बिहार विधानसभा का बजट सत्र काफी हंगामेदार चल रहा है। मंगलवार को सदन की कार्यवाही के दौरान विपक्ष और सत्तापक्ष के विधायकों के बीच तीखी बहस हो गई। बीजेपी विधायक लखेंद्र रौशन पर माइक उखाड़ने का आरोप लगा है।
वहीं, नेता प्रतिपक्ष विजय सिन्हा ने इसे खारिज करते हुए कहा कि हमारा माइक भी ढीला रहता है। हमने भी पेंच कसवाए थे। साथ ही उन्ह्नो सत्ता पक्ष के विधायकों पर वेल में उतरकर गुंडागर्दी करने का आरोप लगाया है। सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों तरफ के विधायक वेल में उतर गए और हंगामा करने लगे। इसके बाद स्पीकर अवध बिहारी चौधरी ने सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी।
नेता प्रतिपक्ष विजय सिन्हा ने विधानसभा के बाहर मीडिया से बातचीत में आरोप लगाया कि दलित समाज से आने वाले विधायक लखेंद्र रौशन को सत्ता पक्ष के लोगों ने गाली दी। सिन्हा ने कहा, “BJP विधायक का माइक बंद करके आवाज दबाई गई। हमें धमकी और गाली देकर ये क्या संदेश देना चाहते हैं। क्या हम जनता की आवाज नहीं बोलें, जो प्रतिनिधि जनता का विश्वास लेकर आया है उसे दबाया जा रहा है।
दूसरी ओर, आरोप है कि जब बीजेपी विधायक लखेंद्र रौशन का माइक बंद हुआ, तब उन्होंने आवेश में आकर उसे उखाड़ दिया। हालांकि, विजय सिन्हा ने इन आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि सदन के अंदर किसी ने माइक नहीं तोड़ा है। माइक टूट नहीं सकता है, क्योंकि वो जॉइंट होता है। माइक तो ढीले रहते ही है। कसवाना पड़ता है। सरकार बहानेबाजी कर रही है। सत्ता पक्ष के लोगों के पास सदन चलाने की जिम्मेदारी होती है, वे लोग वेल में क्यों उतरकर आ गए। वे धमकी दे रहे हैं, आसन को इसे देखना चाहिए। यही गुंडाराज है। बीजेपी जंगलराज और गुंडाराज को हटाएगी।
वहीं, बीजेपी विधायक लखेंद्र रौशन ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्होंने आंगनबाड़ी सेविका का मानदेय बढ़ाने की मांग को लेकर सदन में सवाल किया था। इस बात को वह सदन में रख रहे थे, मंत्री इस पर जवाब भी दे रहे थे। तभी उनका माइक बंद कर दिया गया। हर विधायक को तीन पूरक प्रश्न पूछने का अधिकार है। मगर पूरक पूछने के दौरान ही उनका माइक बंद कर दिया गया था, जो गलत था।
बता दें कि तारांकित सवाल के दौरान विधायक लखेंद्र रौशन ने माइक उखाड़ा तो माले विधायक सत्यदेव राम की उनसे तीखी बहस हो गई। देखते ही देखते सत्तापक्ष के विधायक वेल में उतर गए। स्पीकर ने अनुशासन तोड़ने पर कारवाई की चेतावनी दी तो नेता प्रतिपक्ष समेत पूरा विपक्ष वेल में उतरकर धरने पर बैठ गया। हंगामा बढ़ता देख स्पीकर ने 11 बजकर 48 मिनट पर ही सदन की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।



































