अपने बयानों से चर्चा में रहने वाले आजम खां इन दिनों शांत हैं। सोमवार को कोर्ट पहुंचे आजम ने कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया। छजलैट प्रकरण से जुड़े केस में कोर्ट में सोमवार को पेश हुए सपा नेता ने इस बार कोई जवाब न देने का रुख अपनाया।
आजम के आने की खबर पर कचहरी परिसर में मीडिया का जमावड़ा लग गया। कोर्ट से बाहर निकले सपा नेता से सवाल पूछने चाहे तो वह कुछ नहीं बोले- मुंह व कान पर उंगली रखकर कुछ न बोलने का इशारा किया। इशारे के जरिए समझाया कि वह न कुछ बोल सकते है न उन्हें कुछ सुनाई देता है।
कोर्ट के बाहर निकलते ही पत्रकारों ने संघ प्रमुख मोहन भागवत के बयान पर राय जाननी चाही तो कान पर उंगली रख ली। पत्रकार उनसे सपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी से संबंधित सवाल पूछना चाहते थे पर मुंह पर उंगली रखकर चुप्पी साधकर सियासी संदेश दे दिया। कार में बैठने तक तमाम सवालों पर आजम खां की ना ही रहीं। इस दौरान सपा नेता शाने अली शानू, फिरोज खां, हाजी अनीसुद्दीन, कुलदीप तुरैहा, अशोक सैनी, कैसर कुद्दुसी, शुएब पाशा आदि रहे।
खामोश रहे आजम, कोर्ट में बयान देकर वापस लौटे
सोमवार को छजलैट केस में अवमानना मामले में कोर्ट में पेश हुए सपा नेता मोहम्मद आजम खां ने खामोशी बरतीं। पत्रकारों से बातचीत नहीं की। अदालत में बयान देने के बाद वापस रामपुर की ओर रवाना हो गए। आरोपी के बयान के बाद अब बचाव पक्ष के गवाहों के बयान होंगे। अदालत ने बयान के लिए बीस फरवरी निर्धारित की गई है। छजलैट प्रकरण में अदालत में हाजिर न होने पर आजम के खिलाफ अवमानना का मुकदमा दर्ज हुआ था। 2020 में छजलैट में दर्ज मुकदमे(174 ए) केस की आज सुनवाई थी। मुरादाबाद एमपी-एमएलए कोर्ट एसीजेएम-चार में सुनवाई चल रही है। सोमवार को आरेापी आजम कोर्ट पहुंचे। पुलिस सुरक्षा से घिरे आजम खां सीधे कोर्ट में दाखिल हुए। बयान में रिकॉर्ड कराए। कुछ देर बाद वापस लौटे आजम खां ने कुछ कहने से इंकार कर दिया। पत्रकारों ने कई सवाल पूछे मगर आजम खां कुछ न बोले।





































