‘छत से गिरी नहीं, बेरहमी से मारी गई दीपिका’… पोस्टमार्टम रिपोर्ट में तिल्ली फटी, सिर में थक्का और शरीर पर मिले बर्बरता के खौफनाक निशान
उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा से एक ऐसी दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। जलपुरा गांव में संदिग्ध परिस्थितियों में जान गंवाने वाली नवविवाहिता दीपिका नागर की पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने ससुराल पक्ष के दावों की धज्जियां उड़ा दी हैं। परिजनों का आरोप है कि महज चंद रुपयों और दहेज की भूख ने उनकी हंसती-खेलती बेटी को मौत की नींद सुला दिया, जबकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आई बर्बरता किसी रूह कंपा देने वाली कहानी से कम नहीं है।
- खौफनाक सच: पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दीपिका के शरीर पर मिले गहरे जख्म और चोट के निशान, भारी आघात (Blunt Force Trauma) की ओर कर रहे हैं इशारा।
- बर्बरता की हद: मृतका के सिर के अंदर खून का थक्का (Hematoma) जमा मिला और अंदरूनी अंगों में तिल्ली (Spleen) फटी हुई पाई गई।
- परिजनों का गंभीर आरोप: शादी के महज 8 महीने बाद ही दहेज के लिए प्रताड़ित करने और साजिश के तहत हत्या कर ‘छत से गिरने’ की झूठी कहानी रचने का आरोप।
- पुलिसिया तफ्तीश: ईकोटेक-3 थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर विसरा सुरक्षित किया; जहर की आशंका को लेकर फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया लैब।
- सुलगते सवाल: क्या यह वाकई महज एक हादसा है, या फिर बंद कमरे में रची गई दहेज हत्या की कोई खौफनाक साजिश?
जलपुरा गांव में कोहराम, शादी के 8 महीने बाद ही उजड़ गई दुनिया
उत्तर प्रदेश का हाईटेक शहर ग्रेटर नोएडा एक बार फिर ऑनर और दहेज उत्पीड़न के काले साए में घिर गया है। ईकोटेक-3 थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले जलपुरा गांव में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब 8 महीने पहले ब्याह कर आई दीपिका नागर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की खबर फैली। घटना के बाद से ही पूरे इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ है, वहीं मृतका के मायके पक्ष का रो-रोकर बुरा हाल है। पीड़िता के माता-पिता का रोना और न्याय की गुहार लगाना इस बात का गवाह है कि कैसे एक बेटी की डोली उठाने के कुछ ही महीनों बाद उसकी अर्थी उठानी पड़ गई।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा: ‘हादसा’ नहीं, शरीर पर मिला चोटों का जाल
ससुराल पक्ष ने शुरुआत में इस पूरी घटना को एक सामान्य दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की थी। उनका दावा था कि दीपिका छत से नीचे गिर गई, जिससे उसकी मौत हुई। हालांकि, जब डॉक्टरों के पैनल ने दीपिका के शव का पोस्टमार्टम किया, तो जो सच सामने आया उसने हर किसी के होश उड़ा दिए।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक, दीपिका के शरीर पर केवल एक या दो नहीं, बल्कि अनगिनत बाहरी और आंतरिक गंभीर चोटों के निशान मिले हैं। यह साफ संकेत है कि मौत से पहले दीपिका को अत्यधिक शारीरिक प्रताड़ना और क्रूरता का सामना करना पड़ा था।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुख्य और दहला देने वाले बिंदु:
- चेहरे और हाथों पर वार: दीपिका के दाहिने चेहरे पर करीब 12 सेंटीमीटर लंबी गहरी सूजन पाई गई है। इसके अलावा बाईं कोहनी और बाएं हाथ पर गहरे जख्म मिले हैं, जो किसी भारी वस्तु के प्रवार या संघर्ष को दर्शाते हैं।
- जांघ पर दबाव के निशान: रिपोर्ट में सबसे चौंकाने वाला खुलासा दाहिनी जांघ पर मिला 38 सेंटीमीटर लंबा गहरा नीला दबाव का निशान है। यह निशान इशारा करता है कि उसे किसी चीज से बेरहमी से दबाया या बांधा गया था।
- हड्डी तक पहुंचा घाव: मृतका के बाएं घुटने पर इतना गहरा घाव पाया गया है, जो सीधे उसकी हड्डी तक पहुंच गया था।
अंदरूनी अंगों की हालत देख डॉक्टर भी रह गए हैरान
इस हत्याकांड की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दीपिका के शरीर के अंदरूनी हिस्से पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुके थे। डॉक्टरों के मुताबिक, दीपिका के सिर के मध्य और बाईं ओर एक बड़ा ‘हेमेटोमा’ यानी खून का थक्का जमा हुआ था, जो सिर पर किसी बहुत भारी प्रहार के बाद ही संभव है।
इतना ही नहीं, अत्यधिक पिटाई या दबाव के कारण शरीर के अंदरूनी हिस्से में मौजूद तिल्ली (Spleen) पूरी तरह से फटी हुई पाई गई। पेट और कमर के निचले हिस्से में गहरे गोलाकार कंट्यूजन (नील के निशान) मिले हैं, जबकि अंदरूनी अंगों से भारी मात्रा में रक्तस्राव (Internal Bleeding) हुआ था। चौंकाने वाली बात यह भी रही कि जांच के दौरान दीपिका के दिल के चैम्बर पूरी तरह खाली पाए गए, जो अत्यधिक सदमे और अचानक आई मौत की स्थिति को बयां करते हैं।
‘छत से गिरने की झूठी कहानी रची’… मां ने बयां किया दर्द
दीपिका की मां सरोज नागर ने आईएएनएस से बातचीत करते हुए अपनी तड़प और ससुराल वालों की करतूतों को उजागर किया। उन्होंने रोते हुए बताया:
“परसों रात के करीब 1 बजे हमारे पास ससुराल वालों का फोन आया। उन्होंने बेहद ठंडे लहजे में कहा कि आपकी बेटी छत से गिर गई है। जब हमने घबराकर पूछा कि वह कैसे गिरी, उसे अस्पताल ले गए या नहीं, तो उनके पास कोई साफ जवाब नहीं था। वे लगातार बातें घुमा रहे थे।”
सरोज नागर ने आगे आरोप लगाया कि शादी के बाद से ही, यानी पिछले 8 महीनों से दीपिका को लगातार दहेज के लिए मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। उसे तंग किया जाता था और मायके से कीमती सामान और नकदी लाने का दबाव बनाया जाता था। परिजनों का सीधा आरोप है कि दीपिका छत से गिरी नहीं है, बल्कि उसकी बेरहमी से हत्या करने के बाद शव को नीचे फेंका गया या फिर गिरने का नाटक रचा गया।
विसरा सुरक्षित, पुलिस की थ्योरी और आगे की कार्रवाई
ग्रेटर नोएडा की ईकोटेक-3 थाना पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए फौरन तफ्तीश तेज कर दी है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने मामले को पूरी तरह से पलट दिया है। भारी आघात और अंदरूनी चोटों के कारण अब इस मामले को हत्या और दहेज उत्पीड़न की संगीन धाराओं के तहत देखा जा रहा है।
इसके साथ ही, डॉक्टरों ने दीपिका के शरीर से ‘विसरा’ को सुरक्षित रख लिया है। विसरा को रासायनिक परीक्षण और टॉक्सिकोलॉजी जांच के लिए लैब भेजा गया है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि मौत से पहले दीपिका को कोई नशीला या जहरीला पदार्थ तो नहीं दिया गया था। पुलिस अब ससुराल पक्ष के लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ करने की तैयारी में है।
ग्रेटर नोएडा का यह दीपिका नागर हत्याकांड केवल एक नवविवाहिता की मौत का मामला नहीं है, बल्कि यह हमारे समाज की उस सड़ी-गली सोच पर भी तमाचा है जहां आज भी बेटियां सुरक्षित नहीं हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट की कड़ियों और मायके पक्ष के बयानों को जोड़कर देखें, तो यह साफ है कि सच को छुपाने की पुरजोर कोशिश की गई थी। अब देखना यह होगा कि उत्तर प्रदेश पुलिस इस संवेदनशील मामले में कितनी मुस्तैदी से काम करती है और पीड़ित परिवार को कब तक इंसाफ मिल पाता है।





































