राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत ने नए जिलों की घोषणा कर चुनाव से पहले बीजेपी को तगड़ा झटका दिया है। गहलोत की इस घोषणा से चुनाव में कांग्रेस को सियासी लाभ मिलने के आसार है। कांग्रेस इसे चुनावी मुद्दा बनाकर बीजेपी को घेर सकती है।
गहलोत ने सीकर को संभाग बनाकर जाटलैंड को साधने की कोशिश की है। इसी प्रकार जोधपुर के फलौदी और जयपुर के शाहपुरा और कोटपूतली को नए जिला बनाने की घोषणा कर कांग्रेस की सीटों पर जीत सुनिश्चित करने की कोशिश की है। विधानसभा चुनाव 2018 में कांग्रेस को पूर्वी राजस्थान में बंपर जीत मिली थी। गहलोत ने गंगापुर सिटी और अलवर के खैरथल को जिला बनाकर चुनावी दांव खेला है। भिवाड़ी को जिला नहीं बनाने की घोषणा कर गहलोत ने चौंकाया है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि नए जिलों की घोषणा से सत्ता विरोधी लहर कम होगी। हालांकि, विभिन्न धड़ो में बंटे बीजेपी नेता सत्ता विरोधी लहर पैदा करने पर पूरी तरह सफल नहीं हो पाए है।
कांग्रेस को मिल सकता है चुनावी फायदा
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि गहलोत की घोषणा का चुनाव में फायदा मिलना तय माना जा रहा है। गहलोत के 19 नए जिलों की घोषणा का असर सीधे तौर पर 60 सीटों पर पड़ेगा। पूर्वी और मारवाड़ की सीटों पर कांग्रेस को फायदा मिल सकता है। जानकारों का कहना है कि गहलोत ने घोषण कर बीजेपी को बैकफुट पर ला दिया है। विभिन्न गुटों में बंटे बीजेपी के नेता गहलोत की गुगली में फंसते हुए दिखाई दे रहे हैं। गहलोत की घोषणा से प्रदेश में जिलों की संख्या बढ़कर 52 हो गई है। जबकि संभाग 10 हो गए है। पहले 33 जिले थे और 7 संभाग थे। बता दें राजस्थान में नए जिलों की संभावनाओं का पता लगाने के लिए सीएम अशोक गहलोत ने सेवानिवृत्त आईएएस रामलुभाया की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया है। हाल ही में सीएम ने कमेटी का कार्यकाल 6 महीने के लिए बढ़ा दिया है। कमेटी को नए जिलों के लिए 160 से ज्यादा प्रस्ताव मिले थे।
बीजेपी के वोटबैंक में सेंध
गहलोत ने नए जिलों की घोषणा कर बीजेपी के वोटबैंक में सेंध लगाने की कोशिश की है। अजमेर के केकड़ी और ब्यावर को जिला बनाकर गहलोत ने बीजेपी के बैकफुट पर ला दिया है। सीएम गहलोत की घोषणा का लाभ चुनाव में कांग्रेस को मिलता है या नहीं, यह देखना होगा। फिलहाल गहलोत ने चुनाव से पहले बीजेपी पर रणनीतिक बढ़त हासिल कर ली है। राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत ने विधानसभा में बजट बहस का जवाब देते हुए कहा कि प्रदेश में 6 हजार से ज्यादा मदरसा पैराटीचर्स की भर्ती होगी। इसके अलावा सीएम ने उज्जैन के महाकाल की तर्ज पर जयपुर के गोविंददेवजी मंदिर का विकास करवाने की घोषणा की है। इस पर 100 करोड़ रुपए का खर्च होगा। इसी तरह पुष्कर का भी विकास किया जाएगा। चुनावी साल में इस घोषणा को काफी अहम माना जा रहा है। त्रिुपरा सुंदरी, सांवलियाजी, खोले के हनुमानजी, तनोट मातेश्वरी, श्रीनाथजी, कैला देवी, वीर तेजा जी, एकलिंगजी जैसे प्रसिद्ध मंदिरों के विकास के लिए डीपीआर बनाई जाएगी।



































