुछ प्राकृतिक और आध्यात्मिक धुनें (Melodies) अस्तित्व में आ चुकी थीं। बाद में, ऋग्वेद के छंदों के शब्दों को उन पहले से मौजूद संगीतमय धुनों के ढांचे में ढाला गया। यही कारण है कि कुछ शुरुआती शब्द तो धुन के साथ बहुत सहजता से बहते हैं, जबकि कुछ स्थानों पर बाद के शब्द धुन के साथ पूरी तरह तालमेल नहीं बिठा पाते। इस संगीतमय तालमेल को और अधिक सुरीला तथा निर्बाध बनाने के लिए प्राचीन ऋषियों ने पाठ में ‘स्तोभ’ नामक रचनात्मक संरचनाओं का आविष्कार किया। ‘स्तोभ’ वे अतिरिक्त अक्षर या शब्दांश (जैसे- ओ, हा, हू, आई आदि) होते हैं, जिनका अपना कोई सीधा शाब्दिक अर्थ नहीं होता, परंतु वे शब्दों को संगीतमय रूप से सुशोभित करने, मोड़ने या सुर को लंबा खींचने के लिए जोड़े जाते हैं। यह कुछ वैसा ही है जैसे आधुनिक संगीत में ‘लला-ला’ या निरर्थक ध्वनियों का उपयोग सुर बिठाने के लिए किया जाता है। इस प्रकार, सामवेद ध्वनि, अर्थ, रचनात्मकता और आध्यात्मिकता का एक अनूठा संश्लेषण है।

इस परिवर्तन को हम सामवेद के इस प्रसिद्ध अंश और उदाहरण से समझ सकते हैं, जहाँ ऋग्वेद के एक मंत्र को सामवेदिक संगीतमय मंत्र में बदला गया है:

मूल ऋग्वैदिक छंद (ऋग्वेद 6.16.10):

अग्नि आ याहि वितये

(अर्थ: हे अग्नि, हमारे यज्ञ/दावत में पधारो।)

सामवेदिक रूपांतरण (जैमिनीय पांडुलिपि के अनुसार स्तोभ सहित):

ओ ग्ना आई / आ या हि वा आई / ता या आई ता या आई /

यह उदाहरण स्पष्ट करता है कि कैसे एक सीधे-सादे वाक्य को सुर और ताल देने के लिए अक्षरों को तोड़कर और अतिरिक्त ध्वनियां जोड़कर एक दिव्य आदिम गीत में बदल दिया गया। भारत के प्राचीन इतिहास में गौतम ऋषि के वंशजों द्वारा बनाए गए ‘पार्का’ जैसी अनेक धुनें इस बात का प्रमाण हैं कि एक ही मूल मंत्र (योनिमंत्र) पर सैकड़ों प्रकार की धुनें बनाई जा सकती थीं। इस पावन ग्रंथ में संगीत के आदि वाद्ययंत्र ‘वीणा’ का भी स्पष्ट उल्लेख मिलता है, जो इसकी सांगीतिक प्रामाणिकता को सिद्ध करता है।

सामवेदिक उपनिषद: दर्शन के परम शिखर

सामवेद केवल संगीत तक सीमित नहीं है, बल्कि हिंदू दर्शन के दो सबसे महत्वपूर्ण और आधारभूत उपनिषद इसी वेद की ज्ञान-शाखा से उत्पन्न हुए हैं – छान्दोग्य उपनिषद और केना उपनिषद। ये दोनों उपनिषद अपनी अद्भुत काव्यात्मक, लयबद्ध संरचना और अगाध दार्शनिक गहराई के लिए जाने जाते हैं।

छान्दोग्य उपनिषद

सामवेद की कौथुम शाखा के तांड्य संप्रदाय से जुड़ा ‘छान्दोग्य उपनिषद’ भारत के सबसे प्राचीन और विशाल उपनिषदों में से एक है। बृहदारण्यक की तरह यह भी कई प्राचीन ज्ञान-खंडों का एक व्यवस्थित संकलन है, जिसे विद्वानों द्वारा ईसा पूर्व 8वीं से 6वीं शताब्दी के बीच का माना गया है। इस उपनिषद ने हिंदू धर्म के ‘वेदांत दर्शन’ की नींव रखने में सबसे ऐतिहासिक भूमिका निभाई है।

इसकी महत्ता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अद्वैत वेदांत के प्रणेता आदि शंकराचार्य ने अपने ‘ब्रह्मसूत्र भाष्य’ में किसी भी अन्य ग्रंथ की तुलना में सबसे अधिक—यानी कुल 810 बार—छान्दोग्य उपनिषद के श्लोकों को प्रमाण के रूप में उद्धृत किया है। इसके प्रथम खंड में ब्रह्मांड की उत्पत्ति और ॐ (उद्गीत) के रहस्य पर गहन चर्चा है:

जिज्ञासा: इस संपूर्ण चराचर संसार की उत्पत्ति का मूल स्रोत क्या है?

ऋषि का उत्तर: “अंतरिक्ष (आकाश) ही वह परम तत्व है। निश्चय ही, इस संसार की समस्त वस्तुएं और जीव आकाश से ही उत्पन्न होते हैं और अंततः उसी में विलीन हो जाते हैं। क्योंकि अंतरिक्ष ही इन सबमें सबसे बड़ा है और वही अंतिम लक्ष्य है। यही परम उत्कृष्ट ‘उद्गीत’ (ॐ) है, जो अनंत है।” — छान्दोग्य उपनिषद 1.9.1-1.9.2

आगे चलकर इसी ‘अंतरिक्ष’ शब्द को वेदांत दर्शन में ‘ब्रह्म’ (परम चेतना या सृजनात्मक सिद्धांत) के रूप में परिभाषित किया गया। इसी उपनिषद में जीवन के नैतिक कर्तव्यों और ‘धर्म की तीन शाखाओं’ का अद्भुत वर्णन मिलता है, जो मानव जीवन को अमरत्व की ओर ले जाती हैं:

  • प्रथम शाखा: यज्ञ (निःस्वार्थ कर्म), स्वाध्याय (आत्म-अध्ययन या स्वयं को जानना) और दान (दूसरों की सहायता)।
  • द्वितीय शाखा: तपस (कठिन साधना, आत्म-नियंत्रण और ध्यान)।
  • तृतीय शाखा: ब्रह्मचर्य (गुरु के सानिध्य में रहकर पवित्रता के साथ ज्ञान प्राप्त करना)।

ग्रंथ घोषणा करता है कि ये तीनों शाखाएं व्यक्ति को पुण्य लोकों तक ले जाती हैं, परंतु जो ‘ब्रह्मसंस्था’ है—यानी जो पूरी तरह से उस परम सत्य ब्रह्म में लीन और स्थिर हो चुका है—वही वास्तव में अमरत्व (मोक्ष) को प्राप्त करता है।

केना उपनिषद

सामवेद की तलवकार शाखा से उद्भूत ‘केना उपनिषद’ आकार में अत्यंत संक्षिप्त है, परंतु आध्यात्मिक गंभीरता में यह असीम है। इसके चौथे अध्याय में मानव मन की गहरी मनोवैज्ञानिक और आध्यात्मिक परतों को खोलते हुए कहा गया है कि संसार के सभी प्राणियों के भीतर छिपी हुई आत्म-जागरूकता और आध्यात्मिक ज्ञान की तड़प वास्तव में उस ‘ब्रह्म’ की ही आंतरिक पुकार है। उपनिषद इस परम आनंद को ‘तद्वनम’ (ईश्वरीय सुख या परमानंद) का नाम देता है। अपने अंतिम उपदेशों में केना उपनिषद स्पष्ट करता है कि बिना नैतिक आचरण और शुद्ध जीवन के आत्मज्ञान असंभव है:

“तपस्या (तपस), आत्म-संयम (दमः) और श्रेष्ठ कर्म (काम) — ये ही उस परम ज्ञान के सुदृढ़ आधार हैं। संपूर्ण वेद और उसके अंग इसी सत्य की रक्षा के लिए बने हैं, और ‘सत्य’ ही इसका मुख्य केंद्रबिंदु (हृदय) है।” — केना उपनिषद 4.8

पांडुलिपियां, आधुनिक अनुवाद और वैश्विक विमर्श

सामवेद का इतिहास जितना समृद्ध है, उसकी पांडुलिपियों का संरक्षण उतना ही चुनौतीपूर्ण रहा है। कौथुमा संस्करण के अधिकांश हिस्से (जैसे संहिता, ब्राह्मण और श्रौतसूत्र) प्रसिद्ध विद्वान बी.आर. शर्मा और अन्य शोधकर्ताओं के प्रयासों से आधुनिक समय में प्रकाशित और संरक्षित किए जा चुके हैं। परंतु, जैमिनीय परंपरा के कई मूल्यवान हिस्से और उसकी गुप्त गीत-पुस्तकें (गान ग्रंथ) आज भी अप्रकाशित या लुप्तप्राय अवस्था में हैं। डब्ल्यू. कैलेंड द्वारा इसके कुछ हिस्सों और रघु वीर एवं लोकेश चंद्र द्वारा इसके ब्राह्मण ग्रंथों का संपादन किया गया है, जो शोधकर्ताओं के लिए एक महान धरोहर है।

वैश्विक स्तर पर सामवेद को समझने के लिए कई महत्वपूर्ण अनुवाद हुए हैं:

  • 1848: थियोडोर बेनफे ने इसका प्रथम जर्मन अनुवाद प्रकाशित किया।
  • 1873: सत्यव्रत समाश्रमी ने संस्कृत का एक प्रामाणिक संपादित संस्करण सामने लाया।
  • 1875: फिलिप फोर्टुनाटोव द्वारा एक रूसी अनुवाद प्रस्तुत किया गया।
  • 1893: राल्फ ग्रिफ़िथ ने इसका प्रसिद्ध अंग्रेजी काव्यानुवाद किया।
  • आधुनिक काल: हाल के वर्षों में मृदुल कीर्ति द्वारा इसका अत्यंत सरल और सुबोध “सामवेद का हिंदी पाठ्यानुवाद” भी प्रकाशित हुआ है।

एक ऐतिहासिक तथ्य यह भी है कि पश्चिमी और आधुनिक विद्वानों द्वारा सामवेद को ऋग्वेद की तुलना में थोड़ा कम स्वतंत्र ध्यान मिला। इसका मुख्य कारण यह था कि साहित्यिक और दार्शनिक दृष्टि से इसके अधिकांश श्लोक ऋग्वेद से ही प्रेरित थे, जिसके कारण कई विद्वानों का मानना था कि ऋग्वेद का गहन अध्ययन ही सामवेद के वैचारिक सार को समझने के लिए पर्याप्त है। परंतु, संगीतशास्त्र के दृष्टिकोण से सामवेद की महत्ता अद्वितीय है।

सांस्कृतिक, सांगीतिक और ऐतिहासिक प्रभाव

सामवेद का भारतीय संस्कृति, कला और विशेष रूप से भारतीय शास्त्रीय संगीत (Hindustani and Carnatic Music) पर जो प्रभाव है, वह अमिट है। प्रसिद्ध संगीतशास्त्री गाय बेक के अनुसार, भारत के शास्त्रीय संगीत, शास्त्रीय नृत्य, रागों की अवधारणा, और यहाँ तक कि उपनिषदों तथा तंत्र-आगमों के ध्वनि-विज्ञान का मूल आधार सामवेद के संगीतमय आयामों में ही निहित है।

सामवेद केवल कंठ संगीत (गायन) तक ही सीमित नहीं था, बल्कि इसमें विभिन्न प्रकार के तंतु और सुषिर वाद्यों का भी विस्तृत विवरण मिलता है। वाद्यों को बजाने के वैज्ञानिक नियम, स्वरों के उतार-चढ़ाव और संगीत के सूक्ष्म सिद्धांतों को ‘गंधर्ववेद’ नामक एक पृथक ग्रंथ में संकलित किया गया है, जिसे सामवेद का ही ‘उपवेद’ माना जाता है। सामवेद की मंत्र संरचना ने ही आगे चलकर भारतीय संगीत के सात स्वरों— सा, रे, गा, मा, पा, धा, नि —के विकास के लिए मार्ग प्रशस्त किया।

चाहे उत्तर भारत की हिंदुस्तानी संगीत पद्धति हो या दक्षिण भारत की कर्नाटक संगीत परंपरा, संपूर्ण भारतीय उपमहाद्वीप की सांगीतिक आत्मा अपनी उत्पत्ति के लिए सामवेद के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करती है। यही कारण है कि स्वयं भगवान कृष्ण ने श्रीमद्भगवद्गीता के दसवें अध्याय के 22वें श्लोक में अपनी दिव्य विभूतियों का वर्णन करते हुए अत्यंत गर्व से घोषणा की है:

“वेदानां सामवेदोऽस्मि”

अर्थात: “हे अर्जुन! समस्त वेदों में, मैं स्वयं सामवेद हूँ।”

कृष्ण का यह कथन सामवेद को केवल एक ग्रंथ के रूप में नहीं, बल्कि चेतना, नाद-ब्रह्म और कला के परम पावन प्रतीक के रूप में स्थापित कर देता है। संक्षेप में, सामवेद भारतीय वास्तमय का वह स्वर्णिम अध्याय है जहाँ सुर और सत्य, संगीत और मोक्ष, तथा ध्वनि और दर्शन एक होकर परमात्मा की आराधना करते हैं।

Tags: breaking news •Breaking news daily •Breaking news daily update •breaking news update •current news daily •daily news •Daily News update •hindi news •hindi news daily •hindi news live •independence day celebration •Latest breaking news •latest news •live breaking news update •news •news Breaking •news current update •today news •
Previous Post

‘राजा हिंदुस्तानी’ के नन्हे ‘रजनीकांत’ से बॉलीवुड के मंझे हुए कलाकार तक का सफर: अभिनेता कुणाल खेमू के 43वें जन्मदिन के अवसर पर उनके फिल्मी करियर, चाइल्ड आर्टिस्ट से लीड हीरो बनने के संघर्ष और पटौदी खानदान के साथ उनके विशेष संबंधों का एक विस्तृत विवरण

Next Post

CONGO, UGANDA और SOUTH SUDAN से आने वाले यात्रियों के लिए भारत में विशेष निर्देश

Khari Kasauti Digital Team

Khari Kasauti Digital Team

खरी कसौटी लखनऊ, कानपुर, दिल्ली एवं देहरादून से प्रकाशित हिंदी दैनिक समाचार-पत्र है।

Next Post
CONGO, UGANDA और SOUTH SUDAN से आने वाले यात्रियों के लिए भारत में विशेष निर्देश

CONGO, UGANDA और SOUTH SUDAN से आने वाले यात्रियों के लिए भारत में विशेष निर्देश

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

ADVERTISEMENT
  • Trending
  • Comments
  • Latest

लखनऊ के व्यापारी शिवा शर्मा हत्याकांड की संदिग्ध इनामी आरोपी मॉडल श्रद्धा दुबे के नेपाल भागने की आशंका

October 14, 2026

रूपईडीहा में नशे के अवैध कारोबार से अर्जित करीब दो करोड़ की संपत्ति फ्रीज

October 14, 2026

घर में अकेली रह रही 70 वर्षीय वृद्धा की संदिग्ध मौत, गहने गायब होने से हत्या की आशंका

October 16, 2026

तेज रफ्तार चार पहिया वाहन ने सीएनजी ऑटो में मारी टक्कर, पांच लोग गंभीर घायल

October 16, 2026
Uttar Pradesh में महिलाओं की कमाई बढ़ाने से लेकर किसान बच्चों की पढ़ाई तक, Yogi सरकार ने बढ़ाए अवसर

Uttar Pradesh में महिलाओं की कमाई बढ़ाने से लेकर किसान बच्चों की पढ़ाई तक, Yogi सरकार ने बढ़ाए अवसर

0
Delhi Police की सतर्कता से 5 राज्यों में टली साइबर ठगी, बुजुर्गों को डराकर करोड़ों रुपये वसूलने की कोशिश

Delhi Police की सतर्कता से 5 राज्यों में टली साइबर ठगी, बुजुर्गों को डराकर करोड़ों रुपये वसूलने की कोशिश

0
Bangladesh में पूर्व वायुसेना प्रमुख की संपत्तियों की जांच तेज, पत्नी और बच्चों के नाम पर भी संपत्ति का खुलासा

Bangladesh में पूर्व वायुसेना प्रमुख की संपत्तियों की जांच तेज, पत्नी और बच्चों के नाम पर भी संपत्ति का खुलासा

0
Canada के Alberta में आग की चपेट में आए सैनिक, 4 की मौत; 39 घायलों को चार अस्पतालों में कराया गया भर्ती

Canada के Alberta में आग की चपेट में आए सैनिक, 4 की मौत; 39 घायलों को चार अस्पतालों में कराया गया भर्ती

0
Uttar Pradesh में महिलाओं की कमाई बढ़ाने से लेकर किसान बच्चों की पढ़ाई तक, Yogi सरकार ने बढ़ाए अवसर

Uttar Pradesh में महिलाओं की कमाई बढ़ाने से लेकर किसान बच्चों की पढ़ाई तक, Yogi सरकार ने बढ़ाए अवसर

October 19, 2026
Delhi Police की सतर्कता से 5 राज्यों में टली साइबर ठगी, बुजुर्गों को डराकर करोड़ों रुपये वसूलने की कोशिश

Delhi Police की सतर्कता से 5 राज्यों में टली साइबर ठगी, बुजुर्गों को डराकर करोड़ों रुपये वसूलने की कोशिश

October 19, 2026
Bangladesh में पूर्व वायुसेना प्रमुख की संपत्तियों की जांच तेज, पत्नी और बच्चों के नाम पर भी संपत्ति का खुलासा

Bangladesh में पूर्व वायुसेना प्रमुख की संपत्तियों की जांच तेज, पत्नी और बच्चों के नाम पर भी संपत्ति का खुलासा

October 19, 2026
Canada के Alberta में आग की चपेट में आए सैनिक, 4 की मौत; 39 घायलों को चार अस्पतालों में कराया गया भर्ती

Canada के Alberta में आग की चपेट में आए सैनिक, 4 की मौत; 39 घायलों को चार अस्पतालों में कराया गया भर्ती

October 19, 2026

Recent News

Uttar Pradesh में महिलाओं की कमाई बढ़ाने से लेकर किसान बच्चों की पढ़ाई तक, Yogi सरकार ने बढ़ाए अवसर

Uttar Pradesh में महिलाओं की कमाई बढ़ाने से लेकर किसान बच्चों की पढ़ाई तक, Yogi सरकार ने बढ़ाए अवसर

October 19, 2026
Delhi Police की सतर्कता से 5 राज्यों में टली साइबर ठगी, बुजुर्गों को डराकर करोड़ों रुपये वसूलने की कोशिश

Delhi Police की सतर्कता से 5 राज्यों में टली साइबर ठगी, बुजुर्गों को डराकर करोड़ों रुपये वसूलने की कोशिश

October 19, 2026
Bangladesh में पूर्व वायुसेना प्रमुख की संपत्तियों की जांच तेज, पत्नी और बच्चों के नाम पर भी संपत्ति का खुलासा

Bangladesh में पूर्व वायुसेना प्रमुख की संपत्तियों की जांच तेज, पत्नी और बच्चों के नाम पर भी संपत्ति का खुलासा

October 19, 2026
Canada के Alberta में आग की चपेट में आए सैनिक, 4 की मौत; 39 घायलों को चार अस्पतालों में कराया गया भर्ती

Canada के Alberta में आग की चपेट में आए सैनिक, 4 की मौत; 39 घायलों को चार अस्पतालों में कराया गया भर्ती

October 19, 2026
Khari Kasauti Mobile Logo

Khari Kasauti is a Hindi News Portal managed by Khari Kasauti group of newspapers from Lucknow, Uttar Pradesh (India) 226001

Follow Us on Social Media

Browse by Category

  • Videos
  • अध्यात्म
  • अपराध
  • उत्तर प्रदेश
  • उत्तराखंड
  • कला-साहित्य
  • कैरियर
  • खरी कसौटी न्यूज
  • खरी कसौटी फिल्मस्
  • खाना-खजाना
  • खेल
  • गृह-चाल
  • ग्रंथो-से
  • ग्लैमरस दुनिया
  • चर्चा-में
  • जॉब
  • ज्ञान-विज्ञान
  • ज्योतिष
  • टेक्नोलॉजी
  • टेलीविजन
  • तीर्थाटन
  • दिल्ली
  • देश
  • धर्म-संसार
  • पर्यावरण
  • प्रादेशिकी
  • फैशन-सौंदर्य
  • बड़ी-बहस
  • बाजार
  • बिहार
  • बॉलीवुड गपसप
  • भ्रष्टाचार
  • मनोरंजन
  • मुद्दा
  • युवा-जगत
  • योग
  • रत्नों की शक्ति
  • वास्तु-शास्त्र
  • विचार
  • विदेश
  • विविध
  • वॉट्स एप्प से
  • शिक्षा
  • शुभ-मुहूर्त
  • समाचार
  • सियासत
  • सेहत
  • सैर सपाटा
  • हकीकत
  • हमारे-पर्व
  • हलचल

Recent News

Uttar Pradesh में महिलाओं की कमाई बढ़ाने से लेकर किसान बच्चों की पढ़ाई तक, Yogi सरकार ने बढ़ाए अवसर

Uttar Pradesh में महिलाओं की कमाई बढ़ाने से लेकर किसान बच्चों की पढ़ाई तक, Yogi सरकार ने बढ़ाए अवसर

October 19, 2026
Delhi Police की सतर्कता से 5 राज्यों में टली साइबर ठगी, बुजुर्गों को डराकर करोड़ों रुपये वसूलने की कोशिश

Delhi Police की सतर्कता से 5 राज्यों में टली साइबर ठगी, बुजुर्गों को डराकर करोड़ों रुपये वसूलने की कोशिश

October 19, 2026
  • About Us
  • Advertise with Us
  • Contact Us

© 2025 Khari Kasauti, All rights reserved - Managed by Khari Kasauti Team.

No Result
View All Result
  • समाचार
    • देश
    • विदेश
    • खेल
    • बाजार
  • प्रादेशिकी
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • दिल्ली
    • बिहार
  • युवा-जगत
    • कैरियर
    • जॉब
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • मनोरंजन
    • बॉलीवुड गपसप
    • ग्लैमरस दुनिया
    • टेलीविजन
  • विचार
    • कला-साहित्य
    • ज्ञान-विज्ञान
    • पर्यावरण
    • वॉट्स एप्प से
    • सेहत
  • धर्म-संसार
    • अध्यात्म
    • गृह-चाल
    • ग्रंथो-से
    • ज्योतिष
    • तीर्थाटन
    • योग
    • रत्नों की शक्ति
    • वास्तु-शास्त्र
    • शुभ-मुहूर्त
    • हमारे-पर्व
  • विविध
    • अपराध
    • भ्रष्टाचार
    • खाना-खजाना
    • फैशन-सौंदर्य
    • सैर सपाटा
  • हलचल
    • हकीकत
    • सियासत
    • मुद्दा
    • चर्चा-में
    • बड़ी-बहस
  • Videos
    • खरी कसौटी न्यूज
    • खरी कसौटी फिल्मस्
  • खरी कसौटी ई-पेपर

© 2025 Khari Kasauti, All rights reserved - Managed by Khari Kasauti Team.