अगले महीने (अप्रैल) पश्चिम बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु और केंद्रशासित प्रदेश पुदुचेरी में विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं। इन पांच राज्यों की मौजूदा विधानसभाओं में राजनीतिक हालात और भारतीय जनता पार्टी (BJP) की स्थिति एक-दूसरे से काफी अलग है। कहीं पार्टी पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में है, तो कहीं उसे अपनी पहली सीट की तलाश है। आइए जानते हैं इन 5 राज्यों का मौजूदा रिपोर्ट कार्ड:
- पश्चिम बंगाल (West Bengal): यहां बीजेपी मुख्य विपक्षी दल की भूमिका में है। 2021 के विधानसभा चुनाव में पार्टी ने 77 सीटें जीती थीं, लेकिन बगावत और उपचुनावों के बाद मौजूदा विधायकों की संख्या 64 रह गई है। सुवेंदु अधिकारी विपक्ष के नेता हैं। पार्टी यहां हिंदी भाषी मतदाताओं के बीच अपना प्रभाव बढ़ाने और जमीनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है।
- असम (Assam): इन पांच राज्यों में असम में बीजेपी की स्थिति सबसे मजबूत है। यहां मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में पार्टी सत्ता में है। 2021 में बीजेपी ने 60 सीटें जीती थीं, जो अब बढ़कर 64 हो गई हैं। कांग्रेस के कई बड़े नेताओं के बीजेपी में शामिल होने से विपक्ष कमजोर हुआ है और इसे NDA की बड़ी सफलता माना जा रहा है।
- केरल (Kerala): दक्षिण भारत के इस राज्य में LDF और UDF का वर्चस्व कायम है और यहां बीजेपी की स्थिति सबसे कमजोर है। 2021 के चुनाव में पार्टी का खाता भी नहीं खुल सका था (शून्य सीटें)। हालांकि, इस बार पार्टी मुख्यमंत्री पिनारायी विजयन की ‘धरमाडम’ सीट पर सीधा और कड़ा मुकाबला करने की तैयारी कर रही है।
- तमिलनाडु (Tamil Nadu): द्रविड़ पार्टियों (DMK और AIADMK) के दबदबे वाले तमिलनाडु में बीजेपी की मौजूदगी फिलहाल सीमित है। 2021 में AIADMK गठबंधन के साथ मिलकर पार्टी ने 4 सीटें जीती थीं। 2026 के इन चुनावों के लिए AIADMK ने बीजेपी को 27 सीटें दी हैं।
- पुदुचेरी (Puducherry): इस छोटे लेकिन अहम केंद्रशासित प्रदेश में बीजेपी NDA गठबंधन (AINRC के साथ) का हिस्सा है और सत्ता साझा कर रही है। 2021 में पार्टी ने 6 सीटें जीती थीं, जिनमें गृह मंत्री ए. नामसिवायम और स्पीकर आर. सेल्वम शामिल हैं। आगामी चुनावों के लिए बीजेपी ने 10 सीटों पर लड़ने की योजना बनाई है और 9 उम्मीदवारों की घोषणा भी कर दी है।



































