बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव की अर्जी पर दिल्ली हाईकोर्ट में गुरुवार को सुनवाई हुई। लैंड फॉर जॉब मामले में तेजस्वी की ओर से सीबीआई द्वारा जारी समन पर रोक लगाने की मांग की गई।
इसका सीबीआई ने विरोध किया। दिल्ली हाईकोर्ट से तेजस्वी को राहत नहीं मिली है। अदालत ने उन्हें 25 फरवरी को सीबीआई के सामने पेश होने का निर्देश दिया है। हालांकि, तेजस्वी से पूछकर ही HC ने सीबीआई की पेशी की तारीख तय की है। साथ ही उनकी गिरफ्तारी का खतरा भी टल गया है।
तेजस्वी यादव के वकील ने दिल्ली हाईकोर्ट में गुरुवार को दलील दी कि बिहार विधानसभा के बजट सत्र के चलते डिप्टी सीएम पूछताछ के लिए नहीं आ सकते हैं। जब तक बजट सत्र चलेगा तब तक वे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश होंगे। बजट सत्र पूरा होने के बाद वे निजी तौर पर सीबीआई के सामने पेश हो जाएंगे। उन्होंने इस समन को नियमों के खिलाफ भी बताया।
इसके बाद सीबीआई की ओर से दलील दी गई कि शनिवार और रविवार को विधानसभा की कार्यवाही नहीं चलती है। ऐसे में तेजस्वी मार्च महीने के किसी भी शनिवार को सीबीआई दफ्तर में पेश हो सकते हैं। इसके बाद अदालत ने तेजस्वी से पूछकर 25 फरवरी शनिवार को सीबीआई अधिकारियों के सामने पेशी की तारीख मुकर्रर की।
सीबीआई बोली- तेजस्वी की गिरफ्तारी नहीं होगी
तेजस्वी की ओर से कोर्ट में दलील दी गई कि अगर वे सीबीआई के सामने पेश होते हैं तो जांच एजेंसी उन्हें तुरंत गिरफ्तार कर लेगी। हालांकि, सीबीआई ने कहा कि तेजस्वी यादव को गिरफ्तार करने की उनकी कोई प्लानिंग नहीं है। अभी सिर्फ कुछ दस्तावेज उन्हें दिखाने हैं, उनके आधार पर पूछताछ की जाएगी। इसलिए बुलाया गया है।
तीन बार सीबीआई के सामने पेश नहीं हुए तेजस्वी
रेलवे में कथित जमीन के बदले नौकरी देने के मामले में सीबीआई ने तेजस्वी यादव को तीन बार पूछताछ के लिए समन भेजा। मगर वे एक बार भी जांच एजेंसी के सामने पेश नहीं हुए। हाल ही में 14 मार्च को उन्हें सीबीआई ने पूछताछ के लिए बुलाया था, मगर पत्नी की तबीयत खराब होने का हवाला देते हुए उन्होंने समन से दूरी बना ली। इससे पहले 4 मार्च और 11 मार्च को भी वे सीबीआई अधिकारियों के सामने पूछताछ के लिए पेश नहीं हुए थे।



































